Tirupati Laddu Row: आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध तिरुपति मंदिर के प्रसादम में कथित मिलावट का मामला अब एक बड़े राजनीतिक और धार्मिक संग्राम का रूप ले चुका है। तेलुगु देशम पार्टी (TDP) ने तत्कालीन वाईएसआरसीपी सरकार पर हिंदुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने का गंभीर आरोप लगाया है।
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CM चंद्रबाबू नायडू ने पेश किया लड्डू घोटाले का ब्यौरा
बुधवार को टीडीपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम कुमार जैन ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने राज्य विधानसभा में इस कथित ‘लड्डू स्कैम’ की विस्तृत रिपोर्ट साझा की है। नायडू के अनुसार, जगन मोहन रेड्डी के मुख्यमंत्री काल के दौरान मंदिर के प्रसादम में इस्तेमाल होने वाले घी की गुणवत्ता से समझौता किया गया था। सरकार का दावा है कि लैब रिपोर्ट में घी के नमूनों में जानवरों की चर्बी और मिलावटी तेल की पुष्टि हुई है, जो करोड़ों भक्तों की आस्था पर सीधा प्रहार है।
दोषियों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई का संकल्प
बताते चले कि, इस विवाद पर उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण का रुख भी अत्यंत सख्त नजर आ रहा है। टीडीपी प्रवक्ता के अनुसार, पवन कल्याण ने स्पष्ट किया है कि हिंदू धर्म की गरिमा और पवित्रता की सुरक्षा उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जो कोई भी धार्मिक प्रतीकों और आस्था के केंद्रों के साथ इस तरह का विश्वासघात करेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि इस कृत्य के पीछे जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कानून के तहत अधिकतम और कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
FSSAI मानकों का सख्त पालन
भविष्य में इस तरह की चूक को रोकने के लिए नायडू सरकार ने तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के खरीद नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। जैन ने बताया कि अब मंदिर में उपयोग होने वाली सभी खाद्य सामग्रियां, विशेषकर घी, केवल FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण) द्वारा प्रमाणित और लैब-परीक्षित होने के बाद ही स्वीकार की जाएंगी। मंदिर प्रशासन अब गुणवत्ता नियंत्रण (Quality Control) के लिए नई तकनीक और सख्त निगरानी प्रणाली अपना रहा है ताकि प्रसादम की शुद्धता बनी रहे।
लड्डू प्रकरण पर भाजपा का तीखा हमला
इस मुद्दे पर केवल टीडीपी ही नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी भी आक्रामक है। तेलंगाना भाजपा नेता एन. रामचंदर राव ने इसे धार्मिक भावनाओं का घोर अपमान और सार्वजनिक स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बताया है। उन्होंने मांग की है कि वाईएसआरसीपी नेतृत्व को अपनी गलतियों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। विपक्षी खेमे में इस मुद्दे को लेकर भारी आक्रोश है, और इसे ‘अपवित्र गठबंधन’ की राजनीति का परिणाम बताया जा रहा है।
SC का हस्तक्षेप और SIT जांच पर कानूनी स्थिति
कानूनी मोर्चे पर, 23 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें राज्य सरकार द्वारा गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की प्रक्रिया को चुनौती दी गई थी। कोर्ट के इस रुख से साफ है कि वर्तमान में चल रही जांच जारी रहेगी। तिरुपति मंदिर, जो दुनिया के सबसे धनी और पवित्र तीर्थस्थलों में से एक है, वहां इस तरह का विवाद न केवल आंध्र प्रदेश बल्कि पूरे देश के धार्मिक और राजनीतिक वातावरण को प्रभावित कर रहा है।









