Middle East War : पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी संघर्ष अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार, 6 अप्रैल 2026 को ईरान को खुलेआम चेतावनी देते हुए दुनिया भर में सनसनी फैला दी है। ट्रंप ने तेहरान को अल्टीमेटम दिया है कि यदि वह मंगलवार, 7 अप्रैल की रात तक समझौते की मेज पर नहीं आता है, तो अमेरिका अपनी सैन्य शक्ति का उपयोग कर ईरान को महज चार घंटे के भीतर तबाह कर देगा। इस बयान ने न केवल राजनयिक हलकों में खलबली मचा दी है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और शांति के लिए भी एक बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। ट्रंप का यह रुख उनके पिछले कार्यकाल की तुलना में कहीं अधिक आक्रामक नजर आ रहा है।
तेहरान का पलटवार: जुल्फिकारी ने ट्रंप के बयान को बताया बेबुनियाद
अमेरिकी राष्ट्रपति की इस विनाशकारी धमकी पर ईरान की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया आई है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता इब्राहिम जुल्फिकारी ने ट्रंप के अल्टीमेटम को ‘अभद्र बयानबाजी’ और ‘अहंकार’ का प्रतीक बताया है। जुल्फिकारी ने दो टूक शब्दों में कहा कि इस तरह की धमकियां ईरान के संकल्प को कमजोर नहीं कर सकतीं। उन्होंने तर्क दिया कि ट्रंप की यह आक्रामकता दरअसल मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य विफलताओं को छिपाने और अपनी नाकामियों को जायज ठहराने की एक हताश कोशिश है। जुल्फिकारी ने चेतावनी दी कि अमेरिका और इजरायल के खिलाफ ईरान के ‘निर्णायक अभियान’ जारी रहेंगे और किसी भी अमेरिकी कदम का अंजाम उनकी हार की सूची में एक और अध्याय जोड़ देगा।
मुज्तबा खामेनेई का संदेश: सैन्य अभियान पर नहीं पड़ेगा कोई असर
ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ने भी इस तनावपूर्ण स्थिति पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। टेलीग्राम पर साझा किए गए एक संदेश में खामेनेई ने स्पष्ट किया कि ईरान की सेना को कमजोर करने या सैन्य हमले के जरिए डराने की कोशिशें कभी सफल नहीं होंगी। उन्होंने कहा कि देश के खिलाफ रची जा रही साजिशें या किसी भी प्रकार के ‘क्राइम’ से ईरान के रणनीतिक मिलिट्री ऑपरेशंस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। खामेनेई का यह बयान इस बात का संकेत है कि ईरान झुकने के बजाय अपनी रक्षात्मक और आक्रामक क्षमताओं को और अधिक सक्रिय करने के लिए तैयार है।
विनाशकारी योजना: क्या सच में 4 घंटे में तबाह होगा ईरान?
डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिस सैन्य योजना का जिक्र किया, वह रोंगटे खड़े कर देने वाली है। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना के पास एक ऐसी योजना तैयार है जिसके तहत मंगलवार रात 12 बजे तक ईरान के हर बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जा सकता है। ट्रंप के शब्दों में, “ईरान के हर पुल को ध्वस्त कर दिया जाएगा, बिजली संयंत्रों (पावर प्लांट्स) को जला दिया जाएगा या विस्फोट से उड़ा दिया जाएगा, ताकि उनका दोबारा कभी इस्तेमाल न हो सके।” ट्रंप ने जोर देकर कहा कि यदि वे चाहें, तो ईरान का पूर्ण विनाश केवल चार घंटों की सैन्य कार्रवाई के भीतर सुनिश्चित किया जा सकता है।
वैश्विक धड़कनें तेज: क्या टल पाएगा महायुद्ध?
ट्रंप के इस अल्टीमेटम ने पूरी दुनिया की धड़कनें बढ़ा दी हैं। संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक शक्तियां इस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि ईरान और अमेरिका के बीच सीधा टकराव तीसरे विश्व युद्ध की आहट दे सकता है। खाड़ी देशों में तेल की आपूर्ति बाधित होने का खतरा मंडरा रहा है, जिससे वैश्विक बाजार में हाहाकार मच सकता है। अब सबकी निगाहें मंगलवार, 7 अप्रैल की रात 12 बजे की समय सीमा पर टिकी हैं। क्या कूटनीति के जरिए इस भीषण विनाश को टाला जा सकेगा या मिडिल ईस्ट एक ऐसी आग में झुलसेगा जिसकी लपटें पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लेंगी?










