Mojtaba Khamenei: ईरान में मोजतबा खामेनेई की ताजपोशी पर ट्रंप का वीटो, कहा- ‘मुझे दखल देना होगा’

ईरान में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई की सत्ता संभालने की खबरों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा धमाका कर दिया है। ट्रंप ने इसे 'अवैध' बताते हुए कहा कि वह चुप नहीं बैठेंगे। क्या अमेरिका ईरान की अंदरूनी राजनीति में सीधे सैन्य हस्तक्षेप करने की तैयारी में है?

Mojtaba Khamenei

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मार्च 6, 2026

Mojtaba Khamenei: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने बेबाक और आक्रामक तेवरों से वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। समाचार वेबसाइट ‘एक्सियोस’ को दिए एक विशेष इंटरव्यू में ट्रंप ने ईरान के आंतरिक मामलों, विशेषकर अगले सर्वोच्च नेता (Supreme Leader) के चयन की प्रक्रिया में अपनी व्यक्तिगत भागीदारी की इच्छा जताई है। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व का समीकरण पूरी तरह बदल चुका है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह ईरान के नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया को केवल दूर से नहीं देखेंगे, बल्कि उसमें सक्रिय भूमिका निभाएंगे ताकि क्षेत्र में अमेरिकी हितों की रक्षा की जा सके।

मोजतबा खामेनेई की उम्मीदवारी पर ट्रंप की दोटूक

इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे, मोजतबा खामेनेई के नाम पर कड़ा ऐतराज जताया। ट्रंप ने मोजतबा को एक ‘लाइटवेट’ (कमजोर) व्यक्तित्व करार देते हुए कहा कि उनका चयन अमेरिका के लिए पूरी तरह “अस्वीकार्य” होगा। ट्रंप का तर्क है कि यदि मोजतबा सत्ता संभालते हैं, तो ईरान की पुरानी कट्टरपंथी नीतियां जारी रहेंगी, जिससे अमेरिका अगले पांच वर्षों के भीतर एक और बड़े युद्ध में खिंच सकता है। ट्रंप के अनुसार, ईरान को एक ऐसे नेता की जरूरत है जो क्षेत्र में सद्भाव और शांति ला सके, न कि संघर्ष को बढ़ावा दे।

अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु के बाद उपजा संकट

यह पूरी राजनीतिक उथल-पुथल फरवरी 2026 के अंत में हुई उन घटनाओं के बाद शुरू हुई है, जिसने दुनिया को चौंका दिया था। अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के दौरान अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु हो गई। इस हमले ने ईरान के सत्ता गलियारों में एक बड़ा शून्य पैदा कर दिया है। अब ईरान में सर्वोच्च नेता के पद के लिए उत्तराधिकार की दौड़ तेज हो गई है। ट्रंप का मानना है कि इस महत्वपूर्ण मोड़ पर अमेरिका को चुप नहीं बैठना चाहिए, बल्कि यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अगला नेता वाशिंगटन के साथ सहयोग करने वाला हो।

ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स और मोजतबा का प्रभाव

56 वर्षीय मोजतबा खामेनेई केवल एक धर्मगुरु नहीं हैं, बल्कि ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के भीतर उनकी पैठ बहुत गहरी मानी जाती है। हालांकि वह अमेरिकी-इजरायली हमलों में सुरक्षित बच निकलने में कामयाब रहे, लेकिन ट्रंप उन्हें सत्ता के योग्य नहीं मानते। ईरान के संविधान के अनुसार, सर्वोच्च नेता का चयन ‘विशेषज्ञों की परिषद’ (मजलिस-ए-खोबरेगान) द्वारा किया जाता है। ट्रंप का इस धार्मिक और संप्रभु प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने का दावा एक नए अंतरराष्ट्रीय विवाद को जन्म दे सकता है, क्योंकि ईरान ऐतिहासिक रूप से अपने आंतरिक मामलों में विदेशी दखल का कट्टर विरोधी रहा है।

वेनेजुएला मॉडल और शासन परिवर्तन का संकेत

अपनी रणनीति को स्पष्ट करने के लिए ट्रंप ने वेनेजुएला का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने वहां निकोलस मादुरो के प्रभाव को कम करने के बाद अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज के साथ सहयोग किया, जो अब अमेरिका के साथ मिलकर काम कर रही हैं। ट्रंप का संकेत साफ है-वे ईरान में भी ‘रिजीम चेंज’ (शासन परिवर्तन) या कम से कम एक ऐसे नेतृत्व की स्थापना चाहते हैं जो अमेरिकी शर्तों पर बात करने को तैयार हो। ट्रंप प्रशासन के ये तेवर बताते हैं कि आने वाले दिनों में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने के बजाय एक नए और जटिल मोड़ पर पहुंच सकता है।

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