Iran-Israel War 2026: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ जारी सैन्य ऑपरेशनों को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। व्हाइट हाउस में आयोजित एक बैठक के दौरान पत्रकारों से मुखातिब होते हुए ट्रंप ने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की जमकर सराहना की। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में ईरान की सेना, नौसेना और संचार व्यवस्था (Communication System) पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। ट्रंप के अनुसार, ईरान अब उस स्थिति में नहीं है जहाँ वह वैश्विक स्तर पर कोई बड़ी सैन्य चुनौती पेश कर सके। उन्होंने अमेरिकी कार्रवाई को 10 में से 12 से 15 अंक देते हुए इसे “असाधारण सफलता” करार दिया।
समुद्र की तलहटी में ईरान की नौसेना: 32 जहाजों के डूबने का दावा
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान की नौसैनिक शक्ति पर प्रहार करते हुए एक चौंकाने वाला आंकड़ा साझा किया। उन्होंने कहा कि ईरान के पास जो 32 महत्वपूर्ण युद्धपोत थे, वे अब समुद्र की गहराई में समा चुके हैं। ट्रंप ने साफ किया कि यह कार्रवाई उन अमेरिकी नागरिकों और सैनिकों का बदला है, जो पिछले कई वर्षों में ईरानी समर्थित हमलों का शिकार हुए थे। उन्होंने कहा कि ईरान के “हैवान नेताओं” ने बम धमाकों के जरिए अनगिनत लोगों को अपंग बनाया और चेहरे बिगाड़ दिए, जिसे अमेरिका अब और बर्दाश्त करने के मूड में नहीं था।
नेतृत्व का संकट: ‘तीसरे दर्जे के नेताओं के भरोसे ईरान’
सैन्य शक्ति के साथ-साथ ट्रंप ने ईरान के राजनीतिक और रणनीतिक नेतृत्व के खत्म होने की बात भी कही। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि ईरान के नेतृत्व की पहली दो कतारें (Sets of leaders) युद्ध में मारी जा चुकी हैं और अब वे अपने तीसरे स्तर के नेताओं के भरोसे हैं। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि ईरान की वायुसेना को मिटा दिया गया है और उनकी निर्णय लेने वाली इकाई अब पूरी तरह पंगु हो गई है। यह बयान उस घटनाक्रम के बाद आया है जिसमें दावा किया गया था कि ईरान के शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाया गया है।
B-2 बॉम्बर्स और परमाणु क्षमता पर प्रहार
अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए ट्रंप ने उल्लेख किया कि किस तरह अमेरिकी B-2 स्टील्थ बॉम्बर्स ने ईरान की परमाणु क्षमताओं को करारा जवाब दिया है। उन्होंने वेनेजुएला में की गई पिछली सैन्य कार्रवाइयों का उदाहरण देते हुए कहा कि आज की तारीख में अमेरिका को पूरी दुनिया में पहले से कहीं अधिक सम्मान मिल रहा है। ट्रंप के मुताबिक, अमेरिकी सेना की इस आक्रामक शैली ने वैश्विक मंच पर वाशिंगटन की साख को और मजबूत किया है और अब दुनिया की कोई भी ताकत अमेरिका को हल्के में लेने की जुर्रत नहीं करेगी।
खामेनेई की मौत और युद्ध का मौजूदा परिदृश्य
गौरतलब है कि यह तनाव उस समय चरम पर पहुँच गया जब 28 फरवरी, 2026 को अमेरिका और इजरायल के एक संयुक्त अभियान में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई सहित कई शीर्ष कमांडरों के मारे जाने की खबरें आईं। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल और कुछ अरब देशों पर बड़े पैमाने पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए थे। हालांकि, ट्रंप का मानना है कि ये जवाबी हमले ईरान की हताशा को दर्शाते हैं, क्योंकि जमीनी हकीकत में उनका पूरा सिस्टम तबाह हो चुका है। फिलहाल मध्य-पूर्व में स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है और दुनिया की नजरें अगले घटनाक्रम पर टिकी हैं।
Read More : WhatsApp New Feature: अब चैटिंग होगी सुपरफास्ट, टाइप करते ही मिलेंगे स्टिकर्स, ऐसे करें इस्तेमाल










