मुंगेर के युवा ने घूम डाले दुनिया के सभी देश, हर सफर की निशानी है विदेशी मुद्रा

पटना  आपने कई लोगों को पुराने नोट, सिक्के जमा करते हुए देखा या सुना होगा। कई लोगों के पास पुराने सिक्के और नोट मिल जाएंगे। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कोई दुनिया के सभी देशों की करेंसी को याद के तौर पर जमा कर ले। जी हां, बिहार के शुभम कुमार ने दुनिया के 197 देशों की करेंसी का खजाना जमा कर रखा है। उनके पास ब्राजीलिय डॉलर से लेकर भूटान की कसेंसी न्गुल्ट्रम तक है। मुंगेर जिले के रहने वाले हैं शुभम कुमार शुभम कुमार मूल रूप से बिहार के मुंगेर जिले के रहने वाले हैं। उनके

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Published On :

जुलाई 8, 2026

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पटना
 आपने कई लोगों को पुराने नोट, सिक्के जमा करते हुए देखा या सुना होगा। कई लोगों के पास पुराने सिक्के और नोट मिल जाएंगे। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कोई दुनिया के सभी देशों की करेंसी को याद के तौर पर जमा कर ले। जी हां, बिहार के शुभम कुमार ने दुनिया के 197 देशों की करेंसी का खजाना जमा कर रखा है। उनके पास ब्राजीलिय डॉलर से लेकर भूटान की कसेंसी न्गुल्ट्रम तक है।

मुंगेर जिले के रहने वाले हैं शुभम कुमार
शुभम कुमार मूल रूप से बिहार के मुंगेर जिले के रहने वाले हैं। उनके नाम दुनिया के सभी 197 देशों की यात्रा करने का रिकॉर्ड है। वो सबसे कम उम्र के भारतीय और एशियाई हैं, जिन्होंने सभी 197 देशों की यात्रा की है।

शुभम कुमार बताते हैं- 'अपनी दुनिया घूमने की यात्रा का सफर 2018 में शुरू किया था। यात्रा के दौरान कई बार मात्र 500 रुपये प्रतिदिन के खर्च में गुजारा किया। शुरुआत में ज्यादा पैसे नहीं थे। 10 से 12 हजार रुपये हर महीने की कमाई थी। बाद में यूट्यूब चैनल पर 32.1 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर हो गए तो ज्यादा पैसे आने लगे।'

सफर की याद के तौर पर करेंसी जमा करते थे शुभम
अपनी यात्रा के दौरान बिहार के शुभम कुमार ने देशों की करेंसी याद के तौर पर इकट्ठा करना शुरू कर दिया। उनके पास नोट से लेकर सिक्के तक में देशों की करेंसी है। शुभम ने अपने एक वीडियो में बताया कि उन्होंने ब्राजील में अपनी 197वीं और अंतिम देश की यात्रा पूरी की।

शुभम ने ब्राजील में दुनिया घूमने के सफर का किया समापन
उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा- करीब 10 साल पहले एक बैकपैक, बहुत कम पैसों और बड़े सपने के साथ सफर शुरू किया था। इस दौरान ट्रकों, बसों और लोगों से लिफ्ट लेकर यात्राएं कीं। घंटों पैदल भी चले। इस यात्रा का समापन ब्राजील में किया है। दुनिया घूमने के सफर को समाप्त करने के लिए ब्राजील से बेहतर कोई जगह नहीं हो सकती थी।

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