Uganda Tooro Kingdom : युगांडा के पारंपरिक तोरो साम्राज्य में मंगलवार को नए राजा का औपचारिक राज्यारोहण हुआ। खास बात यह रही कि नए राजा लंबे समय तक पत्रकारिता और प्रसारण क्षेत्र से जुड़े रहे हैं। पूर्व राजा की पिछले महीने मृत्यु के बाद उत्तराधिकार को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी। इसके बीच शाही वंश के बुजुर्गों ने योग्य राजकुमारों में से नए शासक का चयन किया।
एडवर्ड रुकिडी न्याबोंगो बने नए राजा
नए राजा ने राजगद्दी संभालने के लिए एडवर्ड रुकिडी न्याबोंगो नाम अपनाया है। वह शाही परिवार से ताल्लुक रखने वाले राजकुमार हैं और लंबे समय तक युगांडा ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन में प्रसारक तथा संपादक के तौर पर काम कर चुके हैं। राजा बनने से पहले उनका करियर मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में रहा, लेकिन अब उन्हें तोरो साम्राज्य की पारंपरिक जिम्मेदारी संभालनी होगी।

रातभर चले पारंपरिक अनुष्ठान
राज्यारोहण से पहले नए राजा ने पूरी रात चलने वाले कई पारंपरिक अनुष्ठानों में हिस्सा लिया। इन रस्मों के पूरा होने के बाद उन्हें महल ले जाया गया। मंगलवार को एक औपचारिक समारोह के दौरान उन्हें बड़ी संख्या में मौजूद अनुयायियों के सामने नए राजा के रूप में पेश किया गया। इस दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों और शाही परंपराओं का विशेष रूप से पालन किया गया।
पूर्व राजा ओयो की मौत के बाद उठा था सवाल
नए राजा का चयन पूर्व शासक राजा ओयो न्यिम्बा की अगस्त में हुई मृत्यु के बाद किया गया। राजा ओयो का निधन 34 वर्ष की उम्र में कैंसर से हुआ था। उनकी मृत्यु के बाद तोरो साम्राज्य में उत्तराधिकार को लेकर चर्चा शुरू हो गई थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार राजा ओयो का कोई ज्ञात उत्तराधिकारी नहीं था, जिसके कारण नए शासक के चयन की प्रक्रिया महत्वपूर्ण बन गई।

शाही वंश के बुजुर्गों ने किया चयन
न्याबोंगो उत्तराधिकार की कतार में सबसे ऊपर नहीं थे। इसके बावजूद शाही वंश बबीतो के बुजुर्गों ने योग्य राजकुमारों में से उनका चयन किया। इसके बाद पारंपरिक प्रक्रिया के तहत उन्हें राजा के रूप में स्थापित करने की तैयारियां की गईं। इस चयन के साथ तोरो साम्राज्य को नया पारंपरिक नेतृत्व मिल गया है।
फोर्ट पोर्टल में जुटे हजारों लोग
राज्याभिषेक समारोह पश्चिमी युगांडा के फोर्ट पोर्टल शहर में आयोजित किया गया। समारोह में हजारों लोग व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए। इसके अलावा इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का टेलीविजन के माध्यम से भी प्रसारण किया गया। फोर्ट पोर्टल कांगो की सीमा के नजदीक स्थित है और तोरो क्षेत्र के लिए इसका विशेष महत्व माना जाता है।

राष्ट्रपति मुसेवेनी भी समारोह में पहुंचे
राज्याभिषेक समारोह में युगांडा के राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी भी शामिल हुए। उन्होंने पारंपरिक नेताओं से स्थानीय भाषाओं को बढ़ावा देने का आग्रह किया। पारंपरिक राजशाहियों की वर्तमान भूमिका को देखते हुए स्थानीय संस्कृति, भाषा और परंपराओं के संरक्षण को महत्वपूर्ण माना जाता है। समारोह में शाही परंपरा और स्थानीय सांस्कृतिक पहचान की झलक भी देखने को मिली।
युगांडा में राजशाही पर कभी लगा था प्रतिबंध
युगांडा की पारंपरिक राजशाहियों का इतिहास राजनीतिक बदलावों से भी जुड़ा है। ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता मिलने के बाद 1960 के दशक में देश के गणतांत्रिक राष्ट्रपति ने पारंपरिक राजशाहियों पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके पीछे देश को एकजुट करने की नीति को प्रमुख कारण बताया गया था। हालांकि वर्ष 1993 में पारंपरिक राजशाहियों को दोबारा बहाल कर दिया गया।
पारंपरिक राजाओं के पास प्रशासनिक अधिकार नहीं
वर्तमान व्यवस्था में युगांडा के पारंपरिक शासकों के पास औपचारिक प्रशासनिक अधिकार नहीं हैं। उन्हें कानूनी रूप से दलीय राजनीति में शामिल होने से भी प्रतिबंधित किया गया है। इसके बावजूद वे अपने समुदायों के बीच प्रभावशाली भूमिका निभाते हैं। उन्हें स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक पहचान के संरक्षक के रूप में देखा जाता है।

तीन साल की उम्र में राजा बने थे ओयो
पूर्व राजा ओयो न्यिम्बा को वर्ष 1995 में उनके पिता की मृत्यु के बाद महज तीन साल की उम्र में राजा बनाया गया था। कम उम्र में राजगद्दी संभालने के कारण वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में रहे। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में नजर आने वाले ओयो को उनके लाखों अनुयायी पसंद करते थे। उन्हें कभी अनौपचारिक तौर पर दुनिया का सबसे कम उम्र का राजा भी कहा गया।
विश्व नेताओं के बीच भी आकर्षण का केंद्र रहे ओयो
राजा ओयो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में भी आकर्षण का केंद्र रहे। उनसे मिलने वाले कई विश्व नेताओं में दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला भी शामिल थे। अब ओयो की मृत्यु के बाद एडवर्ड रुकिडी न्याबोंगो ने तोरो साम्राज्य की पारंपरिक गद्दी संभाली है। उनके राज्यारोहण के साथ इस ऐतिहासिक राजशाही के नेतृत्व का नया अध्याय शुरू हुआ है।
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