Russia Ukraine Ceasefire : वाशिंगटन से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि का दावा किया है। ट्रंप के अनुसार, उनके व्यक्तिगत हस्तक्षेप और अनुरोध के बाद रूस और यूक्रेन के बीच तीन दिनों के सीजफायर (युद्धविराम) पर सहमति बन गई है। इस समझौते के तहत न केवल गोलीबारी रुकेगी, बल्कि दोनों देशों के बीच बड़े स्तर पर युद्धबंदियों की अदला-बदली भी की जाएगी। ट्रंप ने इस विकास को फरवरी 2022 से जारी भीषण संघर्ष के ‘अंत की शुरुआत’ करार दिया है।
डोनाल्ड ट्रंप की शांति अपील पर पुतिन और जेलेंस्की ने भरी हामी
व्हाइट हाउस से बाहर निकलते समय राष्ट्रपति ट्रंप ने मीडिया को संबोधित करते हुए इस शांति वार्ता की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि उन्होंने दोनों देशों के प्रमुखों से मानवीय आधार पर युद्ध रोकने की भावुक अपील की थी। ट्रंप ने कहा, “मुझे यह बताते हुए गर्व है कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की, दोनों ने मेरी बात का मान रखा। कम से कम कुछ समय के लिए निर्दोष लोगों की जान नहीं जाएगी, जो एक बड़ी मानवीय जीत है।” इस समझौते की पुष्टि यूक्रेन की ओर से खुद जेलेंस्की और रूस की ओर से पुतिन के सलाहकार यूरी उशाकोव ने भी की है।
विक्ट्री डे के अवसर पर 9, 10 और 11 मई को रहेगा युद्धविराम
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया कि यह सीजफायर शनिवार से सोमवार (9, 10 और 11 मई) तक प्रभावी रहेगा। संयोग से, यह समय रूस के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दौरान वहां ‘विक्ट्री डे’ मनाया जाता है। यह दिन द्वितीय विश्व युद्ध में नाजी जर्मनी पर सोवियत संघ की जीत का प्रतीक है। ट्रंप ने याद दिलाया कि यूक्रेन भी उस ऐतिहासिक जीत का एक अहम हिस्सा रहा है, इसलिए इस उत्सव के दौरान शांति बनाए रखना दोनों पक्षों के सम्मान के लिए आवश्यक है।
1000-1000 युद्धबंदियों की रिहाई से लौटेगी परिवारों में खुशियाँ
इस संक्षिप्त युद्धविराम की सबसे महत्वपूर्ण शर्त कैदियों की अदला-बदली है। समझौते के अनुसार, रूस और यूक्रेन प्रत्येक पक्ष के 1000-1000 युद्धबंदियों को रिहा करेंगे। ट्रंप ने इसे समाधान की दिशा में बढ़ता हुआ एक मजबूत कदम बताया है। हालांकि अतीत में भी रूस ने छोटे अंतराल के लिए युद्धविराम की घोषणा की थी जो विफल रही थी, लेकिन इस बार अमेरिकी मध्यस्थता के कारण इसकी सफलता की उम्मीदें काफी अधिक हैं। ट्रंप ने विश्वास जताया कि हर गुजरते दिन के साथ दुनिया इस युद्ध के स्थायी समाधान के करीब पहुंच रही है।
यूक्रेन का पक्ष: सैनिकों की घर वापसी सबसे बड़ी प्राथमिकता
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इस समझौते को स्वीकार करने के पीछे का कारण स्पष्ट किया है। उन्होंने टेलीग्राम पर संदेश देते हुए कहा कि यूक्रेन के लिए अपने वीर सैनिकों और नागरिकों की सुरक्षित वापसी सर्वोपरि है। जेलेंस्की ने कहा, “हमारे लिए मॉस्को के रेड स्क्वायर पर होने वाले किसी भी समारोह से कहीं अधिक कीमती हमारे उन नागरिकों की जान है जो रूसी कैद में हैं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि कैदियों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए ही यूक्रेन ने ट्रंप के इस प्रस्ताव पर तुरंत अपनी मुहर लगाई है।
परेड और कूटनीतिक तंज: कीव और क्रेमलिन के बीच वाकयुद्ध
समझौते के एक रोचक मोड़ में जेलेंस्की ने एक औपचारिक आदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने रूस को ‘विक्ट्री डे परेड’ आयोजित करने की प्रतीकात्मक ‘अनुमति’ दी। उन्होंने आश्वासन दिया कि परेड के दौरान कीव की तरफ से रेड स्क्वायर पर कोई हमला नहीं होगा। जहां यूक्रेन इसे अपनी ‘लंबी दूरी तक मार करने वाली क्षमता’ के प्रदर्शन के रूप में देख रहा है, वहीं क्रेमलिन ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने इसे ‘भद्दा मजाक’ बताते हुए कहा कि रूस को अपनी जीत का जश्न मनाने के लिए किसी की अनुमति की आवश्यकता नहीं है। बहरहाल, ट्रंप ने इस विवाद के बीच शांति स्थापित करने के लिए अपनी टीम और दोनों नेताओं का आभार व्यक्त किया है।
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