उज्जैन में शिव-विवाह उत्सव की शुरुआत, बाबा महाकाल नौ स्वरूपों में देंगे दर्शन, तैयारियां अंतिम चरण में

उज्जैन  महाशिवरात्रि में कुछ ही दिन का समय शेष बचा है। लेकिन शिव और पार्वती के विवाह के इस त्योहार को लेकर उज्जैन के बाबा महाकाल मंदिर में तैयारियां अभी से शुरू हो चुकी हैं। मंदिर की दीवारों से लेकर शिखर पर रंग-रोगन किया जा रहा है। इसी के साथ 6 फरवरी से मंदिर में 9 दिनों तक चलने वाले उत्सव की शुरुआत होगी, जिसमें बाबा भक्तों को नौ अलग-अलग रूपों में दर्शन देंगे। बाबा महाकाल की नगरी में महाशिवरात्रि का त्योहार 9 दिन तक चलता है, जो 6 फरवरी से शुरू होगा और 15 फरवरी तक चलेगा, जिसमें रोजाना

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Published On :

फ़रवरी 3, 2026

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उज्जैन 

महाशिवरात्रि में कुछ ही दिन का समय शेष बचा है। लेकिन शिव और पार्वती के विवाह के इस त्योहार को लेकर उज्जैन के बाबा महाकाल मंदिर में तैयारियां अभी से शुरू हो चुकी हैं। मंदिर की दीवारों से लेकर शिखर पर रंग-रोगन किया जा रहा है। इसी के साथ 6 फरवरी से मंदिर में 9 दिनों तक चलने वाले उत्सव की शुरुआत होगी, जिसमें बाबा भक्तों को नौ अलग-अलग रूपों में दर्शन देंगे।

बाबा महाकाल की नगरी में महाशिवरात्रि का त्योहार 9 दिन तक चलता है, जो 6 फरवरी से शुरू होगा और 15 फरवरी तक चलेगा, जिसमें रोजाना भगवान का रुद्राभिषेक, 24 घंटे निराकार रूप में दर्शन और जलधारी, रात के समय स्नान और वस्त्र धारण का कार्यक्रम रहेगा। साथ ही अलग-अलग नौ विग्रहों की स्थापना और पूजा की जाएगी। ये नौ दिन भगवान की पूजा नवरात्रि के नौ दिनों जैसी होती है। भक्तों के लिए मंदिर भी खुले रहेंगे और भक्त बाबा महाकाल पर जलधारी अर्पित कर पाएंगे। महाकाल मंदिर के पुजारी पं महेश शर्मा ने बताया कि पहले दिन बाबा का दुशाला ओढ़ाकर श्रंगार होता है और फिर दूसरे दिन बाबा को शेषनाग धारण कराए जाते हैं।

तीसरे दिन घटाघटा स्थापित किया जाता है, जो शिवलिंग के समान ही होता है। चौथे दिन प्रभु के छवि दर्शन होते हैं और पांचवें दिन बाबा को मन-महेश, उमा महेश, शिव तांडव और होलकर के रूप में सजाया जाता है। इस वर्ष 15 फरवरी को होने वाली खास पूजा और अनुष्ठान पर पुजारी पं महेश शर्मा ने बताया कि 15 फरवरी को जलधारी के साथ चारों पहर की पूजा और आरती होगी और रात के समय स्नान के साथ बाबा को दूल्हे के रूप में श्रंगार कर सजाया जाएगा और रात को विशेष श्रंगार पूजा होगी, जिसे सेहरा दर्शन भी कहा जाता है। इस दौरान नौ दिनों तक मंदिर परिसर में भजन और कीर्तन का आयोजन होगा और भक्तों के आगमन के लिए तैयारियां की जा रही हैं क्योंकि महाशिवरात्रि के दिन मंदिर में भीड़ बढ़ जाती है। मंदिर में हो रही तैयारी पर उन्होंने कहा कि गर्भगृह की सफाई, मंदिर के कुंड़ों की सफाई और रंग-रोगन का काम शुरू हो चुका है, जिसे 6 फरवरी तक खत्म करने की कोशिश रहेगी।

अधिकारियों ने देखी व्यवस्था
महापर्व 2026 के अवसर पर ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर जी के दर्शन हेतु आने वाले श्रद्धालुओं की संभावित अत्यधिक संख्या को दृष्टिगत रखते हुए दर्शन व्यवस्था को सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं सुगम बनाए जाने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष रोशन कुमार सिंह द्वारा आज श्री महाकालेश्वर मंदिर परिक्षेत्र एवं श्री महाकाल लोक के आंतरिक एवं बाह्य क्षेत्रों का विस्तृत भ्रमण एवं निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान रोशन कुमार सिंह ने दर्शन मार्ग, श्रद्धालुओं की आवाजाही, सुरक्षा व्यवस्था, मूलभूत सुविधाओं तथा भीड़ प्रबंधन की व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। साथ ही मंदिर परिसर एवं श्री महाकाल लोक में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति का भी जायजा लिया गया तथा संबंधित निर्माण एजेंसियों को कार्यों को समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए, जिससे महापर्व के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इस अवसर पर मंदिर प्रशासक एवं अपर कलेक्टर प्रथम कौशिक, अतेंद्र सिंह एडीएम उज्जैन अभिलाष मिश्रा आयुक्त नगर पालिका निगम एवं संबंधित निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि, मंदिर अधिकारी एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

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