US Iran War 2026 : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने अपरंपरागत अंदाज से पूरी दुनिया को चौंका दिया है। ट्रंप ने एक मशहूर महिला पत्रकार को व्यक्तिगत रूप से फोन कर अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़ी एक बेहद गोपनीय और महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। राष्ट्रपति ने पत्रकार को सूचित किया कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता का अगला दौर बहुत जल्द शुरू होने वाला है। इस खबर की संवेदनशीलता को देखते हुए ट्रंप ने पत्रकार को अपनी इस्लामाबाद यात्रा बीच में न छोड़ने और वहीं रुककर इस ऐतिहासिक घटनाक्रम को कवर करने का निर्देश दिया है। इस फोन कॉल के बाद कूटनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
कैटलिन डूर्नबोस का अनुभव: ‘करियर में पहली बार हुआ ऐसा’
‘न्यूयॉर्क पोस्ट’ की वरिष्ठ संवाददाता कैटलिन डूर्नबोस इस्लामाबाद में अपना काम पूरा कर वापस लौटने की तैयारी कर रही थीं, तभी उनके फोन की घंटी बजी। दूसरी तरफ खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप थे। कैटलिन ने बताया कि उन्होंने कुछ अफवाहों की पुष्टि के लिए व्हाइट हाउस से संपर्क किया था, जिसके मात्र 37 मिनट बाद राष्ट्रपति का फोन आ गया। ट्रंप ने उनसे कहा कि वे अगले 48 घंटों तक इस्लामाबाद में ही रुकें, क्योंकि वहां ईरान के साथ एक बड़ा समझौता होने की संभावना है। कैटलिन के मुताबिक, उनके लंबे पत्रकारिता करियर में यह पहला मौका है जब किसी राष्ट्रपति ने खुद उन्हें फोन कर इस तरह की जानकारी दी हो।
18-19 अप्रैल की तारीख: शांति समझौते पर टिकी दुनिया की नजरें
मीडिया रिपोर्ट्स और सूत्रों के हवाले से यह खबर आ रही है कि अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की यह महाबैठक 18 या 19 अप्रैल 2026 को आयोजित की जा सकती है। पहले दौर की बातचीत के बाद पैदा हुए गतिरोध को दूर करने के लिए यह बैठक निर्णायक साबित हो सकती है। वैश्विक बाजार और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस वार्ता को लेकर काफी आशान्वित हैं, क्योंकि इससे मध्य पूर्व में जारी तनाव कम होने की उम्मीद है। कैटलिन ने अब अपनी वापसी टाल दी है और वे इस संभावित बैठक की हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं।
कौन हैं कैटलिन डूर्नबोस? पुलित्जर विजेता पत्रकार की पहचान
कैटलिन डूर्नबोस अमेरिकी पत्रकारिता का एक बड़ा नाम हैं। वे वर्तमान में न्यूयॉर्क पोस्ट के लिए विदेश और राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों की रिपोर्टिंग करती हैं। उनकी साख का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र का सर्वोच्च ‘पुलित्जर पुरस्कार’ मिल चुका है। हाल ही में उन्हें उनकी साहसी रिपोर्टिंग के लिए अमेरिका का प्रतिष्ठित ‘कोल्विन पुरस्कार’ भी प्रदान किया गया है। व्हाइट हाउस की बीट कवर करने वाली कैटलिन को रक्षा और कूटनीति से जुड़े मामलों का विशेषज्ञ माना जाता है, यही वजह है कि ट्रंप ने उन्हें सीधे जानकारी देना उचित समझा।
इस्लामाबाद का चयन: पड़ोसी होने का मिला फायदा
जब कैटलिन ने राष्ट्रपति से सवाल किया कि वार्ता के लिए दोबारा इस्लामाबाद को ही क्यों चुना गया, तो ट्रंप ने इसके पीछे का तर्क स्पष्ट किया। ट्रंप ने कहा कि किसी ऐसे देश में बातचीत करने का कोई फायदा नहीं है जिसका इस क्षेत्र या विवाद से कोई सीधा संबंध न हो। चूंकि पाकिस्तान, ईरान का पड़ोसी मुल्क है, इसलिए सुरक्षा और कूटनीतिक दृष्टि से यह सबसे उपयुक्त और तार्किक स्थान है। ट्रंप ने संकेत दिया कि पाकिस्तान की भौगोलिक स्थिति इस जटिल वार्ता को सफल बनाने में मदद कर सकती है।
जनरल मुनीर पर भरोसा: पाकिस्तान की मध्यस्थता को हरी झंडी
बातचीत के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की जमकर सराहना की। ट्रंप ने विश्वास जताते हुए कहा कि जनरल मुनीर अमेरिका के हितों के साथ कभी गलत नहीं कर सकते। उन्होंने मुनीर के नेतृत्व पर भरोसा जताया और कहा कि उनकी मौजूदगी में यह वार्ता सफल होने की पूरी संभावना है। ट्रंप के इन सकारात्मक शब्दों से यह साफ हो गया है कि अमेरिका वर्तमान में पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व को एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में देख रहा है।
परमाणु मुक्त ईरान: ट्रंप का एकमात्र और मुख्य एजेंडा
अंत में, राष्ट्रपति ट्रंप ने इस शांति वार्ता का मुख्य उद्देश्य भी स्पष्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि उनका एकमात्र लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार न हों। ट्रंप के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली यह पूरी कवायद केवल परमाणु अप्रसार (Nuclear Non-proliferation) के इर्द-गिर्द केंद्रित है। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि वे अन्य छोटी-मोटी बातों को महत्व नहीं देते; उनका पूरा ध्यान विश्व शांति के लिए ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर लगाम लगाने पर है।
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