परिवहन मंत्री के निर्देश पर कानपुर नगर के 02 एआरटीओ निलंबित, आरटीओ को कारण बताओ नोटिस जारी

परिवहन मंत्री के निर्देश पर कानपुर नगर के 02 एआरटीओ निलंबित, आरटीओ को कारण बताओ नोटिस जारी अनियमितता पर परिवहन कार्यालय के दो लिपिक सहित 15 व्यक्तियों के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज  वरिष्ठ सहायक मधुर मिश्रा एवं विपिन कुमार के विरूद्ध खुली सतर्कता जांच लखनऊ उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह के निर्देश पर शासन नेे परिवहन विभाग के 02 एआरटीओ और 01 आरटीओ को कार्मिकों द्वारा बरती गयी अनियमितताओं में संलिप्तता, कार्यालय में विफल पर्यवेक्षण, अधीनस्थों पर शिथिल नियंत्रण, शासनादेशों/उच्चादेशों की अवहेलना किये जाने पर प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए सख्त कार्यवाही की है। इसमें

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सितम्बर 2, 2026

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परिवहन मंत्री के निर्देश पर कानपुर नगर के 02 एआरटीओ निलंबित, आरटीओ को कारण बताओ नोटिस जारी

अनियमितता पर परिवहन कार्यालय के दो लिपिक सहित 15 व्यक्तियों के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज 

वरिष्ठ सहायक मधुर मिश्रा एवं विपिन कुमार के विरूद्ध खुली सतर्कता जांच

लखनऊ

उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह के निर्देश पर शासन नेे परिवहन विभाग के 02 एआरटीओ और 01 आरटीओ को कार्मिकों द्वारा बरती गयी अनियमितताओं में संलिप्तता, कार्यालय में विफल पर्यवेक्षण, अधीनस्थों पर शिथिल नियंत्रण, शासनादेशों/उच्चादेशों की अवहेलना किये जाने पर प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए सख्त कार्यवाही की है। इसमें कानपुर नगर के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) तृतीय दल, श्रीमती सोमलता यादव एवं सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) आलोक कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और कानपुर नगर के ही संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन), राकेन्द्र सिंह को 15 दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये हैं। 
संबंधित प्रकरण में प्राप्त शिकायतों का संज्ञान लेकर जिलाधिकारी कानपुर ने अपर पुलिस उपायुक्त एवं ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी कानपुर नगर द्वारा संभागीय/सहायक परिवहन कार्यालय कानपुर नगर का औचक निरीक्षण कराया गया। निरीक्षण के दौरान वहां पर उपस्थित लगभग 50 व्यक्तियों से पूछताछ की गयी, जिसमें 11 संदिग्ध व्यक्ति चिन्हित हुए जो कि आवेदकों से गाड़ियों का पंजीकरण कराने एवं ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के नाम पर धोखाधड़ी करके अवैध धन उगाही कर रहे थे। इन व्यक्तियों के पास से 43,485 रूपये नगद भी बरामद किया गया था। इस मामले में परिवहन कार्यालय के दो लिपिक मधुर मिश्रा एवं विपिन कुमार की भी संलिप्तता पाई गयी। इस प्रकार मौके पर कुल 15 व्यक्तियों के विरूद्ध जिला प्रशासन द्वारा थाना काकादेव कानपुर नगर में प्रथम सूचना रिपोर्ट भी दर्ज करा दी गयी। निरीक्षण के दौरान यह तथ्य भी सामने आया वाहन संख्या यूपी 91 एटी 4251 (ट्रक) के चालक द्वारा अवगत कराया गया कि संभागीय परिवहन कार्यालय कानपुर नगर के कार्मिक द्वारा 26,750 रूपये की धनराशि उससे ली गयी और उसे मात्र 21,750 रूपये की जमा पर्ची उपलब्ध कराई गयी। जांच में उपलब्ध कैश के मिलान में भी उक्त अनियमितता पायी गई। संबंधित प्रकरण की निरीक्षण रिपोर्ट जिलाधिकारी द्वारा परिवहन आयुक्त कार्यालय को भी प्रेषित की गयी थी।
परिवहन मंत्री ने कहा कि अधीनस्थ कार्यालयों में अधिकृत व्यक्तियों द्वारा कार्य न लिये जाने के संबंध में शासन एवं मुख्यालय स्तर से समय-समय पर दिशा निर्देश दिये जाने के बावजूद संभागीय/सहायक परिवहन कार्यालय कानपुर नगर में अनधिकृत व्यक्तियों द्वारा कार्यालय के अधिकारियों/कर्मचारियों की मिलीभगत से कार्य किया जाना, उनके साथ पैसों का अवैध लेन देन किया जाना, इस बात का दोतक है कि उक्त कार्यालय में कार्यों का निस्तारण अवैध तरीके से किया जा रहा है जो कि उक्त पर्यवेक्षणीय अधिकारियों की शिथिलता का परिचायक है। उन्हांेने सख्त निर्देश दिये हैं कि परिवहन विभाग में किसी भी स्तर पर कार्यों में शिथिलता एवं लोगों के साथ धोखाधड़ी होना बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई की जायेगी।
निलम्बन की अवधि में श्रीमती सोमलता यादव एवं आलोक कुमार मुख्यालय से संबद्ध रहेंगे तथा उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। इस मामले में शासन द्वारा उप परिवहन आयुक्त (परिक्षेत्र) वाराणसी को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
परिवहन मंत्री के निर्देश पर परिवहन आयुक्त द्वारा जिलाधिकारी कानपुर द्वारा प्रेषित पत्र के आधार पर उक्त प्रकरण में संलिप्त कार्मिकों विपिन कुमार एवं मधुर मिश्रा वरिष्ठ सहायक को उ0प्र0 सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली-1956 में वर्णित प्रावधानों के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से 27 अगस्त को ही निलंबित कर दिया गया। साथ ही उक्त कार्मिकों के विरूद्ध खुली सतर्कता जांच भी विभाग द्वारा कराया जा रहा है। जांच प्रकरण में पाया गया कि विपिन कुमार द्वारा एवं मधुर मिश्रा द्वारा चालान रसीद में अंकित धनराशि के सापेक्ष क्रमशः 7000 रूपये तथा 15,000 रूपये कम पाये गये।
सम्पर्क सूत्र- आशीष सिंह

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