मिडटर्म चुनाव में हार से भड़के ट्रंप, बोले- मैं होता तो ऐसा नहीं होता

वॉशिंगटन डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में पार्टी के शर्मनाक प्रदर्शन पर अपना पहला रिएक्शन दिया है. अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा कि अगर मैं चुनाव लड़ रहा होता तो उनकी रिपब्लिकन पार्टी को एकतरफा जीत मिलती है. साथ ही उन्होंने कहा है कि वह अमेरिकी जनता का जनादेश मानने को तैयार हैं. अमेरिका में मिडटर्म चुनाव में अमेरिका में सभी 435 हाउस सीटों और 100 में से 35 सीनेट सीटों पर चुनाव हुए हैं. साथ ही 36 राज्यों में गवर्नर के चुनाव भी हैं. डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी के हाथ से दोनों सदन का कंट्रोल जाता दिख

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Published On :

नवम्बर 4, 2026

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वॉशिंगटन

डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में पार्टी के शर्मनाक प्रदर्शन पर अपना पहला रिएक्शन दिया है. अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा कि अगर मैं चुनाव लड़ रहा होता तो उनकी रिपब्लिकन पार्टी को एकतरफा जीत मिलती है. साथ ही उन्होंने कहा है कि वह अमेरिकी जनता का जनादेश मानने को तैयार हैं. अमेरिका में मिडटर्म चुनाव में अमेरिका में सभी 435 हाउस सीटों और 100 में से 35 सीनेट सीटों पर चुनाव हुए हैं. साथ ही 36 राज्यों में गवर्नर के चुनाव भी हैं. डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी के हाथ से दोनों सदन का कंट्रोल जाता दिख रहा है. विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी शानदार जीत हासिल करती दिख रही है। 

डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने ट्रूथ सोशल पर लिखा है, "मैं बैलेट (मतपत्र) पर नहीं था, और अगर होता, तो हम भारी बहुमत से जीत जाते. इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद. राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप"

डोनाल्ड ट्रंप ने साथ में यह भी कहा है कि वह मिडटर्म चुनावों के नतीजों को स्वीकार करेंगे. उन्होंने 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' से कहा, "मैं इन नतीजों को स्वीकार करने के लिए पूरी तरह तैयार हूं. हम डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करेंगे, और उनके साथ काम करने को लेकर उत्सुक हैं. हम शायद कोई न कोई रास्ता निकाल ही लेंगे। 

ट्रंप के ये सुलह वाले बयान ऐसे समय में आए हैं, जब उन्होंने बार-बार चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल उठाए थे. इससे यह डर पैदा हो गया था कि शायद वह अपनी हार मानने से इनकार कर दें। 

यह चुनाव ट्रंप के विवादों से घिरे दूसरे राष्ट्रपति कार्यकाल पर एक तरह का जनादेश माना जा रहा है. अमेरिका में जीवन गुजारने की बढ़ती लागत, टैरिफ और ईरान के खिलाफ अमेरिकी युद्ध को लेकर लोगों में असंतोष था. इस जंग की वजह से तेल-गैस की कीमतें काफी बढ़ गई हैं और इसका असर रिपब्लिकन पार्टी के उम्मदीवारों पर पड़ा है. दूसरी तरफ ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग भी रिकॉर्ड निचले स्तर के करीब बनी हुई है। 

नतीजों को स्वीकार करता हूं: ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा है कि वे मध्यावधि चुनावों के नतीजों को स्वीकार करेंगे। डेमोक्रेट्स को चुनाव में जीत मिली है और वे उनके साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें कोई पछतावा नहीं है और वह अब आगे की ओर देख रहे हैं। उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी की हार के लिए खुद के चुनावी मैदान में ना होने को माना है।

अमेरिका में 435 सदस्यों वाली प्रतिनिधि सभा में बहुमत के लिए 218 सीटों की जरूरत होती है। शुरुआती नतीजों के आधार पर माना जा रहा है कि डेमोक्रेट्स इस चुनाव में बहुमत के लिए जरूरी 218 सीटें जीत सकती है। वहीं जबकि रिपब्लिकन पार्टी को 160 सीटें मिलने का अनुमान है। यह डोनाल्ड ट्रंप के लिए सीधेतौर पर झटका है।

चुनाव नतीजों का ट्रंप पर असर
अमेरिकी मिडटर्म चुनावों के नतीजे खासतौर से डोनाल्ड ट्रंप के लिए मुश्किल बढ़ा सकते हैं। डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति कार्यकाल का अभी दो साल का समय बाकी है। अमेरिकी कांग्रेस में विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी का नियंत्रण होना सीधेतौर पर उनके कामकाज पर असर डालेगा। उनके लिए अपने फैसले लेना उस तरह आसान नहीं रहेगा, जैसे वो अब तक लेते रहे हैं।

डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति बनने के बाद से दिखाया है कि वह अपने काम अपने ही तरीके से करते हैं। इस वजह से उनके कई फैसले कानून पेचीदगियों में फंसते रहे हैं और उनको कोर्ट में चुनौती दी जाती रही है। ऐसे में अब जबकि सदन में उनकी पार्टी के पास बहुमत नहीं होगा तो इमिग्रेशन और टैरिफ जैसे मुद्दों पर उनके लिए पहले की तरह मनमर्जी चलाना आसान नहीं होगा।

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