Barkha Trehan: दिल्ली के हरि नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई इस शिकायत ने उन्नाव मामले को एक अलग दिशा दे दी है। एक्टिविस्ट बरखा त्रेहान ने आरोप लगाया है कि पीड़िता ने उनके खिलाफ सार्वजनिक रूप से अपमानजनक टिप्पणी की है। त्रेहान का दावा है कि पीड़िता ने न केवल उन्हें मानसिक ठेस पहुंचाई, बल्कि समाज में उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास भी किया है। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
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विवादित बयान का आरोप
बताते चले कि, बरखा त्रेहान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी व्यथा साझा करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने लिखा कि पीड़िता ने सार्वजनिक रूप से यह बयान दिया कि “मुझ जैसी महिलाओं का बलात्कार होना चाहिए।” त्रेहान के अनुसार, यह बयान न केवल उनकी सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि दूसरों को उनके विरुद्ध अपराध करने के लिए उकसाने जैसा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक महिला होने के नाते वह इस तरह की हिंसात्मक बयानबाजी को चुपचाप सहन नहीं करेंगी, क्योंकि कानून सबके लिए समान है।
कानूनी अधिकार और महिला आयोग की भूमिका
पुलिस स्टेशन पहुंचने से पहले बरखा त्रेहान ने राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) का दरवाजा भी खटखटाया था। उन्होंने बताया कि सुबह उन्होंने आयोग को टैग करते हुए अपनी सुरक्षा और अधिकारों की मांग की थी, लेकिन वहां से कोई जवाब न मिलने पर उन्हें अंततः पुलिस की शरण लेनी पड़ी। उन्होंने सवाल उठाया कि एक व्यक्ति जो खुद न्याय की गुहार लगा रहा है, वह किसी दूसरी महिला के खिलाफ बलात्कार जैसे जघन्य अपराध की वकालत कैसे कर सकता है? त्रेहान ने अपने मानवाधिकारों और व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है।
त्रेहान ने पीड़िता के दावों को दी चुनौती
इस पूरे विवाद की जड़ में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत का मुद्दा भी शामिल है। बरखा त्रेहान ने तर्क दिया कि सेंगर पहले ही 8 साल जेल में काट चुके हैं और अब उन्हें राजनीति से ऊपर उठकर जमानत दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पीड़िता का हिंसक व्यवहार और दूसरों के प्रति नफरत भरा बयान इस केस की वास्तविकता पर सवाल उठाता है। त्रेहान के अनुसार, यदि किसी ने वास्तव में दर्द सहा होता, तो वह किसी और के लिए वैसी स्थिति की कल्पना भी नहीं करता। उन्होंने पुलिस से पीड़िता से मिलने की अनुमति भी मांगी थी, जिसे सुरक्षा कारणों से अस्वीकार कर दिया गया।










