US Iran Conflict : ट्रंप का ईरान पर बड़ा आरोप, तेल कीमतों और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ा तनाव

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। डोनाल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान तेल की कीमतें बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। वहीं, होर्मुज जलडमरूमध्य में सात तेल टैंकरों को नुकसान पहुंचने का दावा सामने आया है। क्या क्षेत्र में फिर व्यापक युद्ध शुरू होगा?

US Iran Conflict

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अक्टूबर 23, 2026

US Iran Conflict :  अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ट्रंप का दावा है कि ईरान अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान इसके लिए हर संभव तरीका अपना रहा है। हालांकि, ये आरोप अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान पर आधारित हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति पर ट्रंप का दावा

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से संघर्ष शुरू होने से पहले की तुलना में भी अधिक तेल गुजर रहा है। इसके बावजूद, उनके अनुसार, ईरान तेल की कीमतें बढ़ाने के प्रयास कर रहा है। ट्रंप ने ईरान पर फर्जी हमलों और समुद्री बारूदी सुरंगों को लेकर मनगढ़ंत कहानियां फैलाने का आरोप भी लगाया। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, इसलिए यहां तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर पड़ सकता है।

ईरानी सरकार पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा का आरोप

अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान की सरकार पर प्रदर्शनकारियों की हत्या करने और विरोध करने वालों के खिलाफ हिंसा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने ईरानी शासन को ‘दुष्ट’ बताते हुए कहा कि अमेरिकी जनता और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को उसके कथित व्यवहार को समझना चाहिए। ट्रंप ने अपने बयान में ईरान की सरकार की कड़ी आलोचना की। हालांकि, प्रदर्शनकारियों की मौत से जुड़ी उनकी ओर से बताई गई संख्या की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं की जा सकती।

सात महीने से कम समय में 75 हजार मौतों का दावा

ट्रंप ने दावा किया कि सात महीने से भी कम समय में 75,000 प्रदर्शनकारी मारे जा चुके हैं। उन्होंने इस कथित घटनाक्रम पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय और डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रतिक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए। उनके बयान का उद्देश्य ईरान की सरकार पर दबाव बढ़ाना और उसके खिलाफ अपने रुख को दोहराना माना जा सकता है। हालांकि, मौतों की इस संख्या को स्वतंत्र स्रोतों से सत्यापित किए बिना पुष्ट तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए।

ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे: ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अमेरिका ऐसा कभी नहीं होने देगा। परमाणु कार्यक्रम लंबे समय से दोनों देशों के बीच विवाद का प्रमुख विषय रहा है। इस मुद्दे पर बढ़ता तनाव क्षेत्रीय सुरक्षा, कूटनीतिक वार्ताओं और मध्य पूर्व की स्थिरता को प्रभावित कर सकता है। ट्रंप के ताजा बयान से संकेत मिलता है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिकी प्रशासन का रुख सख्त बना हुआ है।

होर्मुज में सात तेल टैंकरों को नुकसान पहुंचने का दावा

ट्रंप का बयान ऐसे समय आया है, जब ईरान ने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में पिछली रात हुए हमलों या समुद्री बारूदी सुरंगों के विस्फोटों के कारण सात तेल टैंकरों में आग लगी या उन्हें नुकसान पहुंचा। यदि इस दावे की पुष्टि होती है, तो यह क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और तेल परिवहन के लिए गंभीर चिंता का विषय हो सकता है। हालांकि, इन घटनाओं के कारणों और नुकसान की वास्तविक स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

क्या फिर व्यापक युद्ध की आशंका बढ़ रही है?

अमेरिका और ईरान के बीच आरोप-प्रत्यारोप ऐसे समय तेज हुए हैं, जब क्षेत्र में व्यापक संघर्ष दोबारा शुरू होने की आशंका जताई जा रही है। होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी सैन्य घटना से तेल की आपूर्ति, जहाजों की आवाजाही और वैश्विक बाजार प्रभावित हो सकते हैं। फिलहाल, ट्रंप के आरोपों और टैंकरों को नुकसान पहुंचने के दावों की पुष्टि महत्वपूर्ण होगी। आने वाले दिनों में दोनों देशों की रणनीति और संभावित कूटनीतिक प्रयास यह तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं कि तनाव और बढ़ेगा या स्थिति नियंत्रण में आएगी।