मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में जल जीवन मिशन बना ग्रामीण बदलाव का आधार

भोपाल  कभी पानी के लिए घंटों इंतजार, हैंडपंपों पर लंबी कतारें और दूर-दूर तक बर्तनों के साथ पानी की तलाश में जाती महिलाएं ग्राम कंधारी की पहचान हुआ करती थीं। गर्मी का मौसम आते ही गांव में पेयजल संकट और गहरा जाता था। कई परिवारों का पूरा दिन पानी की व्यवस्था करने में ही बीत जाता था। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती थी और महिलाओं की दिनचर्या ही बदल जाती थी। आज वही ग्राम कंधारी बदलती ग्रामीण तस्वीर का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है, जहां घर-घर पहुंचता शुद्ध पेयजल लोगों के जीवन में सहजता, सम्मान और विश्वास लेकर आया है।

Wrriten By :

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Published On :

मई 15, 2026

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भोपाल 

कभी पानी के लिए घंटों इंतजार, हैंडपंपों पर लंबी कतारें और दूर-दूर तक बर्तनों के साथ पानी की तलाश में जाती महिलाएं ग्राम कंधारी की पहचान हुआ करती थीं। गर्मी का मौसम आते ही गांव में पेयजल संकट और गहरा जाता था। कई परिवारों का पूरा दिन पानी की व्यवस्था करने में ही बीत जाता था। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती थी और महिलाओं की दिनचर्या ही बदल जाती थी। आज वही ग्राम कंधारी बदलती ग्रामीण तस्वीर का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है, जहां घर-घर पहुंचता शुद्ध पेयजल लोगों के जीवन में सहजता, सम्मान और विश्वास लेकर आया है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ग्रामीण अधोसंरचना को जनजीवन से जोड़ते हुए ऐसी योजनाओं को प्राथमिकता दे रही है, जिनका सीधा प्रभाव आम नागरिकों के जीवन पर दिखाई दे। जल जीवन मिशन अंतर्गत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा संचालित बसई समूह जल प्रदाय योजना ने दतिया जिले के ग्राम कंधारी सहित क्षेत्र के अनेक गांवों में इसी परिवर्तन को वास्तविक रूप दिया है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री  संपतिया उइके के सतत मार्गदर्शन और नियमित मॉनिटरिंग के कारण योजना का लाभ अंतिम छोर तक रहने वाले परिवारों तक पहुंच रहा है।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री  उइके ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में हर परिवार तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा योजनाओं की गुणवत्ता और नियमित संचालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि ग्रामीणों को दीर्घकालिक लाभ मिल सके। मंत्री  उइके ने कहा कि जल जीवन मिशन महिलाओं के जीवन में सबसे बड़ा सकारात्मक बदलाव लेकर आया है और इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य एवं स्वच्छता की स्थिति मजबूत हुई है।

बसई समूह जल प्रदाय योजना लगभग 52.26 करोड़ रूपये की लागत से विकसित की गई। योजना के माध्यम से दतिया एवं भांडेर क्षेत्र के 32 गांवों तक शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। योजना के क्रियान्वयन के बाद ग्राम कंधारी में हर घर नल कनेक्शन के जरिए नियमित जल आपूर्ति शुरू हुई, जिससे ग्रामीण जीवन की पूरी तस्वीर बदल गई।

करीब 352 परिवारों वाले ग्राम कंधारी में पहले पेयजल की समस्या सबसे बड़ी चुनौती थी। गांव में सीमित हैंडपंप होने के कारण लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता था। कई बार महिलाओं और बच्चों को दूरस्थ स्थानों तक जाकर पानी लाना पड़ता था। पानी की गुणवत्ता भी बेहतर नहीं थी, जिससे स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बनी रहती थीं। गांव के लोगों के लिए पानी केवल जरूरत नहीं, बल्कि रोजाना संघर्ष का विषय था।

योजना शुरू होने के बाद गांव में बड़ा सामाजिक बदलाव देखने को मिला। अब घरों तक शुद्ध पेयजल पहुंचने से महिलाओं को सबसे अधिक राहत मिली है। पहले जहां दिन का अधिकतम समय पानी जुटाने में निकल जाता था, वहीं अब वे परिवार और अन्य कार्यों के लिए पर्याप्त समय दे पा रही हैं। बच्चों को भी राहत मिली है और उनको पढ़ाई के लिए समय मिलने लगा है। गांव में स्वच्छता की स्थिति बेहतर हुई है तथा जलजनित बीमारियों में कमी आई है। ग्रामीणों के जीवन स्तर में यह बदलाव स्पष्ट रूप से महसूस किया जा रहा है।

ग्राम कंधारी की यह कहानी केवल एक गांव की कहानी नहीं, बल्कि उस बदलते मध्यप्रदेश की तस्वीर है, जहां विकास योजनाएं आंकड़ों से आगे बढ़कर लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन ला रही हैं। जल जीवन मिशन के माध्यम से गांवों तक पहुंच रहा शुद्ध पेयजल अब ग्रामीण सम्मान, स्वास्थ्य सुरक्षा और बेहतर भविष्य की नई पहचान बन चुका है।

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