Tibet Earthquake : चीन के स्वायत्त क्षेत्र तिब्बत के उत्तरी हिस्से में आए शक्तिशाली भूकंप ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। नागकू शहर के पास गुरुवार रात आए 7.0 तीव्रता के भूकंप से अब तक कम से कम 16 लोगों की मौत होने की खबर है। इस प्राकृतिक आपदा में 46 लोग घायल हुए हैं, जबकि सैकड़ों मकान और मवेशियों के शेड ढह गए हैं। प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान तेजी से चलाया जा रहा है।
नेशनल हाईवे 317 बंद, रेल सेवाओं पर भी रोक
भूकंप के तेज झटकों से पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन हुआ है। इसके कारण अधिकारियों को नेशनल हाईवे 317 के बड़े हिस्से पर यातायात बंद करना पड़ा। फिलहाल इस मार्ग से केवल आपातकालीन वाहनों, राहत दलों और सरकारी सहायता वाहनों को गुजरने की अनुमति दी जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में संचार व्यवस्था भी बाधित हुई है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय रेलवे अधिकारियों ने संबंधित मार्गों पर ट्रेनों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी है।

पांच साल में सबसे शक्तिशाली भूकंप
चीन के सरकारी प्रसारक सीसीटीवी के अनुसार, यह पिछले पांच वर्षों में इस क्षेत्र में आया सबसे शक्तिशाली भूकंप है। अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, भूकंप गुरुवार रात स्थानीय समयानुसार 10 बजकर 33 मिनट पर आया। इसका केंद्र नागकू शहर से लगभग 191 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व में स्थित कम आबादी वाले ऊंचाई वाले इलाके में था। भूकंप का केंद्र जमीन से करीब 18 किलोमीटर नीचे दर्ज किया गया। नागकू, तिब्बत की राजधानी ल्हासा से 300 किलोमीटर से अधिक उत्तर में स्थित है।
339 मकान और 20 मवेशी शेड हुए जमींदोज
नागकू मीडिया कार्यालय ने स्थानीय प्रशासन के हवाले से बताया कि भूकंप के कारण अब तक कम से कम 339 मकान और 20 मवेशी शेड पूरी तरह ध्वस्त हो चुके हैं। हादसे में घायल 46 लोगों में से 11 की हालत गंभीर बताई गई है, जबकि 35 अन्य लोगों को मामूली चोटें आई हैं। मलबे में फंसे लोगों की तलाश और घायलों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए अभियान जारी है। प्रशासन नुकसान का आकलन करने के साथ प्रभावित परिवारों की सहायता में जुटा है।

1,600 से अधिक बचावकर्मी राहत कार्य में तैनात
भूकंप प्रभावित काउंटी और आसपास के क्षेत्रों में 1,600 से अधिक बचावकर्मियों और जवानों को तैनात किया गया है। बेघर हुए लोगों को राहत देने के लिए लगभग 1,000 प्रीफैब्रिकेटेड आवास इकाइयां और करीब 3,000 टेंट भेजे गए हैं। इसके अलावा फोल्डिंग बेड, टॉर्च और सर्दी से बचाव के लिए गर्म कपड़ों की व्यवस्था भी की गई है।
बर्फबारी से बचाव अभियान में बढ़ सकती है मुश्किल
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, इस ऊंचाई वाले क्षेत्र में अगले तीन दिनों के दौरान रुक-रुककर भारी बर्फबारी होने का अनुमान है। खराब मौसम, ठंड और दुर्गम पहाड़ी रास्तों के कारण राहत कार्यों में चुनौतियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने मलबे में फंसे लोगों को बचाने, प्रभावित परिवारों को सुरक्षित आश्रय देने और आवश्यक सेवाएं बहाल करने की बड़ी चुनौती है। राहत अभियान के बीच सभी की नजरें बचाव कार्य की प्रगति और नुकसान की विस्तृत जानकारी पर टिकी हैं।










