US Iran Conflict : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की जमकर सराहना की है। एक हालिया इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने जनरल मुनीर के काम करने के तरीके और उनके व्यक्तित्व की प्रशंसा करते हुए उन्हें एक “शानदार इंसान” करार दिया। ट्रंप ने कहा कि मुनीर मौजूदा परिस्थितियों में “बहुत अच्छा काम” कर रहे हैं। गौरतलब है कि ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब दक्षिण एशिया और मध्य पूर्व की भू-राजनीति में बड़े बदलावों की सुगबुगाहट हो रही है। ट्रंप ने यह दावा भी किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया तनाव को कम करने में जनरल मुनीर की भूमिका अहम रही है, हालांकि भारतीय पक्ष ने हमेशा यह स्पष्ट किया है कि उसकी सैन्य रणनीति पूरी तरह से स्वतंत्र और अपनी सुरक्षा चिंताओं पर आधारित रही है।
इस्लामाबाद बन सकता है अमेरिका-ईरान कूटनीतिक वार्ता का केंद्र
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए बातचीत का दूसरा दौर जल्द ही शुरू हो सकता है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस हाई-प्रोफाइल बैठक के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद को एक संभावित और प्रमुख स्थान के रूप में देखा जा रहा है। ट्रंप प्रशासन ईरान के साथ चल रहे लंबे गतिरोध को समाप्त करने के लिए कूटनीतिक रास्ते तलाश रहा है। अगले दो दिनों के भीतर इस बैठक की रूपरेखा तैयार होने की संभावना है। हालांकि, कूटनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यदि इस्लामाबाद पर सहमति नहीं बनती है, तो यूरोप का कोई देश भी विकल्प के तौर पर चुना जा सकता है, लेकिन फिलहाल इस्लामाबाद की संभावनाएं सबसे प्रबल नजर आ रही हैं।
जेडी वेंस कर सकते हैं अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व
अमेरिका की ओर से इस महत्वपूर्ण वार्ता में कौन शामिल होगा, इसे लेकर भी अटकलें तेज हैं। माना जा रहा है कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस एक बार फिर इस प्रतिनिधिमंडल की कमान संभाल सकते हैं। वेंस पहले भी कई जटिल कूटनीतिक चर्चाओं का हिस्सा रहे हैं। उनके साथ ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जैरेड कुशनर के भी शामिल होने की खबरें हैं। जैरेड कुशनर का मध्य पूर्व के देशों और मध्यस्थों के साथ पुराना और गहरा अनुभव रहा है, जो ईरान के साथ किसी ठोस समझौते तक पहुंचने में मददगार साबित हो सकता है। यह टीम लगातार अधिकारियों के संपर्क में है ताकि वार्ता के एजेंडे को अंतिम रूप दिया जा सके।
ट्रंप के विशेष दूत और सलाहकारों को मिली बड़ी जिम्मेदारी
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने वरिष्ठ सलाहकारों और राजनयिकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे मध्य पूर्व में जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए ठोस और प्रभावी समाधान खोजें। ट्रंप का मानना है कि कूटनीतिक बातचीत ही वह जरिया है जिससे लंबे समय से चले आ रहे विवादों को सुलझाया जा सकता है। स्टीव विटकॉफ और उनकी टीम विभिन्न विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रही है। हालांकि, बातचीत का अगला चरण अभी शुरुआती दौर में है और अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है। ट्रंप ने खुद भी स्वीकार किया है कि यह प्रक्रिया अभी जारी है, लेकिन इसकी गति उम्मीद से थोड़ी धीमी है।
स्वयं वार्ता में शामिल नहीं होंगे ट्रंप, मध्यस्थता पर जोर
राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी साफ कर दिया है कि वे व्यक्तिगत रूप से इस आगामी बैठक का हिस्सा नहीं बनेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे दूर रहकर पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे, लेकिन मेज पर बैठने की जिम्मेदारी उनके नामित प्रतिनिधि ही निभाएंगे। ट्रंप प्रशासन का मुख्य उद्देश्य ईरान के साथ एक ऐसा समझौता करना है जो क्षेत्र में स्थिरता ला सके। पाकिस्तान की इसमें भूमिका एक मध्यस्थ के तौर पर उभर रही है, जिसे ट्रंप की सराहना ने और बल दिया है। अब पूरी दुनिया की नजरें इस्लामाबाद पर टिकी हैं कि क्या वहां से अमेरिका और ईरान के बीच शांति का कोई नया रास्ता निकलता है या नहीं।
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