TTD Laddu Row: तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के श्रीवारी लड्डू प्रसादम में इस्तेमाल होने वाले घी की मिलावट के मामले में CBI के नेतृत्व वाली स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने बड़ी कार्रवाई की है। लगभग 15 महीने तक चली गहन जांच के बाद नेल्लोर स्थित ACB कोर्ट में फाइनल चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। इस चार्जशीट में कुल 36 मुख्य आरोपियों को नामजद किया गया है।चार्जशीट के अनुसार, उत्तराखंड की भोले बाबा ऑर्गेनिक डेयरी के डायरेक्टर पोमिल जैन और विपिन जैन को इस घोटाले का मुख्य आरोपी बनाया गया है। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने पाम तेल और केमिकल एडिटिव्स की मदद से नकली घी तैयार कर उसे शुद्ध घी बताकर TTD की सप्लाई चेन में भेजा।
TTD के पूर्व अधिकारी भी आरोपियों की सूची में
इस मामले में TTD के रिटायर्ड जनरल मैनेजर (प्रोक्योरमेंट) और मूल शिकायतकर्ता प्रलय कावेरी मुरली कृष्णा को भी आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा, पूर्व TTD चेयरमैन वाई. वी. सुब्बा रेड्डी के पर्सनल असिस्टेंट चिन्ना अप्पन्ना और पूर्व प्रोक्योरमेंट जनरल मैनेजर RSSVR सुब्रमण्यम का नाम भी चार्जशीट में शामिल है, जिन पर सप्लायर्स से मिलीभगत का आरोप है।चार्जशीट में वैष्णवी डेयरी के CEO अपूर्वा विनायकंत चावड़ा, AR डेयरी के MD आर. राजशेखरन और दिल्ली के व्यापारी अजय कुमार सुगंध को भी आरोपी बनाया गया है। अजय कुमार पर नकली घी तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले केमिकल्स की सप्लाई करने का गंभीर आरोप है।
राज्य SIT से CBI तक पहुंची जांच
शुरुआत में इस मामले की जांच राज्य स्तर की SIT कर रही थी। हालांकि, बाद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर इसे CBI के नेतृत्व वाली SIT को सौंप दिया गया। जांच का दायरा 12 राज्यों तक फैला हुआ था, जिसमें घी की सप्लाई चेन, प्रोक्योरमेंट रिकॉर्ड, लैब टेस्ट रिपोर्ट और पैसों के लेनदेन की बारीकी से जांच की गई।जांच में सामने आया कि वर्ष 2019 से 2024 के बीच करीब 68 लाख किलोग्राम मिलावटी घी TTD की सप्लाई चेन में भेजा गया। यह घी पाम तेल, पाम कर्नेल ऑयल और केमिकल एडिटिव्स से तैयार किया गया था, जिसे शुद्ध घी के रूप में सप्लाई किया गया। इस पूरे घोटाले का अनुमानित कारोबार करीब 250 करोड़ रुपये बताया गया है।
इन चर्चित नामों को नहीं बनाया गया आरोपी
हालांकि SIT ने जांच के दौरान कई प्रभावशाली हस्तियों से पूछताछ की या नोटिस जारी किए, लेकिन कुछ बड़े नामों को आरोपी नहीं बनाया गया। इनमें पूर्व TTD चेयरमैन और YSRCP सांसद वाई. वी. सुब्बा रेड्डी तथा पूर्व अतिरिक्त कार्यकारी अधिकारी ए. वी. धर्म रेड्डी शामिल हैं।यह विवाद सितंबर 2024 में उस समय सामने आया था, जब आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया कि श्रीवारी लड्डू प्रसादम में शुद्ध गाय के घी की जगह मिलावटी घी का इस्तेमाल हो रहा है। शुरुआती दावों में बीफ टैलो और सुअर की चर्बी तक की मिलावट के आरोप लगे थे, जिससे देशभर में भारी आक्रोश फैल गया और व्यापक जांच की मांग उठी।










