Asif Ali Jardari: हिंदुओं के मुद्दे पर जावेद अख्तर का बड़ा बयान, PAK राष्ट्रपति पर साधा निशाना

जावेद अख्तर ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जरदारी हमेशा उन चीजों के प्रति असंवेदनशील रहे हैं, जो 10 फीसदी से कम होती हैं।

Asif Ali Jardari

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अगस्त 16, 2026

Asif Ali Jardari: पड़ोसी देश पाकिस्तान से एक बार फिर अल्पसंख्यकों को लेकर बेहद गैर-जिम्मेदाराना बयान सामने आया है, जिस पर मशहूर स्क्रीनराइटर और गीतकार जावेद अख्तर ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने देश के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हिंदू अल्पसंख्यकों को लेकर एक विवादित बयान दिया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी कड़ी आलोचना हो रही है। जावेद अख्तर ने जरदारी के इस बयान पर करारा तंज कसते हुए उनकी पुरानी छवि और बयानों की जमकर धज्जियां उड़ाई हैं।

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क्या है पूरा विवाद? पाकिस्तानी राष्ट्रपति का विवादित बयान

यह पूरा मामला पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस यानी 14 अगस्त 2026 को आयोजित एक आधिकारिक कार्यक्रम के दौरान सामने आया। इस कार्यक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसमें पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी देश की बहुसंख्यक मुस्लिम आबादी और वहां रहने वाले हिंदू अल्पसंख्यकों के रिश्तों पर बात कर रहे थे।

वीडियो में जरदारी यह दावा करते नजर आए कि भारत का नजरिया और एजेंडा अलग है, वे ‘अखंड भारत’ में विश्वास रखते हैं। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि, ‘हम मुसलमान हैं, वे नहीं हैं, लेकिन हमारी मानसिकता ऐसी है कि हम पाकिस्तान में 3-4 प्रतिशत हिंदू जनसंख्या को बर्दाश्त करते हैं।’ उन्होंने यह भी कहा कि वे हिंदू नागरिक उतने ही आजाद हैं और वे भारत के मुकाबले पाकिस्तान में रहना पसंद करेंगे। राष्ट्रपति के मुंह से ‘बर्दाश्त करने’ (Tolerance) जैसे शब्दों के इस्तेमाल ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी कि क्या अल्पसंख्यकों का देश में रहना महज एक अहसान या मजबूरी है?

जावेद अख्तर का फूटा गुस्सा, ‘मिस्टर 10 परसेंट’ कहकर कसा तंज

पाकिस्तानी राष्ट्रपति के इस अहंकार भरे और असंवेदनशील बयान पर मशहूर गीतकार और लेखक जावेद अख्तर का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने शनिवार, 15 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक तीखा पोस्ट साझा किया। इस पोस्ट में उन्होंने जरदारी के बयान की जमकर आलोचना की और उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि और करप्शन के पुराने आरोपों पर भी जोरदार निशाना साधा।

जावेद अख्तर ने अपने तंज भरे अंदाज में लिखा कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, जो दिवंगत बेनजीर भुट्टो से शादी के बाद सुर्खियों और सत्ता में आए थे, अब यह बयान दे रहे हैं कि वे अपने देश में 3-4 प्रतिशत हिंदू आबादी को ‘बर्दाश्त’ करते हैं। अख्तर ने उनकी उस पुरानी छवि का जिक्र किया जिसके तहत उन्हें पाकिस्तान में भ्रष्टाचार के मामलों में ‘मिस्टर 10 परसेंट’ कहा जाता रहा है।

“जो 10 प्रतिशत से कम है, उसके प्रति आप हमेशा असंवेदनशील रहे हैं”

जावेद अख्तर ने अपने पोस्ट में आगे बहुत ही तीखा व्यंग्य करते हुए लिखा, ‘तो मिस्टर जरदारी, मैं पूरी तरह समझ सकता हूं कि आप हमेशा से हर उस चीज के प्रति असंवेदनशील रहे हैं, जो 10 प्रतिशत से कम होता है।’ उनका यह कटाक्ष सीधे तौर पर जरदारी पर लगे उन पुराने वित्तीय घोटालों और आरोपों की तरफ इशारा था, जहां परियोजनाओं में कमीशन खाने के किस्से जगजाहिर रहे हैं।

जावेद अख्तर के इस दो टूक और बेबाक जवाब की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है। यूजर्स का मानना है कि अल्पसंख्यकों को दोयम दर्जे का नागरिक समझकर उन्हें ‘बर्दाश्त’ करने की बात कहने वाले पाकिस्तानी नेतृत्व को ऐसा ही करारा आईना दिखाया जाना चाहिए, ताकि उन्हें समझ आ सके कि बुनियादी मानवाधिकार और समानता क्या होती है।

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