Delhi Turkman Gate Bulldozer Action: राजधानी के ऐतिहासिक तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध अतिक्रमण के खिलाफ की गई बड़ी कार्रवाई के बाद आज स्थिति नियंत्रण में है। प्रशासन ने न केवल अवैध ढांचों को जमींदोज कर दिया है, बल्कि वहां से मलबा भी पूरी तरह हटा लिया गया है। हालांकि, क्षेत्र में तनाव को देखते हुए एहतियातन कड़े सुरक्षा घेरे बनाए गए हैं।
Turkman Gate Violence: 30 और दंगाइयों की पहचान, सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी को पुलिस समन
सुरक्षा व्यवस्था का कड़ा पहरा
बताते चले कि, इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा-163 लागू कर दी गई है। इस प्रतिबंधात्मक आदेश के चलते तुर्कमान गेट के आसपास के सभी प्रमुख बाजार आज भी बंद रहे। जुमे की नमाज को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं। आज आम जनता को फैज-ए-इलाही मस्जिद के भीतर प्रवेश करने और नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी गई है। दिल्ली पुलिस और अन्य केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए हाई अलर्ट पर हैं।
चप्पे-चप्पे पर अर्धसैनिक बलों की मुस्तैदी
पूरे तुर्कमान गेट और आसपास के मोहल्लों को सुरक्षा घेरे में लेकर एक ‘किले’ में तब्दील कर दिया गया है। रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की डेल्टा/103 बटालियन के जवानों ने गलियों में गश्त तेज कर दी है। हर नुक्कड़ पर दंगा नियंत्रण वाहन ‘वज्र’ के साथ सुरक्षाकर्मी मुस्तैद हैं। पुलिस ने शांति समिति (पीस कमेटी) और स्थानीय धर्मगुरुओं के साथ समन्वय स्थापित कर लोगों से अपील की है कि वे अमन-चैन बनाए रखने के लिए जुमे की नमाज अपने घर के पास की स्थानीय मस्जिदों में ही पढ़ें। साथ ही, सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की अफवाह को रोकने के लिए डिजिटल निगरानी बढ़ा दी गई है।
क्या था पूरा विवाद?
इस मामले ने मंगलवार देर रात उस समय तूल पकड़ लिया जब एमसीडी (MCD) का दस्ता बुलडोजर लेकर अवैध निर्माण हटाने पहुंचा। कार्रवाई शुरू होते ही बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन करने लगे। देखते ही देखते स्थिति बिगड़ गई और देर रात करीब 1:23 बजे पुलिस बल पर भारी पत्थरबाजी शुरू हो गई। लगभग 10 मिनट तक चले इस बवाल और अफरा-तफरी के बाद पुलिस ने अतिरिक्त बल का प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ा और स्थिति पर काबू पाया। इसी हिंसक घटना के बाद से पूरे इलाके में सुरक्षा घेरा सख्त कर दिया गया है।
39 हजार वर्ग मीटर जमीन पर था अवैध कब्जा
गौरतलब है कि यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश के अनुपालन में की गई है, जो बीते 12 नवंबर को सुनाया गया था। ‘सेव इंडिया फाउंडेशन’ द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने मस्जिद से सटे निर्माण को पूरी तरह अवैध माना था। कोर्ट ने दिल्ली नगर निगम को आदेश दिया था कि मस्जिद के आसपास की लगभग 39,000 वर्ग मीटर जमीन से तीन महीने के भीतर अतिक्रमण हटाया जाए। इसी न्यायिक आदेश को लागू करने के लिए प्रशासन ने यह बड़ा कदम उठाया है।








