
UP Cabinet Meeting: उत्तर प्रदेश में मंगलवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 22 प्रस्तावों पर चर्चा के बाद मंजूरी दी गई। बैठक में शिक्षकों और कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने से लेकर मैनपुरी में सैनिक स्कूल के विस्तार के लिए मुफ्त जमीन उपलब्ध कराने तक कई अहम फैसले लिए गए। इसके अलावा पशुपालन को बढ़ावा देने, कंपनियों के विलय की रजिस्ट्रेशन व्यवस्था, नावों के पंजीकरण, हाईकोर्ट अधिकारियों के आवास और ग्रेटर नोएडा में रोबोटिक्स पार्क बनाने जैसे प्रस्ताव भी शामिल रहे। बैठक के बाद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह, स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री रविंद्र जायसवाल और परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने फैसलों की जानकारी दी।
पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए स्टेट लाइव स्टॉक मिशन

पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश में सबसे ज्यादा पशुधन वाला राज्य है, लेकिन इसके बावजूद पशुपालन के क्षेत्र में कम उत्पादन और बाजार की दिक्कतें जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। सरकार का मानना है कि पशुपालन के जरिए किसानों की आमदनी बढ़ाई जा सकती है। इसी दिशा में पहली बार देश में स्टेट लाइव स्टॉक मिशन का गठन किया गया है। इसका मकसद दूध उत्पादन बढ़ाना, पशुओं की नस्ल में सुधार करना और किसानों को बाजार उपलब्ध कराना है।
मंत्री ने बताया कि कृत्रिम गर्भाधान के जरिए गायों की नस्ल सुधारने और दूध उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। जरूरतमंद लोगों को मुर्गी पालन के लिए 100 चूजे मुफ्त देने की योजना भी मिशन का हिस्सा है। इसके अलावा गायों का बीमा कराया जाएगा, जिसमें बीमा प्रीमियम का 85 प्रतिशत खर्च सरकार उठाएगी, जबकि किसान को 15 प्रतिशत देना होगा। पशुपालन से जुड़ी योजनाओं में गाय पर 50 प्रतिशत सब्सिडी देने की भी बात कही गई है।
कंपनियों के मर्जर और डी-मर्जर का रजिस्ट्रेशन
स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री रविंद्र जायसवाल ने बताया कि कंपनियों के विलय यानी मर्जर और डी-मर्जर के पंजीकरण के लिए अब पंजीयन विभाग में व्यवस्था की जाएगी। इसके तहत कंपनी के शेयर मूल्य पर 0.50 प्रतिशत स्टाम्प शुल्क देना होगा। अभी तक इस तरह का पंजीकरण कंपनी सेक्रेटरी के स्तर पर होता था। स्पष्ट नीति न होने के कारण कई मामलों में कंपनी के विलय या विभाजन के दौरान पूरी कंपनी की वैल्यू पर टैक्स लगने की स्थिति बन जाती थी। सरकार इस प्रस्ताव को विधानसभा से पारित कराने के बाद भारत सरकार को भेजेगी।
यूपी में नाव और स्टीमर का होगा रजिस्ट्रेशन
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जलयान नियमावली को मंजूरी दे दी है। इसके तहत प्रदेश में नाव, स्टीमर और दूसरे जलयानों के संचालन और पंजीकरण के नियम तय होंगे। नावों को यांत्रिक और गैर-यांत्रिक श्रेणियों में बांटकर उनका रजिस्ट्रेशन किया जाएगा और शुल्क भी निर्धारित होगा। अलग-अलग यात्री क्षमता वाली नावों के लिए अलग शुल्क व्यवस्था रहेगी। गैर-यांत्रिक नाव के पंजीकरण के लिए 50 रुपये शुल्क तय किया गया है। साथ ही यात्रियों और नाविकों का बीमा कराने का भी प्रावधान रखा गया है।

प्रयागराज में हाईकोर्ट अधिकारियों के लिए बनेंगे 845 आवास

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि प्रयागराज में उच्च न्यायालय के क्लास वन और क्लास टू अधिकारियों के लिए 845 आवास बनाए जाएंगे। इन आवासों का निर्माण ईपीसी मोड पर कराया जाएगा। परियोजना पर करीब 543 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे अधिकारियों के लिए आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
मैनपुरी सैनिक स्कूल के विस्तार के लिए मुफ्त जमीन
कैबिनेट ने मैनपुरी में सैनिक स्कूल के विस्तार के लिए निःशुल्क जमीन उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इसके साथ ही सहकारिता विभाग के तहत झांसी में 30 हजार मीट्रिक टन और ललितपुर में 38 हजार मीट्रिक टन भंडारण क्षमता बढ़ाने से जुड़े भूमि संबंधी प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली। इन फैसलों से सैनिक स्कूल के विस्तार और कृषि भंडारण से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में काम आगे बढ़ सकेगा।
ग्रेटर नोएडा में बनेगा प्रगति रोबोटिक्स पार्क

सरकार ग्रेटर नोएडा में प्रगति रोबोटिक्स पार्क बनाने जा रही है। इसके लिए सरकार एक रुपये की लीज पर जमीन उपलब्ध कराएगी। आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के इस प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशंस के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी आईआईटी कानपुर को तीन साल के लिए सौंपने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगी। इस काम पर करीब 104 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
शिक्षा, पशुपालन और तकनीक को बढ़ावा देने की तैयारी
मंगलवार की बैठक में मंजूर प्रस्तावों से साफ है कि सरकार पशुपालन और कृषि भंडारण से लेकर आवास, परिवहन और आधुनिक तकनीक तक कई क्षेत्रों में सुविधाएं बढ़ाने की तैयारी कर रही है। शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा का प्रस्ताव भी बैठक के अहम फैसलों में शामिल रहा। इन योजनाओं का वास्तविक लाभ संबंधित नियमों, बजट और लागू करने की प्रक्रिया के आगे बढ़ने पर निर्भर करेगा।











