Dharmendra Pradhan Resignation: शिवसेना (उद्धव बाला साहब ठाकरे) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बेहद चौंकाने वाली और तंजभरी प्रतिक्रिया दी है। मुंबई में अपने चचेरे भाई और मनसे प्रमुख राज ठाकरे के साथ संयुक्त रूप से आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता के दौरान उद्धव ठाकरे ने प्रसिद्ध फिल्म ‘यशवंत’ का एक लोकप्रिय डायलॉग दोहराते हुए सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “एक मच्छर आदमी को…” और इसके जरिए यह दर्शाया कि कैसे एकजुट युवाओं और छोटे दिखने वाले संघर्ष ने सत्ता के अहंकार को हिलाकर रख दिया है।
सीजेपी चीफ अभिजीत दीपके और जेन-जी की सराहना
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके और देश भर के आंदोलनकारी युवाओं का तहेदिल से शुक्रिया अदा किया। उन्होंने अभिजीत दिपके को बधाई देते हुए कहा कि एकजुट हुए देश के युवाओं ने इस ‘अहंकारी’ सरकार को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह मामला केवल एक मंत्री के इस्तीफ़े तक सीमित नहीं था, बल्कि इन साहसी युवाओं ने पूरे देश को उस डर के साये और मानसिक दबाव से बाहर निकाला है, जो पिछले 12 वर्षों से लगातार लोगों पर थोपा जा रहा था।
राज ठाकरे का बड़ा ऐलान
इस संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने भी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने घोषणा की कि रविवार को मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में युवाओं और ‘जेन-जी’ (Gen-Z) को सम्मानित करने के लिए एक विशाल रैली का आयोजन किया जाएगा। राज ठाकरे ने कहा कि हम दोनों भाई हर उस छात्र से गुजारिश करते हैं जो इस विरोध-प्रदर्शन में शामिल थे कि वे अपनी इस महान जीत का जश्न मनाने के लिए कल शिवाजी पार्क जरूर पहुंचें। उन्होंने दो टूक कहा कि आज देश में किसान और छात्र आत्महत्या करने को मजबूर हैं, लेकिन संवेदनहीन सरकार जवाबदेह बनने को तैयार नहीं है।
पुलिस की कार्यशैली पर खड़े किए गंभीर सवाल
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने दिल्ली में छात्रों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई को लेकर तीखा सवाल उठाया। उन्होंने कड़े शब्दों में पूछा कि यदि कोई शिक्षक किसी छात्र पर हाथ उठाता है, तो कानून के तहत तुरंत उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है, तो फिर उन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए जिन्होंने दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे निदोष छात्रों को बेरहमी से पीटा? राज ठाकरे ने अंत में जोर देकर कहा कि यह पूरी तरह से देश के स्टूडेंट्स की जीत है, और वे तथा उद्धव ठाकरे हमेशा इन युवाओं के हक और न्याय की लड़ाई में उनके साथ चट्टान की तरह खड़े रहेंगे।










