US-Iran Peace Deal: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाला दावा किया है, जिससे वैश्विक राजनीति में हलचल मच गई है। ट्रंप का कहना है कि अमेरिका और ईरान एक ऐतिहासिक समझौते के बेहद करीब पहुंच गए हैं। इस संभावित सौदे को लेकर ट्रंप इतने उत्साहित नजर आए कि उन्होंने यहां तक कह दिया कि यदि इस समझौते को अंतिम रूप देने के लिए उन्हें पाकिस्तान जाना पड़ा, तो वह वहां भी जा सकते हैं। हालांकि, ट्रंप के इन दावों पर ईरान की प्रतिक्रिया काफी तल्ख और व्यंग्यात्मक रही है, जिससे इस समझौते की राह इतनी आसान नहीं लग रही जितनी ट्रंप बता रहे हैं।
समझौते के लिए पाकिस्तान जा सकते हैं डोनाल्ड ट्रंप
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से चर्चा के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया कि परमाणु समझौते और शांति वार्ता को लेकर सकारात्मक प्रगति हो रही है। उन्होंने एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता पाकिस्तान की मध्यस्थता या वहां की जमीन पर संपन्न होती है, तो वह खुद वहां जाने के लिए तैयार हैं। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि ईरान अब समझौता करने के लिए उत्सुक है और दोनों देशों के बीच बातचीत एक सही दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो शर्तें ईरान दो महीने पहले मानने को तैयार नहीं था, अब वह उन पर लचीला रुख अपना रहा है।
“फ्री का तेल और खुला होर्मुज”: ट्रंप का आर्थिक विजन
डोनाल्ड ट्रंप ने इस संभावित समझौते के आर्थिक फायदों का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि इस डील के होने से अमेरिका को “मुफ्त तेल” (Free Oil) जैसा लाभ मिल सकता है और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) पूरी तरह से खुला और सुरक्षित रहेगा। ट्रंप के अनुसार, इस वार्ता का असर वैश्विक बाजार पर दिखने लगा है, जिससे तेल की कीमतें नीचे आ रही हैं और शेयर बाजार में उछाल देखा जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि यह समझौता सफल रहता है, तो आम जनता को तेल की कीमतों में भारी राहत मिलेगी और वैश्विक अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
ईरान का पलटवार: ट्रंप देख रहे हैं ‘मुंगेरीलाल के हसीन सपने’
ट्रंप के इन बड़े दावों का ईरान की सरकारी मीडिया ने जमकर मजाक उड़ाया है। ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB ने ट्रंप के दावों को पूरी तरह निराधार बताते हुए उन्हें “हवा में महल बनाना” करार दिया। ईरान ने ट्रंप की मीडिया क्लिप साझा करते हुए एक फारसी कहावत का इस्तेमाल किया, जिसका अर्थ भारतीय संदर्भ में ‘मुंगेरीलाल के हसीन सपने’ जैसा है। ईरानी मीडिया ने तंज कसते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ऐसे सपने देख रहे हैं जिनका हकीकत से कोई वास्ता नहीं है। ईरान का यह सख्त रुख यह दर्शाता है कि सतह पर जो दिख रहा है, पर्दे के पीछे की स्थिति उससे कहीं अधिक जटिल है।
सीजफायर बढ़ाने की संभावना और ट्रंप की कड़ी चेतावनी
वार्ता की समयसीमा पर बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि आगामी वीकेंड में दोनों पक्षों के बीच आमने-सामने की बैठक हो सकती है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि समझौता होने की संभावना मजबूत दिखती है, तो वह वर्तमान संघर्ष विराम (Ceasefire) की अवधि को आगे बढ़ा सकते हैं। हालांकि, ट्रंप अपनी पुरानी शैली में चेतावनी देना भी नहीं भूले। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर बातचीत किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंचती है, तो संघर्ष दोबारा शुरू हो सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या वास्तव में पाकिस्तान इस डील का केंद्र बनेगा या फिर यह केवल ट्रंप का एक और चुनावी दांव बनकर रह जाएगा।
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