Tripura DGP Anurag Dhankar Suicide Case: त्रिपुरा से एक बेहद चौंकाने वाली और दुखद खबर सामने आई है। राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग धनखड़ सोमवार को अगरतला स्थित पुलिस मुख्यालय (PHQ) में अपने आधिकारिक कार्यालय कक्ष में मृत पाए गए। शुरुआती जांच और प्राथमिक रिपोर्टों से यह आशंका जताई जा रही है कि वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ने कथित तौर पर आत्महत्या की है।
पुलिस महकमे में मची अफरा-तफरी
बताते चले कि, इस दिल दहला देने वाली घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में अफरा-तफरी मच गई। आनंद-फानन में उनके पार्थिव शरीर को पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के लिए अगरतला के जीबी पंत अस्पताल ले जाया गया है। राज्य के इस शीर्ष पुलिस अधिकारी की अचानक और रहस्यमयी मौत से त्रिपुरा के प्रशासनिक, राजनीतिक और सुरक्षा हलकों में गहरा शोक और हड़कंप व्याप्त हो गया है।
उच्च स्तरीय जांच के आदेश
घटना की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य सरकार ने मामले की विस्तृत उच्च स्तरीय जांच (High-Level Investigation) शुरू कर दी है। पुलिस की विशेष टीमें उन सभी परिस्थितियों और कारणों का पता लगाने में जुट गई हैं, जिनकी वजह से यह दुखद घटना घटी।
मालूम हो कि त्रिपुरा कैडर के 1994 बैच के बेहद अनुभवी आईपीएस अधिकारी अनुराग धनखड़ ने राज्य सरकार द्वारा की गई आधिकारिक नियुक्ति के बाद मई 2025 में त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (पुलिस बल के प्रमुख) के रूप में कार्यभार संभाला था। तीन दशकों से अधिक के अपने शानदार करियर में वे कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे थे, जिसके कारण उनकी इस संदिग्ध मौत ने पूरे पुलिस समुदाय को झकझोर कर रख दिया है।
मुख्यमंत्री माणिक साहा का आपात दौरा
त्रिपुरा के शीर्ष पुलिस प्रमुख की आत्महत्या की खबर मिलते ही सूबे के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा तुरंत एक्शन में आए। सोमवार सुबह पुलिस महानिदेशक कार्यालय में उत्पन्न हुई बेहद गंभीर स्थिति का प्रत्यक्ष जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री खुद पुलिस मुख्यालय पहुंचे।
उन्होंने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और वहां मौजूद शीर्ष अधिकारियों से घटनाक्रम की पूरी जानकारी ली। हालांकि, इस बेहद संवेदनशील मौके पर मुख्यमंत्री माणिक साहा ने बाहर उत्सुकता से इंतजार कर रहे पत्रकारों से कोई बातचीत नहीं की और वे बिना कोई टिप्पणी किए वहां से रवाना हो गए। उनके इस दौरे के तुरंत बाद भी सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रेस नोट जारी नहीं किया गया, जिससे सस्पेंस और बढ़ गया है।
सचिवालय से अस्पताल तक हलचल
इस दुखद घटना के बाद पुलिस मुख्यालय और जीबी पंत अस्पताल परिसर छावनी में तब्दील हो गया है। हालात की संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्य सचिव सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और गृह विभाग के आला अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस प्रशासन ने अभी तक इस घटना की वास्तविक प्रकृति को लेकर कोई औपचारिक प्रेस विज्ञप्ति या आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
हालांकि, प्रशासनिक गलियारों और अनौपचारिक सूत्रों से मौत के कारणों को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं, लेकिन त्रिपुरा सरकार या पुलिस मुख्यालय ने अभी तक इनमें से किसी भी बात की पुष्टि नहीं की है। उच्चाधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम की अंतिम फोरेंसिक रिपोर्ट आने और जरूरी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही मीडिया के सामने औपचारिक और तथ्यात्मक बयान जारी किया जाएगा।










