
Tiger Shroff Shooting Case: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस और जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस सनसनीखेज वारदात के सिलसिले में इंदौर से आरोपी प्रांजल ठाकरान को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस द्वारा की गई पड़ताल में सामने आया है कि वारदात के बाद आरोपी बेहद शातिर तरीके से अपनी पहचान छिपाकर पुलिस को चकमा देने की कोशिश कर रहा था।
पुलिस को चकमा देने की साजिश

टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर हमला करने के बाद प्रांजल को अच्छी तरह पता था कि मुंबई पुलिस और राज्य की जांच एजेंसियां उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही हैं। किसी भी होटल या लॉज में ठहरने पर पहचान पत्र (ID proof) की आवश्यकता होती है, जिससे पुलिस के हत्थे चढ़ने का डर था। इसलिए वह किसी होटल में रुकने के बजाय सीधे अस्पताल में पनाह ले रहा था। हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला 22 वर्षीय प्रांजल पिछले पांच दिनों से इंदौर में डेरा डाले हुए था। इंदौर के मालवा मिल चौराहे स्थित अंकुर स्टेप डाउन सेंटर में उसका भाई पैरालिसिस (लकवा) के इलाज और फिजियोथेरेपी के लिए भर्ती था।
प्रांजल दिनभर अपने भाई के साथ अस्पताल में रहता और रात होते ही अस्पताल के विजिटर्स रूम में सो जाता था, ताकि किसी को उस पर कोई शक न हो।
सोशल मीडिया पर दबंगई का शौक और आपराधिक बैकग्राउंड

आरोपी प्रांजल ठाकरान का पिछला रिकॉर्ड भी आपराधिक और विवादित रहा है। इंस्टाग्राम पर प्रांजल को अपनी दबंगई और हथियारों का प्रदर्शन करने का गहरा शौक था। उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर पिस्तौल, बंदूक, गले में कारतूस की माला और जेल परिसर के बाहर बनाए गए रील्स व वीडियो बरामद हुए हैं। वह खुद को हिंदू कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग का अध्यक्ष भी बताता था। इसी साल मार्च के महीने में हरियाणा के पानीपत में स्थित एक मनी एक्सचेंज कार्यालय पर हुई गोलीबारी की घटना में भी प्रांजल का नाम प्रमुखता से सामने आया था।

मुंबई फायरिंग में भूमिका और पुलिस की जांच
मुंबई के जुहू इलाके में 18 अक्टूबर को टाइगर श्रॉफ की कार पर 5 से 6 राउंड ताबड़तोड़ फायरिंग की गई थी। इस जानलेवा हमले में अभिनेता टाइगर श्रॉफ तो बाल-बाल बच गए थे, लेकिन उनके ड्राइवर और एक व्लॉगर घायल हो गए थे।
जांच एजेंसियों का मानना है कि प्रांजल को इस हमले की पूरी पूर्व जानकारी थी और उसने मुख्य हमलावरों को हथियार व रसद मुहैया कराने में अहम भूमिका निभाई थी। फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां प्रांजल से कड़ाई से पूछताछ कर रही हैं ताकि फायरिंग सिंडिकेट से जुड़े अन्य आरोपियों तक पहुंचा जा सके।











