US-Iran War 2026: ‘जंग तुमने शुरू की तो खत्म हम करेंगे’, ट्रंप की ‘सभ्यता मिटाने’ वाली धमकी पर ईरान का खौफनाक पलटवार

US-Iran War Escalation: डोनाल्ड ट्रंप की 'आज रात एक सभ्यता खत्म हो जाएगी' वाली धमकी पर ईरान ने कड़ा रुख अपनाया है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने कहा कि 1.4 करोड़ नागरिक देश की रक्षा के लिए तैयार हैं। IRGC ने चेतावनी दी है कि अगर हमला हुआ तो पूरी खाड़ी आग में जल उठेगी।

US-Iran War 2026

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 7, 2026

US-Iran War 2026: मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष अब उस बिंदु पर पहुंच गया है जहाँ से वापसी का रास्ता लगभग बंद नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दी गई सीजफायर की समयसीमा खत्म होने से ठीक पहले एक ऐसा बयान दिया है जिसने पूरी दुनिया को दहशत में डाल दिया है। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर ट्रंप ने चेतावनी देते हुए लिखा कि “आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी”, जिसे दोबारा कभी वापस नहीं लाया जा सकेगा। ट्रंप ने इसे इतिहास के सबसे निर्णायक क्षणों में से एक बताया और कहा कि 47 वर्षों से चले आ रहे भ्रष्टाचार और मौत के सिलसिले का अंत अब करीब है। उनके इस बयान को ईरान के अस्तित्व पर सीधे प्रहार के रूप में देखा जा रहा है।

ईरान की जवाबी चेतावनी: “जंग आप शुरू करेंगे, पर खत्म हम करेंगे”

ट्रंप की इस धमकी के जवाब में ईरान ने भी कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फताली ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आगाह करते हुए कहा कि अगर अमेरिका ने जंग की शुरुआत की, तो वह इसे अपनी मर्जी से खत्म नहीं कर पाएगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर ईरान के बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) को निशाना बनाया गया, तो इसके परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें। फताली ने पिछली गलतियों से सीख लेने की सलाह देते हुए संकेत दिया कि ईरान अपनी रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।

IRGC का सख्त तेवर: हमले केवल मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहेंगे

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने भी अमेरिका और उसके सहयोगियों को दहलाने वाली चेतावनी दी है। आईआरजीसी ने स्पष्ट किया है कि यदि अमेरिका ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों और तेल डिपो पर हमला किया, तो ईरान की जवाबी कार्रवाई केवल मिडिल ईस्ट के क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगी। उन्होंने धमकी दी कि वे “दूरदराज के एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर” को भी निशाना बना सकते हैं, जिसका अर्थ है कि दुनिया के किसी भी कोने में स्थित अमेरिकी सैन्य या ऊर्जा केंद्र अब सुरक्षित नहीं हैं। आईआरजीसी ने कहा कि अब तक उन्होंने संयम बरता था, लेकिन अब सब्र का बांध टूट चुका है और अंजाम बेहद बुरा होगा।

युद्ध का आगाज: खार्ग द्वीप और रेलवे नेटवर्क पर भीषण बमबारी

धमकियों और जुबानी जंग के बीच जमीन पर भी तबाही का मंजर शुरू हो चुका है। रिपोर्टों के मुताबिक, मंगलवार को अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान के रणनीतिक ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए हैं। ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ के अनुसार, ईरान की अर्थव्यवस्था की जान माने जाने वाले खार्ग द्वीप (Kharg Island) पर 50 से ज्यादा हवाई हमले किए गए हैं। इन हमलों में ईरान के प्रमुख ऑयल टर्मिनल को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। इसके अलावा, काशान शहर के पास स्थित याह्या अबाद रेलवे पुल को भी निशाना बनाया गया, जिसमें दो नागरिकों के मारे जाने की पुष्टि हुई है।

वैश्विक ऊर्जा संकट का खतरा: तेल और गैस ठिकानों पर मंडराया साया

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह युद्ध आगे बढ़ा, तो पूरी दुनिया एक गहरे ऊर्जा संकट में फंस सकती है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अमेरिका के सहयोगी देशों के तेल और गैस ठिकानों को भी नहीं बख्शेगा। ट्रंप की “पूरी सभ्यता खत्म करने” की धमकी और ईरान के “दूरगामी पलटवार” के दावों के बीच मिडिल ईस्ट का आसमान अब बारूद के धुएं से भर गया है। आज की रात न केवल ईरान और अमेरिका के लिए, बल्कि पूरी मानव सभ्यता के भविष्य के लिए एक ‘कयामत की रात’ साबित हो सकती है। वैश्विक समुदाय इस समय सांसें रोककर इस विनाशकारी टकराव के शांत होने की प्रार्थना कर रहा है।

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