Trump Action: ट्रंप ने मुस्लिम ब्रदरहुड की 3 शाखाओं को ‘आतंकवादी’ घोषित किया; मिस्र, जॉर्डन और लेबनान पर बड़ा फैसला

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को अपने वादे को पूरा करते हुए मुस्लिम ब्रदरहुड की मिस्र, जॉर्डन और लेबनान शाखाओं को आतंकी संगठन घोषित कर दिया। ट्रंप प्रशासन का आरोप है कि ये समूह हमास को वित्तीय और सैन्य मदद पहुँचा रहे हैं। इस फैसले से अरब देशों के समीकरण बदल सकते हैं।

Trump Action

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 14, 2026

Trump Action: ईरान में जारी हिंसा और तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को मिस्र, जॉर्डन और लेबनान में मुस्लिम ब्रदरहुड की शाखाओं को आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया। यह फैसला 13 जनवरी को अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट और ट्रेजरी डिपार्टमेंट द्वारा किया गया। अमेरिका ने मुस्लिम ब्रदरहुड की इन शाखाओं पर आतंकवाद का लेबल चस्पा कर उन्हें फॉरेन टेररिस्ट ऑर्गनाइजेशन (FTO) और स्पेशली डेजिग्नेटेड ग्लोबल टेररिस्ट (SDGT) घोषित किया।

अमेरिका का कार्यकारी आदेश और इसका उद्देश्य

अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट ने लेबनान की मुस्लिम ब्रदरहुड शाखा (जमाआ इस्लामिया) को FTO और SDGT घोषित किया, जबकि इसके नेता मुहम्मद फौजी तक्कोश पर भी SDGT का लेबल लगाया गया। इसके अलावा, अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने मिस्र और जॉर्डन की शाखाओं को SDGT घोषित किया, क्योंकि इन पर हमास को सामग्री सहायता देने का आरोप है। यह कदम नवंबर 2025 में ट्रंप द्वारा हस्ताक्षरित एक कार्यकारी आदेश के तहत उठाया गया, जिसका उद्देश्य अमेरिका और उसके हितों के लिए खतरा पैदा करने वाली शाखाओं को निशाना बनाना है।

अमेरिका के फैसले का संभावित असर

इस फैसले के तहत अमेरिका में इन संगठनों की संपत्तियां फ्रीज हो जाएंगी। अमेरिकी नागरिक या कंपनियों के लिए इनके साथ कोई भी लेन-देन या सहायता अपराध माना जाएगा। इसके अलावा, संगठन के सदस्यों पर यात्रा प्रतिबंध लग सकते हैं। इस तरह से मुस्लिम ब्रदरहुड को वित्तीय और राजनीतिक रूप से बड़ा झटका लग सकता है।

सऊदी अरब की प्रतिक्रिया और समर्थन

बुधवार को सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के इस फैसले का स्वागत किया। सऊदी अरब ने कहा कि यह कदम क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा, स्थिरता और अरब देशों की समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है। सऊदी अरब ने 2014 से ही मुस्लिम ब्रदरहुड को आतंकवादी संगठन घोषित कर रखा है। अमेरिका के इस कदम से दोनों देशों के बीच आतंकवाद विरोधी सहयोग मजबूत होगा।

अन्य देशों का रुख और समर्थन

अमेरिका के फैसले की कई अन्य देशों ने भी सराहना की है। मिस्र ने इसे “महत्वपूर्ण कदम” बताया और कहा कि यह संगठन की उग्रवादी विचारधारा को उजागर करता है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भी इस कदम का स्वागत किया। वहीं मुस्लिम ब्रदरहुड ने इस फैसले को खारिज किया और कहा कि वे इसे कानूनी रूप से चुनौती देंगे।

मुस्लिम ब्रदरहुड के बारे में जानकारी

मुस्लिम ब्रदरहुड 1928 में मिस्र में स्थापित एक इस्लामी संगठन है, जो राजनीतिक इस्लाम को बढ़ावा देता है। कई अरब देश इसे उग्रवाद और अस्थिरता का स्रोत मानते हैं, जबकि कुछ इसे राजनीतिक आंदोलन के रूप में देखते हैं। पहले से ही सऊदी अरब, मिस्र, UAE, बहरीन और रूस इसे आतंकवादी मानते हैं।

मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव और रणनीतिक पहल

अमेरिका द्वारा मुस्लिम ब्रदरहुड की तीन शाखाओं को आतंकवादी घोषित करना मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का हिस्सा है। यह कदम हमास और अन्य इस्लामी समूहों के खिलाफ अमेरिका-गल्फ देशों की साझा रणनीति का हिस्सा भी है। इसका उद्देश्य क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखना और उग्रवादी गतिविधियों को रोकना है।

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