Donald Trump: अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए भीषण हमलों के बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपतियों बराक ओबामा और जो बाइडेन पर निशाना साधते हुए एक बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने दावा किया है कि उनकी सख्त नीतियों के कारण ही ईरान को परमाणु शक्ति बनने से रोका जा सका है, अन्यथा दुनिया आज एक अलग और खतरनाक मोड़ पर होती।
बड़ी सैन्य गलती! कुवैत ने अपने ही सहयोगी के 3 F-15E जेट मार गिराए, US ने जताई प्रतिक्रिया
ओबामा के कार्यकाल के समझौते को बताया ‘भयानक’
बताते चले कि, डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट के जरिए ‘जॉइंट कॉम्प्रिहेंसिव प्लान ऑफ एक्शन’ (ईरान परमाणु समझौते) की कड़ी आलोचना की। ट्रंप ने इसे अब तक का सबसे खतरनाक लेनदेन करार देते हुए कहा कि अगर उन्होंने 2018 में अपने पहले कार्यकाल के दौरान इस डील को एकतरफा तौर पर खत्म नहीं किया होता, तो ईरान के पास तीन साल पहले ही परमाणु हथियार (Nuclear Weapons) होते। उन्होंने सीधे तौर पर बराक ओबामा और जो बाइडेन को इस संभावित खतरे के लिए जिम्मेदार ठहराया।
अमेरिकी सेना और यूरोप पर मंडराता खतरा
आपको बता दे कि, ट्रंप ने ईरान के बढ़ते सैन्य कौशल पर चिंता जताते हुए कहा कि ईरानी सरकार का पारंपरिक बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम (Ballistic Missile Program) नाटकीय रूप से बढ़ रहा था। उनके अनुसार, ये मिसाइलें न केवल मध्य पूर्व (Middle East) बल्कि यूरोप और अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने में सक्षम हैं। ट्रंप ने चेतावनी दी कि ईरान अपनी मिसाइल क्षमताओं का इस्तेमाल अपने परमाणु इरादों को छिपाने के लिए एक ‘ढाल’ के रूप में कर रहा था, ताकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए उन्हें रोकना असंभव हो जाए।
अमेरिका-इजराइल के हवाई हमलों के बाद तनाव
यह राजनीतिक बयानबाजी ऐसे समय में आई है जब 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान के कई प्रमुख शहरों पर जोरदार एयरस्ट्राइक (Airstrikes) की हैं। इन हमलों में ईरान के सैन्य कमांड सेंटर, एयर डिफेंस सिस्टम और मिसाइल साइटों को नेस्तनाबूद कर दिया गया। सबसे बड़ी खबर यह रही कि इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई और चार वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की मौत हो गई, जिससे तेहरान समेत पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
अमेरिकी ठिकानों और सहयोगियों पर ड्रोन हमले
खामेनेई की मौत और अपने बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों के जवाब में ईरान ने भी बड़े पैमाने पर पलटवार किया है। ईरान ने पूरे क्षेत्र में स्थित अमेरिकी ठिकानों और उसके सहयोगी देशों—इजराइल, बहरीन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब, यूएई और जॉर्डन—पर बैलिस्टिक मिसाइलें और आत्मघाती ड्रोन लॉन्च किए हैं। इस जवाबी कार्रवाई ने मध्य पूर्व में पूर्ण युद्ध (Full-scale War) की स्थिति पैदा कर दी है, जिससे वहां रह रहे आम नागरिकों और विदेशी प्रवासियों की सुरक्षा पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
“अमेरिका की सुरक्षा के लिए परमाणु संपन्न ईरान सबसे बड़ा जोखिम”
अपने संबोधन के अंत में ट्रंप ने गर्व के साथ कहा कि परमाणु समझौते को रद्द करना उनकी बड़ी उपलब्धि थी। उन्होंने तर्क दिया कि लंबी दूरी की मिसाइलों और परमाणु हथियारों से लैस ईरानी सरकार न केवल मध्य पूर्व के लिए, बल्कि सीधे तौर पर संयुक्त राज्य अमेरिका के अस्तित्व के लिए भी एक भयावह खतरा बन जाती। ट्रंप के अनुसार, उनके सख्त फैसलों ने अमेरिकी नागरिकों को एक संभावित विनाशकारी हमले से बचा लिया है।
हवाई यात्रा पर ईरान संकट की मार: सैकड़ों उड़ानें कैंसिल, यात्रियों को रिफंड में छूट










