Trump Iran South Korea: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण कोरिया के साथ होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यास को काफी कम करने का निर्देश दिया है। ट्रंप ने पेंटागन और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को इन सैन्य अभ्यासों का दायरा घटाने के लिए कहा है। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब दक्षिण कोरिया ने ईरान को परमाणु हथियारों से मुक्त करने की अमेरिकी कोशिश में शामिल होने के अनुरोध को कथित तौर पर ठुकरा दिया है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी। उन्होंने उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के साथ अपने रिश्तों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें दक्षिण कोरिया के साथ अमेरिका के पुराने संयुक्त सैन्य अभ्यास पसंद नहीं हैं।
ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच होने वाले ये अभ्यास काफी महंगे हैं और इनका बड़ा खर्च अमेरिका उठाता है। उनका कहना है कि ऐसे सैन्य अभ्यास उत्तर कोरिया के लिए एक गलत और आक्रामक संदेश भी देते हैं।
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उत्तर कोरिया के साथ रिश्तों का दिया हवाला
ट्रंप ने कहा कि उत्तर कोरिया उनके राष्ट्रपति बनने के बाद से काफी शांत और सम्मानजनक रहा है। ऐसे में दक्षिण कोरिया के साथ बड़े स्तर पर सैन्य अभ्यास करना उन्हें उचित नहीं लगता। हालांकि उन्होंने साफ किया कि मौजूदा सैन्य अभ्यासों को पूरी तरह रद्द करना अब संभव नहीं है।
इसी वजह से उन्होंने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को निर्देश दिया है कि इन संयुक्त सैन्य अभ्यासों का दायरा काफी हद तक कम किया जाए। ट्रंप का यह फैसला अमेरिका-दक्षिण कोरिया सुरक्षा संबंधों और उत्तर कोरिया के साथ वॉशिंगटन की रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
ईरान को लेकर दक्षिण कोरिया ने किया इनकार
ट्रंप ने अपनी पोस्ट में एक अन्य घटनाक्रम का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि हाल ही में उन्होंने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति से ईरान को परमाणु हथियारों से मुक्त करने के अमेरिकी अभियान में सहयोग करने को कहा था। ट्रंप के मुताबिक, दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ने इस अनुरोध पर सहमति नहीं जताई।
हालांकि ट्रंप ने इसे सैन्य अभ्यास कम करने के फैसले से अलग मुद्दा बताया, लेकिन दोनों घटनाक्रमों का एक ही समय में सामने आना अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
सऊदी अरब, तुर्किए और पाकिस्तान का समझौता
ट्रंप ने अपनी एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में सऊदी अरब, तुर्किए और पाकिस्तान के बीच हुए ‘मक्का संयुक्त रक्षा समझौते’ का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व के देशों का एक साथ आना और अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करना सकारात्मक कदम है।
ट्रंप ने तीनों देशों के नेतृत्व को बधाई देते हुए इस समझौते को एक बड़ा, साहसी और महत्वपूर्ण पहला कदम बताया। इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि अमेरिका की विदेश और सुरक्षा नीति में ईरान, उत्तर कोरिया और मध्य पूर्व से जुड़े मुद्दे इस समय बेहद अहम बने हुए हैं।
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