Delhi Bulldozer Action: दिल्ली नगर निगम (MCD) ने पुरानी दिल्ली के तुर्कमान गेट क्षेत्र में स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए प्रशासन ने करीब 30 बुलडोजरों की मदद से मस्जिद के निकट अवैध रूप से निर्मित दवाखाने और बारात घर को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। यह पूरी प्रक्रिया रात के अंधेरे में कड़ी सुरक्षा और कर्फ्यू जैसे हालातों के बीच पूरी की गई। कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया और हंगामा किया, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
Delhi Violence: दरगाह के पास क्यों हुआ बवाल? जानें अतिक्रमण विवाद की पूरी सच्चाई
सीसीटीवी और ड्रोन से उपद्रवियों की पहचान
बताते चले कि, बुलडोजर एक्शन के दौरान हुए हिंसक विरोध के बाद, आज सुबह दिल्ली पुलिस ने उपद्रवियों की धरपकड़ शुरू कर दी है। पुलिस प्रशासन ने CCTV फुटेज, ड्रोन कैमरों और बॉडी-वॉर्न कैमरों से प्राप्त लगभग 100 वीडियो क्लिप्स का विश्लेषण कर पत्थरबाजों की शिनाख्त की है। इस हिंसा के सिलसिले में अब तक करीब 10 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, हालांकि प्राथमिक रिपोर्ट (FIR) फिलहाल अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
इलाके में पसरा सन्नाटा और सुरक्षा घेरा
आज सुबह तुर्कमान गेट के बाजारों और गलियों का दृश्य बेहद भयावह था। चारों तरफ ईंट-पत्थर बिखरे पड़े हैं और गलियां पूरी तरह सुनसान हैं। बीती रात हुई पत्थरबाजी में 5 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सड़कों पर गिरे हुए वाहन और आंसू गैस के गोले (Tear gas canisters) रात के संघर्ष की गवाही दे रहे हैं। एहतियात के तौर पर पूरे इलाके को बैरिकेड्स लगाकर सील कर दिया गया है और दिल्ली पुलिस के साथ-साथ पैरा मिलिट्री फोर्स और वज्र वाहनों की तैनाती की गई है।
अवैध निर्माण के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का विवरण
सेंट्रल रेंज के जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस मधुर वर्मा के अनुसार, रामलीला मैदान के सर्वे के दौरान इस अवैध निर्माण का खुलासा हुआ था। मस्जिद के पास बने दवाखाने और बारात घर को लेकर नगर निगम ने दिल्ली हाई कोर्ट से अनुमति प्राप्त की थी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई से पूर्व स्थानीय निवासियों और संबंधित पक्षों को चेतावनी दी गई थी और जगह खाली करने का पर्याप्त समय दिया गया था। आदेश की अवहेलना होने पर ही पुलिस बल की मौजूदगी में इस ध्वस्तीकरण अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया गया।










