Twisha Sharma CBI Entry : ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने कड़ा रुख अपनाते हुए जांच पूरी तरह अपने हाथों में ले ली है। सीबीआई ने कल भोपाल पुलिस से इस केस को टेकओवर करते हुए एक नई एफआईआर (FIR) दर्ज की। कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए सीबीआई की टीम कल रात ट्विशा के पति समर्थ सिंह को उनके आवास पर ले गई, जहां मौत के समय के घटनाक्रम को समझने के लिए क्राइम सीन का रीक्रिएशन किया गया।
केंद्रीय एजेंसी अब भोपाल पुलिस द्वारा समर्थ से की गई पूछताछ के दौरान दिए गए बयानों की गहनता से पड़ताल कर रही है। इन दावों की सच्चाई परखने के लिए व्हाट्सएप (WhatsApp) चैट, मेडिकल फाइल्स, डिजिटल साक्ष्य और परिवार के बयानों को खंगाला जा रहा है, ताकि सच सामने आ सके।
पति समर्थ सिंह और सेवानिवृत्त जज सास गिरिबाला सिंह पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज
सीबीआई ने सोमवार को कार्रवाई शुरू करते हुए भोपाल पुलिस की पुरानी एफआईआर को आधार बनाकर नए सिरे से मामला दर्ज किया है। इस एफआईआर में मृतका ट्विशा के पति समर्थ सिंह और उनकी मां यानी रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया है। सीबीआई की स्पेशल क्राइम यूनिट की एक विशेष टीम भोपाल पहुंचकर स्थानीय पुलिस के अब तक के सभी केस रिकॉर्ड, गवाहों के बयान, पोस्टमार्टम व मेडिकल दस्तावेज अपने कब्जे में ले चुकी है।
शुरुआती जांच में मिले अहम सबूतों के आधार पर इस मामले को दहेज प्रताड़ना और दहेज हत्या (Dowry Death) की गंभीर धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। सीबीआई की इस नई प्राथमिकी में विशेष जांच दल (SIT) के प्रमुख रजनीश कश्यप कौल को मुख्य शिकायतकर्ता बनाया गया है।
शादी के महज कुछ ही महीनों बाद रिश्ते में आई कड़वाहट और विवादों की असल वजह क्या?
सीबीआई के कमान संभालने से ठीक पहले भोपाल पुलिस ने आरोपी समर्थ सिंह से तीन दिनों के भीतर लगभग 10 घंटों तक कड़ी पूछताछ की थी। पूछताछ के दौरान समर्थ ने यह स्वीकार किया कि शादी के कुछ समय बाद ही दोनों के वैवाहिक जीवन में परेशानियां आनी शुरू हो गई थीं, लेकिन उसने ट्विशा के साथ किसी भी प्रकार की शारीरिक हिंसा या मारपीट करने से साफ इनकार किया।
समर्थ का दावा है कि मार्च तक उनके संबंध काफी हद तक सामान्य थे, परंतु ट्विशा के भाई की शादी संपन्न होने के बाद दोनों के बीच मानसिक तनाव अत्यधिक बढ़ गया। जांच अधिकारी अब समर्थ और ट्विशा की पहली मुलाकात, शादी से पहले उनके संबंधों की अवधि और शादी के कुछ ही महीनों बाद आई इस गहरी दरार के वास्तविक कारणों का पता लगा रहे हैं। साथ ही यह भी जांचा जा रहा है कि ट्विशा किन हालातों में मायके गई थी।
प्रेग्नेंसी, अबॉर्शन और व्हाट्सएप चैट के विरोधाभास ने उलझाया ट्विशा मौत का मामला
इस पूरे मामले का सबसे संवेदनशील और पेचीदा पहलू ट्विशा की प्रेग्नेंसी और उसके बाद हुए अबॉर्शन (गर्भपात) से जुड़ा हुआ है। समर्थ ने पुलिस को दिए बयान में दावा किया था कि वह पिता बनना चाहता था, लेकिन ट्विशा मानसिक रूप से बच्चे के लिए तैयार नहीं थी, जिसके बाद डॉक्टरों की सलाह पर दोनों ने आपसी सहमति से गर्भपात कराया था। हालांकि, जांच में मिले व्हाट्सएप संदेशों ने समर्थ के इस दावे की हवा निकाल दी है।
सूत्रों के मुताबिक, चैट से पता चलता है कि समर्थ ने खुद ट्विशा के गर्भधारण पर संदेह व्यक्त किया था और अजन्मे बच्चे के पिता होने पर सवाल उठाए थे। वहीं ट्विशा के मायके वालों का आरोप है कि गर्भधारण के दौरान खड़ी की गई समस्याओं के बाद ही ट्विशा को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर दवाइयां देना शुरू किया गया, जिससे उसका वजन 15 किलो तक घट गया था।
मेंटल हेल्थ ट्रीटमेंट, बाइपोलर डिसऑर्डर के दावे और भारी मात्रा में नींद की गोलियों का सच
जांच का एक और मुख्य केंद्र बिंदु ट्विशा का मानसिक स्वास्थ्य और उसका इलाज है। समर्थ ने पुलिस के सामने दावा किया था कि ट्विशा ‘बाइपोलर डिसऑर्डर’ और बाद में ‘एडजस्टमेंट डिसऑर्डर’ से पीड़ित थी, जिसके कारण उसके व्यवहार में अचानक हिंसक और अप्रत्याशित बदलाव आते थे। उसने ट्विशा को जबरन नींद की गोलियां देने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि डॉक्टरों ने तनाव कम करने के लिए ये दवाएं दी थीं।
सीबीआई अब इस बात की कड़ाई से जांच करेगी कि क्या यह मानसिक उपचार चिकित्सकीय रूप से सही था? क्या इसके लिए ट्विशा के परिवार को सूचित किया गया था और क्या शादी के चंद महीनों के भीतर ही एक नई-नवेली दुल्हन को ऐसे भारी डिप्रेशन और मनोचिकित्सक की जरूरत क्यों पड़ गई?
आरोपी के फोन से डिलीट की गई चैट और सबूतों को मिटाने की टेक्निकल जांच तेज
तकनीकी जांच के दौरान पुलिस सूत्रों ने खुलासा किया है कि आरोपी समर्थ के मोबाइल फोन से ट्विशा और उसके परिजनों के साथ की गई कई महत्वपूर्ण चैट लॉग्स को जानबूझकर डिलीट कर दिया गया था। सीबीआई की तकनीकी टीम अब इन डिलीट किए गए डेटा और संदेशों को रिकवर करने का प्रयास कर रही है। ये चैट केस को सुलझाने में बेहद निर्णायक साबित हो सकती हैं, क्योंकि ट्विशा ने कथित तौर पर अपने माता-पिता को बताया था कि उसे ससुराल वालों की तरफ से नौकरी छोड़ने के लिए विवश किया गया था और उसे ऑनलाइन काम करने की भी आजादी नहीं थी। हालांकि समर्थ का कहना है कि ट्विशा ने अपनी मर्जी से इस्तीफा दिया था और घटना वाले दिन दोनों सामान्य रूप से जिम और वॉक पर गए थे, जिसकी पुष्टि के लिए सीबीआई अब सीसीटीवी फुटेज और फोन लोकेशन खंगाल रही है।
घरेलू झगड़ों में सास गिरिबाला सिंह की भूमिका पर भी सीबीआई की पैनी नजर
ट्विशा शर्मा डेथ मिस्ट्री में समर्थ की मां और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की भूमिका भी लगातार संदिग्ध बनी हुई है। पूछताछ में समर्थ ने बताया कि उसकी मां अक्सर उन दोनों के बीच होने वाले विवादों और घरेलू झगड़ों को सुलझाने के लिए मध्यस्थता करती थीं। इसके उलट, ट्विशा के करीबियों और डायरी के अंशों से यह संकेत मिलते हैं कि ट्विशा अपनी सास के व्यवहार से काफी परेशान थी।
उसका मानना था कि वैवाहिक जीवन के झगड़ों और तनाव के दौरान उसकी सास कभी निष्पक्ष नहीं रहीं, बल्कि एक पूर्व जज होने के बावजूद वह हमेशा अपने बेटे समर्थ का ही अनुचित पक्ष लेती थीं और ट्विशा पर मानसिक दबाव बनाती थीं। सीबीआई अब सास की इस भूमिका और प्रताड़ना के एंगल को भी अपनी तफ्तीश के दायरे में रखकर आगे बढ़ रही है।
Read More : पंजाब चुनाव में विवाद! फरीदकोट में जवानों को रोकने के आरोप से गरमाई सियासत










