U19 World Cup: अंडर-19 विश्व कप 2026 के एक महत्वपूर्ण मुकाबले में भारतीय युवा टीम ने अपना दबदबा कायम रखते हुए न्यूजीलैंड को करारी शिकस्त दी है। 24 जनवरी को खेले गए इस मैच में भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का साहसिक निर्णय लिया, जो पूरी तरह से टीम के पक्ष में रहा। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही कीवी बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा और उन्हें हाथ खोलने का कोई मौका नहीं दिया। इस शानदार जीत के साथ भारत ने टूर्नामेंट में अपनी लगातार तीसरी जीत दर्ज की है और सेमीफाइनल की ओर मजबूती से कदम बढ़ा दिए हैं। भारतीय खिलाड़ियों के इस प्रदर्शन ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे खिताब के प्रबल दावेदार क्यों हैं।
बारिश से बाधित मैच: कीवी टीम 135 रनों पर हुई ढेर
मैच के दौरान बारिश ने खलल डाला, जिसके कारण अंपायरों को मैच की अवधि घटाकर 37 ओवर प्रति पारी करनी पड़ी। पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित की गई न्यूजीलैंड की टीम भारतीय आक्रमण के सामने ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। पूरी कीवी टीम 36.2 ओवरों में महज 135 रन बनाकर पवेलियन लौट गई। न्यूजीलैंड का कोई भी शीर्ष क्रम का बल्लेबाज क्रीज पर टिकने का साहस नहीं दिखा सका। मध्यक्रम में विकेटकीपर मार्को विलियम अल्पे (29 रन) और कैलम सैमसन (37 रन) ने थोड़े संघर्ष का परिचय दिया, लेकिन वे स्कोर को चुनौतीपूर्ण बनाने में नाकाम रहे। जैकब कॉटर ने भी 23 रनों का योगदान दिया, लेकिन भारतीय गेंदबाजों की सटीक लाइन-लेंथ के सामने उनकी पारी भी धीमी रही।
गेंदबाजी में चमके अंबरीश और हेनिल: घातक स्पेल से तोड़ी कमर
भारत की ओर से जीत की नींव गेंदबाजों ने रखी। तेज गेंदबाज आरएस अंबरीश ने अपनी धारदार गेंदबाजी से न्यूजीलैंड के बल्लेबाजी क्रम को तहस-नहस कर दिया। अंबरीश ने अपने कोटे के 8 ओवरों में मात्र 29 रन देकर 4 महत्वपूर्ण विकेट झटके। उनका साथ हेनिल पटेल ने बखूबी निभाया, जिन्होंने 7.2 ओवरों में 23 रन खर्च कर 3 कीवी बल्लेबाजों को अपना शिकार बनाया। इन दोनों की जुगलबंदी ने न्यूजीलैंड को छोटे स्कोर पर रोकने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई। भारतीय क्षेत्ररक्षकों ने भी गेंदबाजों का पूरा साथ दिया, जिससे कीवी टीम के लिए एक-एक रन बनाना दूभर हो गया था।
म्हात्रे और सूर्यवंशी का तांडव: चौकों-छक्कों की बरसात से मिली जीत
136 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को हालांकि पहला झटका जल्द लग गया जब आरोन जॉर्ज मात्र 7 रन बनाकर आउट हो गए। लेकिन इसके बाद मैदान पर वैभव सूर्यवंशी और कप्तान आयुष म्हात्रे का तूफान आया। वैभव सूर्यवंशी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए 23 गेंदों में 40 रनों की धुआंधार पारी खेली, जिसमें 2 चौके और 3 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। वहीं, कप्तान आयुष म्हात्रे ने मोर्चे से नेतृत्व करते हुए विपक्षी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं। म्हात्रे ने मात्र 27 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और 53 रनों की नाबाद पारी खेली। उनकी इस पारी में 6 छक्के और 2 चौके दर्ज थे। दूसरे विकेट के लिए दोनों के बीच हुई 75 रनों की साझेदारी ने मैच को पूरी तरह एकतरफा बना दिया।
पॉइंट्स टेबल में टॉप पर भारत: चैंपियन बनने की ओर बढ़ते कदम
भारत ने यह लक्ष्य मात्र 13.3 ओवरों में ही हासिल कर लिया, जिससे उनके नेट रन रेट में भी जबरदस्त उछाल आया है। महज 81 गेंदों में मैच खत्म करना भारतीय टीम की ताकत को दर्शाता है। इस विशाल जीत के बाद भारतीय टीम ग्रुप में शीर्ष पर बनी हुई है। टीम का संतुलन, विशेषकर शीर्ष क्रम की बल्लेबाजी और शुरुआती ओवरों की गेंदबाजी, अन्य टीमों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। यदि भारतीय युवा ब्रिगेड इसी लय को बरकरार रखती है, तो उन्हें 2026 के इस विश्व कप को जीतने से रोकना किसी भी टीम के लिए बेहद मुश्किल होगा।
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