Jahangir Khan TMC : TMC नेता जहांगीर खान को झटका, नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तारी के बाद 5 दिन की पुलिस रिमांड

TMC Jahangir Khan : फलता विधानसभा सीट से टीएमसी के पूर्व उम्मीदवार और खुद को 'पुष्पा' बताने वाले जहांगीर खान को स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने नेपाल सीमा से गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट ने उन्हें 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। आखिर उनकी इस अचानक फरारी और गिरफ्तारी के पीछे क्या रहस्य छिपा है? जानिए!

Jahangir Khan TMC

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जून 9, 2026

Jahangir Khan TMC : पश्चिम बंगाल की राजनीति और आपराधिक मामलों से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। दक्षिण 24 परगना जिले के फालता से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कद्दावर और विवादित नेता जहांगीर खान को अदालत से बहुत बड़ा झटका लगा है। भारत-नेपाल सीमा से नाटकीय ढंग से गिरफ्तार किए गए जहांगीर खान को पुलिस ने कड़े सुरक्षा घेरे में डायमंड हार्बर कोर्ट में पेश किया। मामले की गंभीरता और आरोपों की संवेदनशीलता को देखते हुए अदालत ने आरोपी टीएमसी नेता को 5 दिनों की पुलिस कस्टडी (रिमांड) में भेजने का आदेश जारी कर दिया है। गौरतलब है कि अपने दबंग अंदाज के कारण जहांगीर खान को स्थानीय इलाके में लोग ‘पुष्पा’ के नाम से भी पुकारते हैं।

खुफिया इनपुट के आधार पर भारत-नेपाल बॉर्डर से दबोचे गए जहांगीर

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद से ही जहांगीर खान कानून के शिकंजे से बचने के लिए लगातार पुलिस को चकमा दे रहे थे और फरार चल रहे थे। उन पर इलाके के व्यापारियों और आम लोगों से ‘जबरन वसूली’ (रंगदारी) करने, मारपीट और आपराधिक रूप से डराने-धमकाने के कई संगीन मामले दर्ज हैं। जिला पुलिस की कई टीमें लगातार उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही थीं। आखिरकार, खुफिया एजेंसियों से मिले सटीक इनपुट के आधार पर पुलिस ने उत्तर बंगाल में भारत-नेपाल सीमा के पास घेराबंदी की और उन्हें उस समय दबोच लिया, जब वे सीमा पार कर नेपाल भागने की फिराक में थे।

हाई कोर्ट से कानूनी कवच हटते ही भागने के अलावा नहीं था रास्ता

जहांगीर खान की इस जल्दबाजी और फरार होने के पीछे की मुख्य वजह कानूनी संरक्षण का खत्म होना था। दरअसल, कलकत्ता हाई कोर्ट ने एक पुराने मामले की सुनवाई के दौरान जहांगीर खान को पुलिस गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा (कानूनी कवच) प्रदान कर रखी थी। लेकिन कोर्ट ने मामले के तथ्यों को देखते हुए बीते 26 मई को इस अंतरिम सुरक्षा को वापस ले लिया था। हाई कोर्ट का संरक्षण हटते ही जिला पुलिस प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया। गिरफ्तारी के डर से घबराए जहांगीर खान के पास राज्य छोड़कर भागने के अलावा और कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था, लेकिन पुलिस ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।

आईपीएस अधिकारी को दी थी चुनौती, खुद को बताया था ‘पुष्पा’

जहांगीर खान केवल अपने कारनामों की वजह से ही नहीं, बल्कि अपने फिल्मी बयानों के कारण भी पूरे देश की मीडिया और राजनीतिक हलकों की सुर्खियों में आए थे। चुनाव के दौरान फालता इलाके में कानून व्यवस्था और सुरक्षा की कमान उत्तर प्रदेश (UP) कैडर के तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा को सौंपी गई थी। जहांगीर ने इस पुलिस अधिकारी को खुलेआम चुनौती देते हुए मशहूर फिल्म ‘पुष्पा’ के अंदाज में संवाद बोला था कि वह किसी से डरकर झुकेंगे नहीं। इस घटना के बाद से ही उन्हें ‘फालता का पुष्पा’ कहा जाने लगा, हालांकि अब वह पुलिस की गिरफ्त में हैं।

फालता सीट पर दोबारा हुआ था चुनाव, टीएमसी की हुई करारी हार

फालता विधानसभा सीट पर इस बार का चुनाव बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा। 29 अप्रैल को हुए पहले चरण के मतदान के दौरान यहां बड़े पैमाने पर ईवीएम से छेड़छाड़, बूथ कैप्चरिंग और चुनावी धांधली की गंभीर शिकायतें मिली थीं। इसके बाद संज्ञान लेते हुए चुनाव आयोग ने वहां का चुनाव रद्द कर दिया और 21 मई को दोबारा मतदान (री-पोलिंग) कराने का ऐतिहासिक आदेश दिया था।

दोबारा हुए इस चुनाव से ठीक पहले केंद्रीय बलों की कड़ाई के कारण टीएमसी के उम्मीदवार जहांगीर खान मैदान से हट गए थे। कड़े केंद्रीय सुरक्षा बलों के साये में हुए इस चुनाव के नतीजों ने सबको चौंका दिया, जहां भाजपा (BJP) उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने रिकॉर्ड 1,09,021 वोटों के अंतर से ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इस चुनाव में माकपा (CPI-M) दूसरे स्थान पर रही, जबकि टीएमसी की जमानत तक जब्त हो गई थी।

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