Lucknow Triple Murder: लखनऊ ट्रिपल मर्डर पर बवाल, एक करोड़ मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग

लखनऊ के सआदतगंज में पार्किंग विवाद के बाद हुई गोलीबारी में पिता, बेटे और भतीजे की मौत से परिजनों में आक्रोश है। तीनों शवों को घटनास्थल के पास रखकर प्रदर्शन किया गया। परिवार ने आरोपी के एनकाउंटर, बुलडोजर कार्रवाई, एक करोड़ रुपये मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग की। मामले में दो पुलिस अधिकारी निलंबित हुए हैं।

Lucknow Triple Murder

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 27, 2026

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Lucknow Triple Murder: लखनऊ के सआदतगंज में पार्किंग विवाद के बाद हुई गोलीबारी में पिता, बेटे और भतीजे की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। तीनों के शव घर पहुंचते ही परिजनों और स्थानीय लोगों ने घटनास्थल के पास प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिवार ने आरोपी के एनकाउंटर, उसके घर पर बुलडोजर चलाने, एक करोड़ रुपये मुआवजे और मृतक शिवा की बेटी को सरकारी नौकरी देने की मांग की। मामले में पुलिस ने दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।

लखनऊ ट्रिपल मर्डर: तीन शव पहुंचते ही भड़का गुस्सा

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सआदतगंज इलाके में पार्किंग विवाद के बाद हुई गोलीबारी में तीन लोगों की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। बुधवार को जैसे ही पिता, पुत्र और भतीजे के शव घर पहुंचे, परिवार के लोगों और पड़ोसियों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजन तीनों शवों को लेकर घटनास्थल के पास पहुंच गए और उन्हें वहीं रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।

लखनऊ ट्रिपल मर्डर: तीन शव पहुंचते ही भड़का गुस्सा

ब्राह्मणी टोला के नौबस्ता इलाके में हुए इस ट्रिपल मर्डर के बाद से ही परिवार में मातम पसरा है। अपनों को खोने के बाद परिजन आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान इलाके में तनाव का माहौल बना रहा और लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ भी नाराजगी जाहिर की।

आरोपी के घर पर बुलडोजर और एनकाउंटर की मांग

प्रदर्शन कर रहे परिजनों और स्थानीय लोगों ने आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाने और उसका एनकाउंटर करने की मांग उठाई। लोगों का कहना है कि तीन लोगों की जान जाने के मामले में ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए, जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। परिजनों ने पुलिस पर भी गंभीर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि पहले विवाद के दौरान पुलिस ने समय रहते उचित कदम नहीं उठाए। परिवार का कहना है कि अगर मामले को गंभीरता से लिया गया होता, तो शायद इतनी बड़ी घटना नहीं होती। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।

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लखनऊ ट्रिपल मर्डर केस में बड़ी कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त तरुण गाबा ने सआदतगंज थाना प्रभारी संतोष कुमार आर्य और कश्मीरी मोहल्ला चौकी प्रभारी अजय कुमार चौरसिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई तीन लोगों की हत्या की घटना के बाद की गई है।दो पुलिस अधिकारियों के निलंबन से साफ है कि मामले में पुलिस की भूमिका और शुरुआती कार्रवाई को लेकर उठ रहे सवालों को गंभीरता से लिया जा रहा है। हालांकि, अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की विस्तृत वजह और आगे की विभागीय जांच के बारे में उपलब्ध जानकारी के आधार पर ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जा सकता है।

पीड़ित परिवार की मांग

प्रदर्शन के दौरान पीड़ित परिवार ने आर्थिक मदद और रोजगार की मांग भी उठाई। परिजनों का कहना है कि मृतक शिवा की बेटी को सरकारी नौकरी दी जाए और परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा मिले, ताकि इस मुश्किल समय में उन्हें आर्थिक सहारा मिल सके।तीन लोगों की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजन आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ-साथ सरकार से मदद की उम्मीद लगाए बैठे हैं। शवों को घटनास्थल के पास रखकर किए गए प्रदर्शन के दौरान लोग अपनी मांगों पर अड़े रहे। परिवार का कहना है कि उन्हें सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि न्याय और ठोस कार्रवाई चाहिए।

वारदात में इस्तेमाल पिस्टल और चार खोखे बरामद

पुलिस के मुताबिक, गोलीबारी के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके पास से वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्टल और चार खाली कारतूस के खोखे बरामद किए गए हैं। आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।फिलहाल मामले में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है। पुलिस के सामने घटना के पूरे घटनाक्रम की जांच करने और संबंधित तथ्यों को स्पष्ट करने की जिम्मेदारी है। वहीं, पीड़ित परिवार की मांग है कि मामले में तेजी से कार्रवाई हो और उन्हें न्याय मिले।

न्याय की मांग पर अड़ा परिवार, इलाके में तनाव

सआदतगंज की इस घटना के बाद परिवार का आक्रोश और स्थानीय लोगों की नाराजगी सामने आई है। तीन शवों को रखकर प्रदर्शन, आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग और दो पुलिस अधिकारियों का निलंबन मामले को गंभीर बना रहा है। अब सभी की नजर आगे की पुलिस जांच, कानूनी कार्रवाई और पीड़ित परिवार की मांगों पर प्रशासन के रुख पर टिकी है।