UGC-NET 2026: UGC-NET में बड़ा बदलाव, अंग्रेजी और कॉमर्स समेत 3 विषयों का री-एग्जाम घोषित

एनटीए ने यूजीसी नेट जून 2026 की परीक्षा में प्रश्नपत्रों की गंभीर खामियों के चलते अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र विषयों की परीक्षा रद्द कर दी है।

UGC-NET 2026

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अगस्त 16, 2026

UGC-NET 2026: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने यूजीसी नेट जून 2026 परीक्षा को लेकर एक बहुत बड़ा और अहम फैसला लिया है। परीक्षा में गड़बड़ियों और शिकायतों के बाद एनटीए ने अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र—इन तीनों प्रमुख विषयों की परीक्षा को रद्द कर दिया है और इन्हें दोबारा आयोजित करने का शेड्यूल जारी कर दिया है। एनटीए के इस कदम से उन लाखों परीक्षार्थियों को बड़ी राहत मिली है जो प्रश्नपत्र में मौजूद गलतियों की वजह से परेशान थे। राहत की बात यह है कि इन तीनों विषयों के अभ्यर्थियों से री-एग्जाम के लिए किसी भी तरह का कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं वसूला जाएगा।

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क्या है पूरा मामला और क्यों लिया गया यह फैसला?

आपको बता दें कि एनटीए ने यूजीसी नेट जून 2026 की परीक्षा का आयोजन देश भर में 22 जून से 30 जून 2026 के बीच कुल 87 विषयों के लिए किया था। यह परीक्षा देश भर में जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF), असिस्टेंट प्रोफेसर की पात्रता और विभिन्न विश्वविद्यालयों के पीएचडी (PhD) कार्यक्रमों में प्रवेश पाने के लिए आयोजित की जाती है।

परीक्षा संपन्न होने के बाद अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र विषय के प्रश्नपत्रों को लेकर एनटीए को बड़े पैमाने पर शिकायतें प्राप्त हुईं। अभ्यर्थियों और विषय विशेषज्ञों द्वारा उठाई गई आपत्तियों को गंभीरता से लेते हुए एनटीए ने तुरंत एक विशेष उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया। इस समिति ने जब प्रश्नपत्रों की गहराई से जांच की, तो उसमें चौंकाने वाली और गंभीर तथ्यात्मक, टाइपोग्राफिकल (मुद्रण संबंधी) और अनुवाद से जुड़ी कई बड़ी त्रुटियां पाई गईं।

प्रश्नपत्रों में मिलीं कौन-कौन सी गंभीर खामियां?

विशेषज्ञ समिति की जांच रिपोर्ट के अनुसार, इन तीनों विषयों के क्वेश्चन पेपर में कई तरह की लापरवाही देखने को मिली:

गलत नाम और शीर्षक: प्रश्नपत्रों में देश-दुनिया के प्रमुख और प्रतिष्ठित विद्वानों के नाम तक गलत तरीके से छापे गए थे, साथ ही प्रसिद्ध पुस्तकों के शीर्षकों (Book Titles) में भी भारी उलटफेर और विकृति पाई गई।

व्याकरण और शब्दावली की अशुद्धियां: कई प्रश्नों के मूल शब्दों (Wording) में गंभीर खामियां थीं। इसके अलावा व्याकरण, लिंग और वचन से जुड़ी कई ऐसी गलतियां थीं जो एक राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में नहीं होनी चाहिए।

अमानक शब्द और पुनरावृत्ति: स्थापित अकादमिक अवधारणाओं के लिए अजीब और गैर-मानक शब्द गढ़े गए थे। इसके साथ ही, पहले आयोजित हो चुकी पुरानी परीक्षाओं में पूछे जा चुके कई पुराने प्रश्नों की बेतरतीब पुनरावृत्ति (Repetition) भी देखने को मिली।

समिति ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि इस स्तर की बड़ी और बुनियादी खामियों को केवल ‘चैलेंज प्रक्रिया’ के जरिए कुछ प्रश्न हटाकर या मार्क्स एडजस्ट करके ठीक नहीं किया जा सकता। यही कारण है कि छात्रों के भविष्य के साथ न्याय करते हुए इन तीनों विषयों की परीक्षा को पूरी तरह रद्द करके दोबारा कराने का कड़ा निर्णय लिया गया है।

कब और किस शिफ्ट में होगी दोबारा परीक्षा? नया शेड्यूल जारी

एनटीए द्वारा घोषित नए परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार, री-एग्जाम की तारीखें और शिफ्ट इस प्रकार हैं:

अंग्रेजी (English): 9 सितंबर 2026, शिफ्ट-1 (समय: सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक)

कॉमर्स (Commerce): 9 सितंबर 2026, शिफ्ट-2 (समय: दोपहर 3:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक)

समाजशास्त्र (Sociology): 10 सितंबर 2026, शिफ्ट-1 (समय: सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक)

एनटीए ने कहा है कि इन परीक्षाओं के लिए नया परीक्षा शहर (Exam City), अलॉटेड परीक्षा केंद्र और एडमिट कार्ड से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियां बहुत जल्द आधिकारिक वेबसाइट पर अलग से जारी कर दी जाएंगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे लगातार यूजीसी नेट की ऑफिशियल वेबसाइट पर नजर बनाए रखें।