Ukraine Drone Attack: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा सैन्य संघर्ष अब एक ऐसे विनाशकारी मोड़ पर पहुँच गया है, जहाँ भौगोलिक सीमाएँ बेमानी साबित हो रही हैं। हालिया घटनाक्रम में यूक्रेन ने रूसी क्षेत्र के काफी भीतर स्थित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और रणनीतिक औद्योगिक केंद्र पर ड्रोन के जरिए भीषण हमला किया है। यह हमला न केवल सैन्य क्षति के लिहाज से बड़ा है, बल्कि इसने रूसी एयर डिफेंस सिस्टम की क्षमता पर भी गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं। इस साहसिक सैन्य ऑपरेशन के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और सैन्य तनाव अपने चरम पर पहुँच गया है, जिससे वैश्विक स्तर पर शांति की रही-सही उम्मीदें और धूमिल हो गई हैं।
वोटकिंस्क मशीन बिल्डिंग प्लांट पर हमला: 11 लोग हुए घायल
यूक्रेनी ड्रोनों ने रूस के उदमुर्त गणराज्य में स्थित ‘वोटकिंस्क मशीन बिल्डिंग प्लांट’ को निशाना बनाया, जो रूसी रक्षा उद्योग की रीढ़ माना जाता है। स्थानीय स्वास्थ्य मंत्री सर्गेई बागिन द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस अचानक हुए हमले में कुल 11 कर्मचारी घायल हुए हैं। घायलों में से तीन की स्थिति अत्यंत नाजुक बताई जा रही है, जिन्हें जीवन रक्षक प्रणालियों के साथ निकटतम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह प्लांट रूसी सेना के लिए सामरिक हथियारों की आपूर्ति का सबसे बड़ा केंद्र है, और यहाँ हुआ हमला सीधे तौर पर रूस की सैन्य रसद को प्रभावित करने वाला कदम है।
मध्य रात्रि में धमाकों से दहला इलाका: हवाई अड्डा बंद
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय निवासियों के मुताबिक, रात के सन्नाटे में कम से कम तीन शक्तिशाली विस्फोटों की आवाजों ने पूरे क्षेत्र को हिला दिया। विस्फोट इतने तीव्र थे कि आसपास की इमारतों की खिड़कियों के कांच टूट गए और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। टेलीग्राम और अन्य सोशल मीडिया चैनलों पर साझा की गई तस्वीरों में फैक्ट्री परिसर से काले धुएं का विशाल गुबार उठता हुआ और क्षतिग्रस्त इमारतों का मलबा स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। सुरक्षा चिंताओं और संभावित और हमलों के मद्देनजर, इजेव्स्क शहर के मुख्य हवाई अड्डे का संचालन तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया और कई उड़ानों को डायवर्ट किया गया।
मिसाइल निर्माण का केंद्र: 1400 किमी की मारक क्षमता का प्रदर्शन
वोटकिंस्क प्लांट की अहमियत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यहाँ रूस की सबसे घातक इस्कंदर बैलिस्टिक मिसाइलें और परमाणु क्षमता से लैस इंटरकॉन्टिनेंटल मिसाइलों (ICBM) का निर्माण किया जाता है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह संयंत्र यूक्रेन की सीमा से लगभग 1400 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इतनी लंबी दूरी तय करके एक सुरक्षित सैन्य ठिकाने पर सटीक हमला करना यूक्रेन की बढ़ती तकनीकी और मारक क्षमता का प्रमाण है। रूसी विश्लेषकों के लिए यह चिंता का विषय है कि यूक्रेन के ड्रोन रूस के आंतरिक सुरक्षा घेरे को भेदकर इतने संवेदनशील स्थानों तक पहुँच रहे हैं।
रूस का पलटवार: ओडेसा पर 120 ड्रोनों की बौछार
अपने रक्षा संयंत्र पर हुए इस हमले से बौखलाए रूस ने यूक्रेन के तटीय शहर ओडेसा पर जबरदस्त जवाबी कार्रवाई की है। रूसी वायुसेना ने 120 ड्रोनों और एक शक्तिशाली बैलिस्टिक मिसाइल के जरिए ओडेसा के ऊर्जा बुनियादी ढांचे और नागरिक आवासीय क्षेत्रों को निशाना बनाया। इस भीषण बमबारी में दो नागरिकों के घायल होने और कई बहुमंजिला इमारतों के क्षतिग्रस्त होने की खबर है। हमले के कारण ओडेसा के बड़े हिस्से में बिजली और पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे कड़ाके की ठंड में आम लोगों का जीवन दूभर हो गया है।
डेटा लीक का डर और पुतिन का नया ‘इंटरनेट कानून’
इस बीच, रूस की सुरक्षा एजेंसी एफएसबी (FSB) ने एक सनसनीखेज दावा किया है कि टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग ऐप के जरिए रूसी सैनिकों और सैन्य ठिकानों का महत्वपूर्ण डेटा लीक होकर दुश्मन देशों तक पहुँच रहा है। इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा मानते हुए राष्ट्रपति पुतिन ने एक कठोर कानून को मंजूरी दे दी है। इस कानून के तहत रूसी सुरक्षा एजेंसियों के पास यह अधिकार होगा कि वे किसी भी क्षेत्र में संदेह होने पर मोबाइल ऑपरेटरों को इंटरनेट सेवा बंद करने का आदेश दे सकें। यह कदम विशेष रूप से उन संवेदनशील क्षेत्रों के लिए है जहाँ से डेटा लीक होने की आशंका जताई जा रही है।
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