शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय में सोराइटिक-आर्थराइटिस रोग के लिए उपचार उपलब्ध

भोपाल शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय भोपाल, एम्स भोपाल एवं केन्द्रीय होम्योपैथिक अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के संयुक्त तत्वाधान में वर्ष 2021 से संचालित सोरायसिस विशेषज्ञ इकाई में नवीन शोध एवं उपचार व्यवस्था की गई है। उक्त इकाई में अब सोराइटिक आर्थराइटिस नामक रोग के उपचार की व्यवस्था भी की गई है। यह इकाई रोग के कारण, पहचान एवं होम्योपैथी से प्रभावी उपचार एवं प्रबंधन पर कार्य करेगी और मरीजों को जागरूक करेगी। सोराइटिक आर्थराइटिस जोड़ों से जुडी एक गंभीर बीमारी है, जो त्वचा रोग सोरियासिस से जुडी होती है और धीरे-धीरे जोड़ों को प्रभावित करती है। इस रोग

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Published On :

अप्रैल 30, 2026

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भोपाल

शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय भोपाल, एम्स भोपाल एवं केन्द्रीय होम्योपैथिक अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के संयुक्त तत्वाधान में वर्ष 2021 से संचालित सोरायसिस विशेषज्ञ इकाई में नवीन शोध एवं उपचार व्यवस्था की गई है। उक्त इकाई में अब सोराइटिक आर्थराइटिस नामक रोग के उपचार की व्यवस्था भी की गई है। यह इकाई रोग के कारण, पहचान एवं होम्योपैथी से प्रभावी उपचार एवं प्रबंधन पर कार्य करेगी और मरीजों को जागरूक करेगी।

सोराइटिक आर्थराइटिस जोड़ों से जुडी एक गंभीर बीमारी है, जो त्वचा रोग सोरियासिस से जुडी होती है और धीरे-धीरे जोड़ों को प्रभावित करती है। इस रोग में त्वचा का लाल, मोटी एवं पपड़ीदार दिखाई देना शामिल है, जिनमें खुजली एवं जलन हो सकती है एवं मरीजों को जोड़ों में दर्द, सूजन, जकड़न और थकान जैसी समस्याओं का सामना करना पडता है।

यह रोग मुख्यतः 30 से 50 वर्ष आयु में अधिक देखा जाता है। हालांकि यह किसी भी उम्र में हो सकता है, पुरुष और महिलाएँ दोनो समान रूप से प्रभावित हो सकते हैं। इसकी गंभीरता हल्की से लेकर अत्यंत गंभीर तक हो सकती है, जहाँ समय पर उपचार न मिलने पर स्थायी रूप से जोड़ों की क्षति हो सकती है।

सोरियासिस और आर्थराइटिस के बीच के संबंध का कारण शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली में गड़बड़ी को माना जाता है। होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति शरीर की आंतरिक प्रतिरक्षा प्रणाली को संतुलित करती है, जिसमें रोग की पुनरावृत्ति को नियंत्रित करने एवं समग्र स्वास्थ्य में सुधार लाने पर सहायता मिलती है।

आयुष विभाग के प्रमुख सचिव  शोभित जैन के निर्देश अनुरूप इस प्रोजेक्ट से प्रदेश के अधिक से अधिक सोराइटिक आर्थराइटिस के रोगियों को लाभान्वित करना है। इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए भोपाल के शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के अनुसंधान विभाग द्वारा एक विशेष शोध इकाई की स्थापना की गई है, जिसमें पंजीयन के लिए मोबाइल नंबर 8853203416 पर कार्यालयीन समय (प्रातः10:00 से सायं 5:00) बजे तक संपर्क किया जा सकता है।

 

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