
Russia Ukraine War : यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक फैसले ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने रूस के खिलाफ कुछ प्रतिबंधों में छूट देने के अमेरिकी फैसले की आलोचना की है। उनका कहना है कि इस कदम से रूस को यूक्रेन पर हमले जारी रखने के लिए प्रोत्साहन मिल सकता है। जेलेंस्की के मुताबिक, रूस पर आर्थिक दबाव कम करना युद्ध रोकने की कोशिशों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
ट्रंप प्रशासन ने प्रतिबंधों में दी छूट
जेलेंस्की की नाराजगी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस फैसले को लेकर सामने आई है, जिसमें रूस के खिलाफ कुछ प्रतिबंधों को लागू नहीं करने का निर्णय लिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने सितंबर के मध्य में ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ पर हस्ताक्षर किए थे। इसके बावजूद शनिवार को उन्होंने कुछ प्रतिबंधों से राहत देने का फैसला किया। एक कार्यकारी आदेश में इस कदम को अमेरिका के राष्ट्रीय हित में बताया गया है। प्रस्तावित प्रतिबंध रविवार से प्रभावी होने वाले थे।

जेलेंस्की बोले- रूस को मिलेगा हमले जारी रखने का हौसला
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि प्रतिबंधों को वापस लेने या उनके कार्यान्वयन को रोकने का फैसला उन्हें गलत लगता है। उनके अनुसार, इससे रूस को ही फायदा होगा और उसकी आक्रामकता बढ़ सकती है। जेलेंस्की ने चेतावनी दी कि आर्थिक दबाव कम होने से रूस को युद्ध जारी रखने के लिए और हौसला मिल सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के फैसलों से युद्ध रुकने की संभावना मजबूत नहीं होती। यूक्रेन लगातार अपने सहयोगी देशों से रूस पर दबाव बनाए रखने की अपील करता रहा है।
दिवंगत अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम को किया याद
जेलेंस्की ने दिवंगत अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम को भी याद किया। उन्होंने कहा कि ग्राहम ने अपना जीवन अमेरिका को समर्पित किया था और यूक्रेन के साथ उनके संबंध काफी अच्छे थे। जेलेंस्की के मुताबिक, इस दुखद घटना से कुछ समय पहले ही ग्राहम यूक्रेन आए थे। उन्होंने हमेशा यूक्रेन का मजबूती से समर्थन किया और देश को हरसंभव सहायता दिलाने की कोशिश की। ग्राहम का नाम रूस पर प्रतिबंध लगाने से जुड़े कानून से भी जुड़ा है।

अमेरिकी सांसदों ने ट्रंप के फैसले पर उठाए सवाल
रूस पर प्रतिबंधों में छूट देने के फैसले की अमेरिका में भी आलोचना हुई है। कांग्रेस के रिपब्लिकन और डेमोक्रेट, दोनों दलों के कई सदस्यों ने कार्यकारी आदेश पर सवाल उठाए। रिपब्लिकन सीनेटर थॉम टिलिस ने इसे बेहद गैर-जिम्मेदाराना बताया। उन्होंने सवाल किया कि सीनेट में 86 के मुकाबले 11 मतों से पारित कानून को लागू करने में प्रशासन को परेशानी क्यों हो रही है। टिलिस ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन ऐसे रूसी नेतृत्व के सामने झुक रहा है, जिसने यूक्रेन पर हमला किया है।
रूस-यूक्रेन युद्ध पर फैसले का क्या होगा असर?
ट्रंप के इस फैसले के बाद रूस पर आर्थिक दबाव बनाए रखने की अमेरिकी रणनीति को लेकर बहस तेज हो गई है। जेलेंस्की को उम्मीद थी कि रूस की अर्थव्यवस्था को निशाना बनाने वाले प्रतिबंध लागू होंगे। अब प्रतिबंधों में दी गई छूट से यूक्रेन की चिंताएं बढ़ गई हैं। सवाल यह है कि क्या अमेरिका आगे चलकर इन प्रतिबंधों को फिर से लागू करेगा और क्या आर्थिक दबाव रूस को युद्ध समाप्त करने के लिए मजबूर कर पाएगा। आने वाले दिनों में अमेरिकी प्रशासन का रुख इस मुद्दे पर महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।











