UP Politics: सहारनपुर मस्जिद पर बुलडोजर एक्शन से गरमाई सियासत, ओवैसी पर साक्षी महाराज का पलटवार

सहारनपुर मस्जिद बुलडोजर कार्रवाई को लेकर यूपी की सियासत गरमा गई है। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए योगी सरकार को घेरा। जवाब में बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ने ओवैसी पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया और कार्रवाई का समर्थन किया। दोनों नेताओं के बयान से विवाद और तेज हो गया है।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

सितम्बर 6, 2026

UP Politics: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में मस्जिद पर हुई बुलडोजर कार्रवाई के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कार्रवाई को लेकर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने योगी सरकार पर सवाल उठाए, तो बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ने उनके बयान पर पलटवार किया। साक्षी महाराज ने मस्जिद पर हुई कार्रवाई का समर्थन करते हुए ओवैसी पर तुष्टिकरण की राजनीति और राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया।

ओवैसी के बयान पर BJP सांसद साक्षी महाराज का पलटवार

मीडिया से बातचीत के दौरान बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ने असदुद्दीन ओवैसी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ओवैसी राष्ट्रवाद की बात नहीं करते और पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर बयान देते रहते हैं। साक्षी महाराज ने आरोप लगाया कि ओवैसी तुष्टिकरण की राजनीति को ध्यान में रखकर ऐसे बयान देते हैं। बीजेपी सांसद ने अपने बयान में ओवैसी की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके बयान राजनीतिक एजेंडे से प्रभावित होते हैं। सहारनपुर मस्जिद पर कार्रवाई को लेकर दोनों नेताओं के बयानों के बाद विवाद और राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।

‘भारत में मुसलमान जितना सुरक्षित, कहीं नहीं’

सहारनपुर मस्जिद कार्रवाई को लेकर ओवैसी के हिंदू-मुस्लिम वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए साक्षी महाराज ने कहा कि देश में हिंदू बनाम मुसलमान जैसी स्थिति नहीं है। उन्होंने हिंदू धर्म की ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ वाली भावना का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में मुसलमान जितना सुरक्षित है, उतना दुनिया के किसी देश में नहीं है। साक्षी महाराज ने आगे कहा कि भारत में मुसलमानों को जितना सम्मान मिलता है, उतना कहीं और नहीं मिलता। इसी दौरान उन्होंने अपने अंदाज में ओवैसी पर तंज कसते हुए कहा कि अगर सूरज निकलने के बाद भी किसी को दिखाई नहीं देता, तो उसका इलाज उनके पास नहीं है।

ओवैसी ने सहारनपुर मस्जिद कार्रवाई पर उठाए सवाल

इससे पहले असदुद्दीन ओवैसी ने सहारनपुर में हुई मस्जिद की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए थे। ओवैसी का दावा है कि संबंधित मस्जिद 1911 या उससे पहले से मौजूद थी और वहां लगातार नमाज पढ़ी जाती रही है। उन्होंने कहा कि मस्जिद के लिए एक मुस्लिम व्यक्ति ने अपनी जमीन दी थी और लंबे समय से वहां धार्मिक गतिविधियां होती रही हैं।

ओवैसी ने दावा किया कि कुछ महीने पहले कलेक्टर की ओर से आदेश जारी किया गया था, जिसमें मस्जिद को मस्जिद नहीं मानते हुए उसे हटाने की बात कही गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि इस मामले को उच्च न्यायालय में ले जाने का इंतजार क्यों नहीं किया गया।

‘सुबह 5 बजे कार्रवाई क्यों हुई?’

एआईएमआईएम प्रमुख ने कार्रवाई के समय को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि सुबह करीब 5 बजे मस्जिद को गिराने की कार्रवाई की गई और कहा कि इससे यह संदेश जाता है कि मामला उच्च न्यायालय तक पहुंचने से पहले ही कार्रवाई कर दी गई। ओवैसी ने योगी सरकार पर संवैधानिक व्यवस्था और अदालत के प्रति भरोसा नहीं रखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों पर इस तरह की कार्रवाई से देश में गलत संदेश जा रहा है। हालांकि, ये सभी दावे ओवैसी के राजनीतिक बयान हैं।

मस्जिद कार्रवाई पर कानून और संविधान को लेकर आमने-सामने BJP-AIMIM

सहारनपुर मस्जिद विवाद अब सिर्फ स्थानीय कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा है। बीजेपी और एआईएमआईएम के बीच इसे लेकर सीधा राजनीतिक टकराव दिखाई दे रहा है। एक तरफ साक्षी महाराज कार्रवाई को सही ठहराते हुए ओवैसी की राजनीति पर सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी तरफ ओवैसी इसे संवैधानिक अधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता से जोड़कर सरकार पर निशाना साध रहे हैं।

सहारनपुर मस्जिद विवाद में आगे क्या?

सहारनपुर में मस्जिद पर बुलडोजर कार्रवाई के बाद सामने आए इन बयानों ने यूपी की सियासत में नया विवाद खड़ा कर दिया है। ओवैसी और साक्षी महाराज के बीच जुबानी जंग ने मामले को राजनीतिक रंग दे दिया है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर आगे कोई कानूनी या राजनीतिक कदम उठता है या नहीं।