CG Agniveer Reservation : छत्तीसगढ़ में अग्निवीरों के लिए बड़ा फैसला, सरकारी नौकरी का रास्ता हुआ आसान

छत्तीसगढ़ में अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरी का रास्ता खुल गया है। राज्य कैबिनेट ने तृतीय श्रेणी की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण मंजूर किया है। यह सुविधा पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी पदों पर मिलेगी। लेकिन इसका लाभ लेने के लिए चार साल की सेवा पूरी करना जरूरी होगा।

CG Agniveer Reservation

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 30, 2026

CG Agniveer Reservation : छत्तीसगढ़ में पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरी का रास्ता आसान होने जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रीपरिषद की बैठक में पूर्व अग्निवीर सैनिकों को राज्य की सिविल सेवाओं के तृतीय श्रेणी पदों पर 10 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला लिया गया। इस निर्णय से सेना में सेवा पूरी कर चुके युवाओं को राज्य सरकार की नौकरियों में अवसर मिलने की उम्मीद बढ़ी है।

तृतीय श्रेणी के पदों पर मिलेगा आरक्षण

कैबिनेट के फैसले के अनुसार, पूर्व अग्निवीरों के लिए तृतीय श्रेणी के सरकारी पदों में 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया जाएगा। इसका लाभ विशेष रूप से उन युवाओं को मिलेगा, जो अग्निवीर के तौर पर अपनी सेवा पूरी करने के बाद राज्य में सरकारी रोजगार की तलाश कर रहे हैं। सरकार ने इसके लिए भर्ती प्रक्रिया से जुड़े नियमों को भी मंजूरी दी है।

पुलिस, वन और जेल विभाग में मिलेगा लाभ

इस आरक्षण का लाभ पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी जैसे पदों की भर्ती में मिलेगा। यानी इन विभागों में होने वाली संबंधित भर्तियों में पात्र पूर्व अग्निवीरों के लिए निर्धारित आरक्षण लागू किया जा सकेगा। इससे सैन्य सेवा के दौरान हासिल अनुभव और प्रशिक्षण वाले युवाओं को राज्य की सेवाओं में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

भर्ती नियमों को कैबिनेट की मंजूरी

पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण देने के लिए कैबिनेट ने ‘छत्तीसगढ़ लोक सेवा पूर्व अग्निवीर सैनिक भर्ती नियम, 2026’ को मंजूरी प्रदान की है। इन नियमों में पूर्व अग्निवीरों की भर्ती और चयन प्रक्रिया से संबंधित प्रावधान शामिल किए गए हैं। साथ ही आरक्षण, नियुक्ति और सेवा शर्तों को लेकर भी व्यवस्था निर्धारित की गई है।नए नियम लागू होने के बाद पूर्व अग्निवीरों की सरकारी सेवाओं में नियुक्ति के लिए प्रक्रिया अधिक स्पष्ट होगी। भर्ती के दौरान आरक्षण के प्रावधान के साथ चयन और नियुक्ति से जुड़ी शर्तों को भी ध्यान में रखा जाएगा। सरकार के इस निर्णय का उद्देश्य पूर्व अग्निवीरों को सेवा समाप्त होने के बाद रोजगार के अतिरिक्त अवसर उपलब्ध कराना है।

विस्थापित गेस्ट लेक्चरर्स को भी राहत

कैबिनेट बैठक में राजकीय विश्वविद्यालयों के विस्थापित अतिथि व्याख्याताओं यानी गेस्ट लेक्चरर्स के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। सरकार ने ऐसे अतिथि व्याख्याताओं को उनके कार्यानुभव के आधार पर रिक्त पदों पर पुनर्नियोजन का अवसर देने का फैसला किया है। इससे लंबे समय से दोबारा काम मिलने की प्रतीक्षा कर रहे संबंधित शिक्षकों को राहत मिल सकती है।

कार्यदिवस के आधार पर मिलेगा मानदेय

अतिथि व्याख्याताओं के मानदेय निर्धारण की व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। अब कालखण्ड आधारित व्यवस्था के स्थान पर कार्य-दिवस आधारित मानदेय व्यवस्था लागू की जाएगी। यानी मानदेय का निर्धारण संबंधित अतिथि शैक्षणिक अमले द्वारा किए गए कार्य-दिवस के आधार पर किया जाएगा।

कार्यदायित्व और अवकाश के नियम होंगे स्पष्ट

नई व्यवस्था में अतिथि व्याख्याताओं और अन्य अतिथि शैक्षणिक अमले के कार्य-दायित्व, कार्य-अवधि और आकस्मिक अवकाश से संबंधित प्रावधानों को भी स्पष्ट किया गया है। इससे विश्वविद्यालयों में अतिथि शिक्षकों की सेवाओं से जुड़े नियमों में अधिक स्पष्टता आने की उम्मीद है। कैबिनेट के दोनों फैसलों से पूर्व अग्निवीरों और विस्थापित अतिथि शिक्षकों को रोजगार से जुड़े अवसर मिलेंगे।

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