Trump Iran Claim : डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा, कहा- “मोजतबा खामेनेई समलैंगिक हैं और ईरान युद्ध हार चुका है”

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई को लेकर अब तक का सबसे विवादित दावा किया है। सीआईए की खुफिया जानकारी का हवाला देते हुए ट्रंप ने उनकी निजी जिंदगी पर सवाल उठाए हैं। क्या यह दावा ईरान में तख्तापलट की आहट है या सिर्फ चुनावी जुमला?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मार्च 27, 2026

Trump Iran Claim : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने बयानों से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। इस बार उनके निशाने पर ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई हैं। फॉक्स न्यूज को दिए गए एक विशेष साक्षात्कार में ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी खुफिया एजेंसी (CIA) ने उन्हें जानकारी दी है कि मोजतबा खामेनेई समलैंगिक हैं। ट्रंप ने कहा, “सीआईए ने मुझे यह बताया है, हालांकि मुझे यह नहीं पता कि यह केवल उनकी राय है या किसी और ने भी इसकी पुष्टि की है।” ट्रंप के इस बयान ने राजनयिक गलियारों में सनसनी फैला दी है, क्योंकि उन्होंने बिना किसी ठोस सबूत के एक राष्ट्र के सर्वोच्च धार्मिक और राजनीतिक नेता पर इतना निजी हमला किया है।

ईरान के सामाजिक ढांचे और शरिया कानून पर कटाक्ष

ट्रंप ने अपनी टिप्पणी में केवल व्यक्तिगत हमला नहीं किया, बल्कि ईरान के सख्त इस्लामी कानूनों की ओर भी इशारा किया। ईरान में समलैंगिकता को न केवल सामाजिक रूप से वर्जित माना जाता है, बल्कि शरिया कानून के तहत यह एक गंभीर अपराध है, जिसके लिए मृत्युदंड तक का प्रावधान है। ‘न्यूयॉर्क पोस्ट’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने बताया कि जब उन्हें खुफिया ब्रीफिंग के दौरान यह जानकारी मिली, तो वे अपनी हंसी नहीं रोक पाए। ट्रंप का मानना है कि इस तरह की सूचनाओं के सार्वजनिक होने से मोजतबा खामेनेई के शासन की शुरुआत बेहद “खराब और कमजोर” होगी, जिससे ईरान के कट्टरपंथी समाज में उनकी छवि को धक्का लग सकता है।

सैन्य मोर्चे पर ‘पूर्ण विजय’ का ऐलान

इसी इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी संघर्ष पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने बेहद आत्मविश्वास के साथ दावा किया कि अमेरिका और इजरायल ने सैन्य रूप से ईरान के खिलाफ युद्ध पहले ही जीत लिया है। ट्रंप के अनुसार, हालिया अमेरिकी और इजरायली हमलों ने ईरान की रक्षात्मक और आक्रामक क्षमताओं को पूरी तरह से पंगु बना दिया है। उन्होंने इसे एक “सुनिश्चित जीत” करार देते हुए कहा कि अब ईरान के पास अमेरिका का मुकाबला करने की ताकत नहीं बची है। ट्रंप ने इस जीत को अपनी विदेश नीति की एक बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश किया है।

ईरानी वायुसेना और नौसेना के विनाश का दावा

ट्रंप ने ईरानी सैन्य क्षति के जो आँकड़े पेश किए, वे काफी चौंकाने वाले हैं। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सैन्य अभियानों ने ईरान की वायुसेना और नौसेना को लगभग पूरी तरह नष्ट कर दिया है। ट्रंप के मुताबिक, संघर्ष के दौरान ईरान के 154 युद्धपोत डुबा दिए गए हैं। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि ईरान की मिसाइल शक्ति अब केवल 9 प्रतिशत बची है। ट्रंप ने विशेष रूप से मिसाइल लॉन्चरों के विनाश पर जोर देते हुए कहा कि बिना लॉन्चर के मिसाइलें महज बेकार लोहे के टुकड़े हैं। उनके अनुसार, ईरान की सामरिक ताकत अब पतन की कगार पर है और वह भविष्य में किसी बड़े हमले की स्थिति में नहीं है।

ऊर्जा ठिकानों पर हमले की नई समय सीमा और बातचीत

युद्ध के बीच कूटनीतिक पैंतरेबाजी का जिक्र करते हुए ट्रंप ने बताया कि उन्होंने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमला करने की समय सीमा को 10 दिन बढ़ाकर 6 अप्रैल कर दिया है। ट्रंप का दावा है कि यह रियायत खुद ईरानी सरकार के अनुरोध पर दी गई है। उन्होंने संकेत दिया कि पर्दे के पीछे बातचीत “बहुत अच्छी” दिशा में आगे बढ़ रही है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप के ये दावे मनोवैज्ञानिक युद्ध (Psychological Warfare) का हिस्सा हो सकते हैं, जिसका उद्देश्य ईरानी नेतृत्व पर दबाव बनाना और उन्हें अपनी शर्तों पर बातचीत की मेज तक लाना है।

Read more:  Rupee vs Dollar Today : रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर, डॉलर के मुकाबले ₹94.24 पर लुढ़का, जानें क्या होगा असर