अमेरिका-चीन रिश्तों पर ट्रंप का बड़ा बयान,शी जिनपिंग से बातचीत और उपलब्धियों का दावा

 नई दिल्ली  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अपनी बीजिंग यात्रा के आखिरी दिन यह दावा किया कि चीनी नेता शी चिनफिंग ने उन्हें कई शानदार सफलताओं पर बधाई दी है। ट्रंप ने कहा कि जब चिनफिंग ने बहुत ही शालीनता से अमेरिका को शायद एक पतनशील राष्ट्र बताया, तो उनका यह इशारा ट्रंप से पहले की जो बाइडन सरकार की तरफ था। यह स्पष्ट नहीं था कि ट्रंप चिनफिंग की किसी बंद कमरे में हुई बातचीत का हवाला दे रहे थे या उनके थ्यूसीडाइड्स ट्रैप वाले बयान का। यात्रा के पहले दिन शी चिनफिंग ने कहा था कि अमेरिका-चीन संबंधों

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Published On :

मई 15, 2026

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 नई दिल्ली

 अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अपनी बीजिंग यात्रा के आखिरी दिन यह दावा किया कि चीनी नेता शी चिनफिंग ने उन्हें कई शानदार सफलताओं पर बधाई दी है। ट्रंप ने कहा कि जब चिनफिंग ने बहुत ही शालीनता से अमेरिका को शायद एक पतनशील राष्ट्र बताया, तो उनका यह इशारा ट्रंप से पहले की जो बाइडन सरकार की तरफ था।

यह स्पष्ट नहीं था कि ट्रंप चिनफिंग की किसी बंद कमरे में हुई बातचीत का हवाला दे रहे थे या उनके थ्यूसीडाइड्स ट्रैप वाले बयान का। यात्रा के पहले दिन शी चिनफिंग ने कहा था कि अमेरिका-चीन संबंधों को स्थिर करना सिर्फ दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए बहुत जरूरी है।

थ्यूसीडाइड्स ट्रैप का जिक्र
हालांकि, शी चिनफिंग ने सार्वजनिक तौर पर पतनशील राष्ट्र शब्द का इस्तेमाल नहीं किया था, लेकिन उन्होंने यह सवाल जरूर उठाया था कि क्या दोनों महाशक्तियां थ्यूसीडाइड्स ट्रैप से बच सकती हैं। यह एक ऐसा राजनीतिक सिद्धांत है जो बताता है कि एक उभरती हुई शक्ति और पहले से स्थापित महाशक्ति के बीच युद्ध होना तय होता है।

सोशल प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक लंबी पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पतन के बारे में शी चिनफिंग का आकलन 100% सही था। ट्रंप के अनुसार, बाइडन प्रशासन की इमिग्रेशन, जेंडर इक्वेलिटी और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़ी नीतियों के कारण देश को अपार नुकसान उठाना पड़ा है।

ट्रंप ने लिखा, "जब राष्ट्रपति शी ने बहुत ही शालीनता से अमेरिका को एक पतनशील राष्ट्र कहा, तो वह स्लीपी जो बाइडन और बाइडन प्रशासन के उन चार सालों के दौरान हुए भयानक नुकसान का जिक्र कर रहे थे। इस मामले में वह पूरी तरह सही थे।"

उन्होंने आगे कहा कि खुली सीमाओं, भारी टैक्स, हर किसी के लिए ट्रांसजेंडर नीतियों, महिलाओं के खेलों में पुरुषों की भागीदारी, विविधता, समानता और समावेश, खराब व्यापार समझौतों और बढ़ते अपराध के कारण हमारे देश को बहुत नुकसान हुआ।

ट्रंप ने गिनाईं अपनी उपलब्धियां
ईरान और ताइवान जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भारी मतभेदों के बावजूद अमेरिकी नेता ने दावा किया कि दुनिया की दो सबसे बड़ी महाशक्तियों के बीच संबंध अच्छे हैं और लगातार बेहतर हो रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि उनके कार्यकाल के 16 शानदार महीनों के दौरान अमेरिका ने अविश्वसनीय प्रगति की है।

उन्होंने शेयर बाजार के रिकॉर्ड स्तर, अपनी कथित सैन्य जीत, मजबूत जॉब मार्केट और निवेश के नए वादों का हवाला देते हुए इसे अमेरिका के पुनरुत्थान का संकेत बताया। ट्रंप ने लिखा कि राष्ट्रपति शी का इशारा अमेरिका की उस अविश्वसनीय प्रगति की ओर नहीं था जो ट्रंप प्रशासन के 16 शानदार महीनों में दुनिया ने देखी है। उन्होंने वेनेजुएला के साथ अच्छे संबंधों, ईरान के सैन्य पतन और अमेरिका में बाहरी लोगों द्वारा 18 ट्रिलियन डॉलर के रिकॉर्ड निवेश का भी जिक्र किया।

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि शी चिनफिंग ने इतने कम समय में मिली इन शानदार सफलताओं के लिए उन्हें बधाई दी। उन्होंने यह स्वीकार किया कि दो साल पहले अमेरिका वास्तव में पतन की ओर था, लेकिन अब यह दुनिया का सबसे हॉट देश है।

क्या है जमीनी हकीकत?
हालांकि, अमेरिका-चीन संबंधों को लेकर ट्रंप का यह सकारात्मक रवैया दोनों देशों के बीच मौजूद कई कड़वी सच्चाइयों से मेल नहीं खाता है। ईरान में चल रहे संघर्ष को सुलझाने में अमेरिका ने चीन से अधिक भागीदारी की अपील की है, लेकिन बीजिंग ने सार्वजनिक तौर पर इसमें बहुत कम दिलचस्पी दिखाई है। भले ही ट्रंप ने फॉक्स न्यूज के सीन हैनिटी को दिए इंटरव्यू में दावा किया हो कि शी चिनफिंग ने मदद की पेशकश की थी।

इसके अलावा, वाइट हाउस का मानना है कि मेक्सिको में जाने वाले चीनी रसायनों को रोकने के लिए चीन को अभी और कदम उठाने चाहिए, जिनका इस्तेमाल अवैध फेंटानिल ड्रग बनाने में होता है। इस ड्रग्स की वजह से अमेरिका के कई समुदाय बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

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