MP में शराब कारोबारियों की बढ़ी मुश्किलें, सरकार करेगी ओवरचार्जिंग और अवैध अहातों पर सख्ती

भोपाल मध्यप्रदेश सरकार ने नई आबकारी नीति 2026-27 के तहत शराब दुकानों और अवैध गतिविधियों पर सख्ती बढ़ाने का फैसला किया है। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेशभर में आबकारी नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने कहा कि शराब दुकानों पर ओवर रेटिंग, तय समय के बाद बिक्री और अवैध रूप से संचालित शॉप बार जैसी गतिविधियों के खिलाफ राज्यव्यापी विशेष अभियान चलाया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले मदिरा ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों पर सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश की

Wrriten By :

Editor

Published On :

मई 28, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

भोपाल

मध्यप्रदेश सरकार ने नई आबकारी नीति 2026-27 के तहत शराब दुकानों और अवैध गतिविधियों पर सख्ती बढ़ाने का फैसला किया है। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेशभर में आबकारी नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने कहा कि शराब दुकानों पर ओवर रेटिंग, तय समय के बाद बिक्री और अवैध रूप से संचालित शॉप बार जैसी गतिविधियों के खिलाफ राज्यव्यापी विशेष अभियान चलाया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले मदिरा ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों पर सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश की सभी कम्पोजिट मदिरा दुकानों को पूरी तरह “ऑफ श्रेणी” घोषित किया गया है। इसके तहत दुकान परिसर या आसपास शराब सेवन की अनुमति नहीं होगी। अवैध अहातों और उपभोग स्थलों को बंद कराने के लिए विशेष दल गठित कर औचक निरीक्षण किए जाएंगे।  

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि शराब दुकानों के खुलने और बंद होने के निर्धारित समय का सख्ती से पालन कराया जाएगा। इसके लिए पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीमें निगरानी करेंगी। वहीं उपभोक्ताओं से तय कीमत से अधिक राशि वसूलने की शिकायतों को रोकने के लिए दुकानों पर शराब की दरें प्रदर्शित करना अनिवार्य किया गया है। साथ ही पारदर्शिता के लिए दुकानों पर क्यूआर कोड भी लगाए जाएंगे, ताकि ग्राहक वास्तविक कीमत की जांच कर सकें। उन्होंने कहा कि निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर शराब बेचने वालों पर भारी जुर्माना लगाने के साथ लाइसेंस निलंबन जैसी कार्रवाई भी की जाएगी। इसके अलावा प्रदेश के पवित्र घोषित नगरों और क्षेत्रों में अवैध शराब बिक्री रोकने के लिए निगरानी तंत्र को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। 

सभी कम्पोजिट दुकानें 'ऑफ श्रेणी' की घोषित, अवैध अहाते होंगे बंद
उप मुख्यमंत्री ने नीतिगत प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश की सभी कम्पोजिट मदिरा दुकानों को पूरी तरह 'ऑफ श्रेणी' का घोषित किया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब दुकान परिसर या उसके आसपास मदिरा सेवन (शराब पीने) की सुविधा उपलब्ध कराना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। नियमों के उल्लंघन की शिकायतों की सघन जांच के लिए विशेष दलों का गठन किया गया है, जो औचक निरीक्षण करेंगे। इस दौरान मिलने वाले सभी अवैध अहातों और उपभोग स्थलों को तुरंत बंद कराने के निर्देश मुख्यालय द्वारा बिंदुवार दिशा-निर्देशों के माध्यम से जारी कर दिए गए हैं।

देर रात तक शराब बिक्री पर रोक, क्यूआर कोड से थमेगी ओवर रेटिंग
दुकानों के निर्धारित समय से पहले खुलने और तय वक्त के बाद देर रात तक मदिरा बेचने के मामलों को सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है। राजपत्र में निर्धारित समय सीमा का पालन कराने के लिए अब पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीमें मिलकर गश्त करेंगी। इसके साथ ही उपभोक्ताओं से तय मूल्य से अधिक राशि वसूलने (ओवर रेटिंग) की शिकायतों पर रोक लगाने के लिए प्रत्येक दुकान पर विक्रय दरों का प्रदर्शन अनिवार्य किया गया है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए दुकानों पर क्यूआर कोड चस्पा किए जाएंगे, जिससे मदिरा की वास्तविक दरों का सत्यापन हो सकेगा। यदि कोई ठेकेदार निर्धारित दर से अधिक कीमत पर मदिरा बेचता पाया गया, तो उस पर भारी जुर्माना और लाइसेंस निलंबन जैसी कड़ी कार्रवाई होगी।

पवित्र नगरों और क्षेत्रों में अवैध परिवहन व बिक्री पर रहेगी पैनी नजर
 देवड़ा ने कहा कि प्रदेश के जिन नगरों और क्षेत्रों को 'पॉली / पवित्र' घोषित किया गया है, वहाँ मदिरा की अवैध बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इन प्रतिबंधित क्षेत्रों में पहले से ही मदिरा दुकानों को पूरी तरह बंद रखने के आदेश लागू हैं। अब इन क्षेत्रों में शराब के किसी भी प्रकार के अवैध परिवहन या बिक्री को रोकने के लिए निगरानी तंत्र (सुरक्षा और इंटेलिजेंस) को और अधिक मजबूत किया जा रहा है, ताकि सरकार के इन कदमों से अवैध रूप से मदिरा का विक्रय और उपभोग कराने वाले तत्वों पर पूरी तरह शिकंजा कसा जा सके।

2