Ram Raksha Andolan : उद्धव ठाकरे का राम रक्षा आंदोलन, 18 जुलाई को नागपुर में होगा आयोजन

महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया मोड़ आने की चर्चा है। उद्धव ठाकरे ने 18 जुलाई को नागपुर में 'राम रक्षा आंदोलन' आयोजित करने का ऐलान किया है। इस कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक हलकों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। आखिर इस आंदोलन का उद्देश्य क्या है और इससे किसे राजनीतिक संदेश जाएगा, जानिए पूरी कहानी।

Ram Raksha Andolan

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 16, 2026

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Ram Raksha Andolan : अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोपों के बीच, शिवसेना (यूबीटी) ने अब आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को नागपुर में आयोजित होने वाले ‘राम रक्षा आंदोलन’ में शामिल होने के लिए औपचारिक निमंत्रण भेजा है। शिवसेना (यूबीटी) का यह प्रदर्शन अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे की कथित चोरी और गबन के विरोध में आयोजित किया जा रहा है। गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना (यूबीटी) अध्यक्ष उद्धव ठाकरे स्वयं इस आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए मुख्यमंत्री फडणवीस के गृहनगर नागपुर पहुंच रहे हैं, जो इसे राजनीतिक रूप से और अधिक संवेदनशील बनाता है।

‘राम मंदिर में चोरी और डकैती का आरोप’

संजय राउत ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर सार्वजनिक किया है। इस पत्र में उन्होंने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस अक्सर सार्वजनिक मंचों से यह दावा करते रहे हैं कि उन्होंने राम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई थी। राउत ने आगे आरोप लगाया कि आज उसी राम मंदिर में चोरी, डकैती और धोखाधड़ी जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जो बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने दावा किया कि मंदिर के चढ़ावे में सैकड़ों करोड़ रुपयों का गबन किया गया है। राउत ने पत्र में इस बात का भी उल्लेख किया है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने भी अयोध्या में हुई इन कथित चोरियों पर अपनी गहरी चिंता और दुख व्यक्त किया है, जो इस मुद्दे की गंभीरता को दर्शाता है।

‘राम रक्षा’ का वास्तविक अभिप्राय और जन जागरूकता

संजय राउत ने मुख्यमंत्री को न्योता देते हुए ‘राम रक्षा’ अभियान के उद्देश्यों को भी स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) इस अभियान के माध्यम से जनता के बीच जाकर राम मंदिर से जुड़ी कथित लूट की सच्चाई साझा करना चाहती है। राउत के शब्दों में, ‘राम रक्षा’ का सीधा अर्थ है—’भगवान राम की रक्षा करना’। पार्टी का मानना है कि मंदिर प्रशासन और व्यवस्था में जो कमियां उजागर हुई हैं, उनके खिलाफ आवाज उठाना ही धर्म की सच्ची सेवा है। इस आंदोलन के जरिए उद्धव ठाकरे की पार्टी हिंदुत्व के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है, जिससे राज्य की राजनीति में राम मंदिर का मुद्दा फिर से केंद्र में आ गया है।

मामले की जांच और एसआईटी की कार्रवाई

उल्लेखनीय है कि राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी का यह मामला पिछले महीने प्रकाश में आया था, जिसने देश भर में हलचल मचा दी थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। एसआईटी द्वारा 23 जून को अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी। इस रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई और अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। हालांकि, विपक्ष का आरोप है कि बड़ी मछलियों को बचाया जा रहा है, और इसी कारण शिवसेना (यूबीटी) इस मुद्दे को लेकर सड़कों पर उतरकर सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति अपना रही है।

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