Tourist सावधान! छतबीड़ चिड़ियाघर में अब नहीं चलेगी मनमानी, जंगलात विभाग ने कसे नियम

जीरकपुर अब छतबीड़ चिड़ियाघर में किसी भी गाड़ी के हॉर्न बजाने पर पूरी तरह बैन लगा दिया गया है। यह फैसला जंगलात डिपार्टमेंट के बड़े अधिकारियों ने एक टूरिस्ट की शिकायत सामने आने और मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लिया है। डिपार्टमेंट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत आदेश जारी किए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, कुछ दिन पहले जू घूमने आए एक टूरिस्ट ने शिकायत की थी कि अंदर चल रही कुछ गाड़ियों के हॉर्न की आवाज से जानवरों और पक्षियों को परेशानी हो रही है। सोशल मीडिया पर यह मामला सामने आने के

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Published On :

मार्च 9, 2026

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जीरकपुर
अब छतबीड़ चिड़ियाघर में किसी भी गाड़ी के हॉर्न बजाने पर पूरी तरह बैन लगा दिया गया है। यह फैसला जंगलात डिपार्टमेंट के बड़े अधिकारियों ने एक टूरिस्ट की शिकायत सामने आने और मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लिया है। डिपार्टमेंट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत आदेश जारी किए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, कुछ दिन पहले जू घूमने आए एक टूरिस्ट ने शिकायत की थी कि अंदर चल रही कुछ गाड़ियों के हॉर्न की आवाज से जानवरों और पक्षियों को परेशानी हो रही है।

सोशल मीडिया पर यह मामला सामने आने के बाद जंगलात डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने जांच की और तुरंत एक्शन लिया। बताया जा रहा है कि अधिकारियों ने मामले को इतना गंभीरता से लिया कि होली की छुट्टी होने के बावजूद छुट्टी वाले दिन ही इस बारे में आदेश जारी कर दिए गए। डिपार्टमेंट का कहना है कि चिड़ियाघर में रहने वाले जंगली जानवरों को शांत और कुदरती माहौल देना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। चिड़ियाघर के अंदर बाहरी गाड़ियों की एंट्री पहले से ही बंद है, ताकि जानवरों और पक्षियों को गाड़ियों के शोर से परेशानी न हो। प्रशासनिक काम के लिए कुछ ही गाड़ियों को अंदर आने की इजाजत है। इनमें जानवरों के लिए चारा ले जाने वाली ट्रैक्टर-ट्रॉली और डिपार्टमेंट की दूसरी जरूरी गाड़ियां शामिल हैं। नए ऑर्डर के मुताबिक, इन गाड़ियों के ड्राइवरों को भी हॉर्न बजाने से मना किया गया है।

नियम तोड़ने वालों पर एक्शन होगा
जंगलात डिपार्टमेंट ने साफ कर दिया है कि अगर कोई गाड़ी वाला चिड़ियाघर के अंदर हॉर्न बजाता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। चिड़ियाघर में चलने वाली बैटरी से चलने वाली गाड़ियों के ड्राइवरों को भी इन नियमों का पालन करने को कहा गया है।
 
तेज आवाज जानवरों के व्यवहार पर डालती है असर
वाइल्डलाइफ लवर्स के मुताबिक, तेज और लगातार शोर जानवरों के व्यवहार पर गंभीर असर डालता है। कई जानवर अचानक तेज आवाज से डर जाते हैं और उनमें स्ट्रेस बढ़ सकता है। कभी-कभी पक्षी भी अपने घोंसले छोड़ देते हैं और जानवरों की नॉर्मल एक्टिविटीज पर असर पड़ता है। लगातार शोर उनकी नींद, खाने और रिप्रोडक्टिव प्रोसेस पर भी बुरा असर डालता है।

नियमों का सख्ती से पालन करें: सुपरिटेंडेंट
इस बात की पुष्टि करते हुए छतबीड़ चिड़ियाघर के सुपरिटेंडेंट चंचल कुमार ने कहा कि हॉर्न बजाने की शिकायत मिलने के बाद डिपार्टमेंट ने तुरंत फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि जानवरों को शांतिपूर्ण माहौल देने के लिए अब चिड़ियाघर के अंदर किसी भी गाड़ी को हॉर्न बजाने की इजाजत नहीं होगी और सभी ड्राइवरों को नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

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