केंद्रीय बजट 2026-27 विकसित भारत की दिशा में होगा महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

प्रधानमंत्री  मोदी का माना आभार और केंद्रीय वित्त मंत्री मती सीतारमण को दी बधाई भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने केंद्रीय बजट 2026-27 को विकसित भारत की दिशा में महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत @2047 के दृष्टिकोण को नई गति देगा। बजट में समग्र राष्ट्र दृष्टिकोण और पंच प्राण के सिद्धांत को मूर्त रूप दिया गया है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने प्रधानमंत्री  मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया और केंद्रीय वित्त मंत्री मती निर्मला सीतारमण को इस ऐतिहासिक बजट के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी

Wrriten By :

Editor

Published On :

फ़रवरी 1, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

प्रधानमंत्री  मोदी का माना आभार और केंद्रीय वित्त मंत्री मती सीतारमण को दी बधाई

भोपाल
उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने केंद्रीय बजट 2026-27 को विकसित भारत की दिशा में महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत @2047 के दृष्टिकोण को नई गति देगा। बजट में समग्र राष्ट्र दृष्टिकोण और पंच प्राण के सिद्धांत को मूर्त रूप दिया गया है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने प्रधानमंत्री  मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया और केंद्रीय वित्त मंत्री मती निर्मला सीतारमण को इस ऐतिहासिक बजट के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।

उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि बजट का उद्देश्य समग्र और सर्वस्पर्शी विकास को सुनिश्चित करना है, ताकि देश के हर क्षेत्र और नागरिक तक विकास की लहर पहुँच सके। उन्होंने कहा कि पूंजीगत व्यय को रिकॉर्ड स्तर तक बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया गया है, जिससे बुनियादी ढांचे, परिवहन, ऊर्जा और डिजिटल संपर्क को मजबूती मिलेगी तथा रोजगार के अवसरों और उत्पादन में वृद्धि होगी। साथ ही, सरकार ने राजकोषीय अनुशासन बनाए रखते हुए राजकोषीय घाटा 4.3 प्रतिशत के करीब रखा है, जिससे दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित होगी।

उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने स्वास्थ्य के क्षेत्र को बजट में विशेष प्राथमिकता देने के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बायोफार्मा शक्ति पहल के तहत अगले पांच वर्षों में 10 हज़ार करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है, जिससे भारत बायोलॉजिक और बायोसिमिलर दवाओं में आत्मनिर्भर बनेगा। साथ ही, आयुष और पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों के लिए पांच क्षेत्रीय आयुष मेडिकल हब और तीन नए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इससे स्वास्थ्य शिक्षा, अनुसंधान और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और वैश्विक स्वास्थ्य पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि शिक्षा और कौशल विकास के लिये बजट में महत्वपूर्ण प्रावधान किये गये हैं। स्वास्थ्य शिक्षा और एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल क्षेत्र में प्रशिक्षण देने, 1.5 लाख केयरगिवर्स प्रशिक्षित करने और 1 हज़ार से अधिक क्लिनिकल ट्रायल साइटस स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में दक्ष कर्मचारियों की पूर्ति होगी और स्वास्थ्य अनुसंधान की क्षमता बढ़ेगी।

उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि मध्यम वर्ग और करदाताओं के लिए बजट में दिये गये संकेतों से आर्थिक गतिविधियों में सुगमता और पारदर्शिता बढ़ेगी। डिजिटल संपर्क, ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य केंद्रों के लिए ब्रॉडबैंड, विज्ञान और प्रौद्योगिकी में निवेश को प्राथमिकता देने से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को स्वास्थ्य, शिक्षा और उद्यमिता में बेहतर अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि इस बजट में यह स्पष्ट है कि “सबका साथ, सबका विकास” नीति निर्माण का आधार है। यह बजट आर्थिक विकास, स्वास्थ्य सुरक्षा, सामाजिक समावेशन और तकनीकी प्रगति को एकसाथ जोड़कर देश के सभी नागरिकों तक विकास की लहर पहुँचाने का प्रयास करता है।

Leave a Comment

2