NH-244 पर बनेंगी दो नई सुरंगें, कश्मीर-जम्मू संपर्क होगा मजबूत

नई दिल्ली  केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जम्मू-कश्मीर में नेशनल हाईवे ( NH-244 ) पर दो महत्वपूर्ण सुरंग परियोजनाओं और उनसे जुड़ी संपर्क सड़कों के निर्माण की मंजूरी दे दी है। केंद्रीय कैबिनेट ने यह मंजूरी शुक्रवार को बैठक में दी। करीब 9,800 करोड़ रुपये की लागत वाली इन परियोजनाओं का उद्देश्य कश्मीर घाटी और जम्मू क्षेत्र के बीच हर मौसम में बेहतर संपर्क सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही चेनाब घाटी तक पहुंच भी आसान होगी। इन परियोजनाओं में अनंतनाग-चेनानी कॉरिडोर पर सिंहपोरा-वैलू सुरंग और सुधमहादेव-द्रंगा सुरंग शामिल हैं। इनके पूरा होने से डोडा, किश्तवाड़ और उधमपुर जिलों की सड़क कनेक्टिविटी

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Published On :

अगस्त 2, 2026

नई दिल्ली
 केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जम्मू-कश्मीर में नेशनल हाईवे ( NH-244 ) पर दो महत्वपूर्ण सुरंग परियोजनाओं और उनसे जुड़ी संपर्क सड़कों के निर्माण की मंजूरी दे दी है। केंद्रीय कैबिनेट ने यह मंजूरी शुक्रवार को बैठक में दी। करीब 9,800 करोड़ रुपये की लागत वाली इन परियोजनाओं का उद्देश्य कश्मीर घाटी और जम्मू क्षेत्र के बीच हर मौसम में बेहतर संपर्क सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही चेनाब घाटी तक पहुंच भी आसान होगी।

इन परियोजनाओं में अनंतनाग-चेनानी कॉरिडोर पर सिंहपोरा-वैलू सुरंग और सुधमहादेव-द्रंगा सुरंग शामिल हैं। इनके पूरा होने से डोडा, किश्तवाड़ और उधमपुर जिलों की सड़क कनेक्टिविटी मजबूत होगी और यात्रा का समय भी कम हो जाएगा।

केंद्र सरकार दोनों परियोजनाओं को करेगी फंड
जानकारी के मुताबिक, करीब 39 किलोमीटर लंबे सिंहपोरा-वैलू मार्ग पर 10 किलोमीटर लंबी एकतरफा दोहरी सुरंग बनाई जाएगी। जबकि 13 किलोमीटर लंबे सुधमहादेव-द्रंगा खंड पर 8 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण होगा। इन दोनों परियोजनाओं को पूरी तरह केंद्र सरकार फंड करेगी और इन्हें अगले पांच वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

आसान हो जाएगा रास्ता
अधिकारियों के अनुसार, इन सुरंगों के निर्माण से एनएच-244 के उन कठिन इलाकों से बचा जा सकेगा, जहां खराब मौसम और भारी बर्फबारी के कारण अक्सर यातायात बाधित हो जाता है। परियोजनाएं पूरी होने के बाद यात्रियों, पर्यटकों और माल ढुलाई के लिए सुरक्षित तथा तेज परिवहन व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी। इसके अलावा दूरदराज के इलाकों तक पूरे साल पहुंच सुनिश्चित होने से क्षेत्र के आर्थिक और पर्यटन विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

परियोजनाओं के पूरा होने के बाद जम्मू-कश्मीर में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बूस्ट मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। बेहतर सड़क नेटवर्क से कृषि उत्पादों, आवश्यक वस्तुओं और अन्य माल की आवाजाही आसान होगी।