हजारों छात्र सड़क पर, यूजीसी नियमों पर विरोध-समर्थन में पुलिस से भिड़ंत

पटना यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के बाद सियासत चरम पर है। बिहार की राजधानी पटना में यूजीसी नियमों के समर्थन में सोमवार को हजारों की संख्या में छात्र सड़क पर उतर गए। उन्होंने उच्च शिक्षण संस्थानों में यूजीसी के नए समानता नियमों से रोक हटाने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान पटना पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों की झड़प हो गई। पुलिस ने दो छात्र नेताओं को हिरासत में लिया है। हिरासत में लिए गए छात्र नेताओं में अमर आजाद और मनीष यादव शामिल हैं। पुलिस दोनों को पकड़कर

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Published On :

फ़रवरी 2, 2026

पटना
यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के बाद सियासत चरम पर है। बिहार की राजधानी पटना में यूजीसी नियमों के समर्थन में सोमवार को हजारों की संख्या में छात्र सड़क पर उतर गए। उन्होंने उच्च शिक्षण संस्थानों में यूजीसी के नए समानता नियमों से रोक हटाने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान पटना पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों की झड़प हो गई। पुलिस ने दो छात्र नेताओं को हिरासत में लिया है।

हिरासत में लिए गए छात्र नेताओं में अमर आजाद और मनीष यादव शामिल हैं। पुलिस दोनों को पकड़कर कोतवाली थाने ले गई। दरअसल, यूजीसी नियमों के समर्थन में छात्र संगठनों की ओर से सोमवार को पटना में मार्च निकाला गया। पटना कॉलेज से गांधी मैदान तक मार्च कर रहे स्टूडेंट्स को पुलिस ने जेपी गोलंबर के पास बैरिकेडिंग कर रोक दिया।

प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग को हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे। इस दौरान गहमागहमी की स्थिति बन गई। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। वाटर कैनन की गाड़ियां भी बुलाई गई हैं। प्रदर्शनकारी भी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। पटना यूनिवर्सिटी के विभिन्न छात्रावासों में रहने वाले हजारों छात्र इस मार्च में शामिल हुए।

बता दें कि यूजीसी ने पिछले महीने यूनिवर्सिटी एवं कॉलेजों में एससी, एसटी और ओबीसी छात्र-छात्राओं के साथ भेदभाव को रोकने के लिए नए नियमों को लागू किया था। सवर्ण वर्ग के छात्र-छात्राओं ने इस पर आपत्ति जताई और वापस लेने की मांग की गई। बाद में यह मामला सुप्रीम कोर्ट गया तो शीर्ष अदालत ने इन नियमों पर अंतरिम रोक लगा दी।

यूजीसी नियमों का जहां सवर्ण वर्ग के लोग विरोध कर रहे हैं, वहीं दलित एवं पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राएं एवं संगठन इसके समर्थन में हैं। फिलहाल अदालत ने यूजीसी और केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर इस पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।

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