छत्तीसगढ़ में आदिवासियों की जल्द रिहाई की विकास परिषद ने बनाई लिस्ट

कोरबा. कोरबा आदिवासी विकास परिषद के अध्यक्ष केआर शाह ने प्रदेश की अलग-अलग जेलों में बंद आदिवासियों को रिहा करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि परिषद ऐसे आदिवासियों की सूची तैयार करेगी, जो जानकारी के अभाव, आर्थिक तंगी या बेवजह अपराध से अधिक सजा काट रहे हैं। शाह ने बताया कि परिषद इन आदिवासियों की रिहाई के लिए कानूनी सहायता प्रदान करेगी, जिसमें वकीलों का पूरा खर्च भी शामिल होगा। इसका मुख्य उद्देश्य उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। मीडिया से चर्चा करते हुए शाह ने शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण मांग रखी। उन्होंने सभी आदिवासी क्षेत्रों

Wrriten By :

Editor

Published On :

जनवरी 4, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

कोरबा.

कोरबा आदिवासी विकास परिषद के अध्यक्ष केआर शाह ने प्रदेश की अलग-अलग जेलों में बंद आदिवासियों को रिहा करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि परिषद ऐसे आदिवासियों की सूची तैयार करेगी, जो जानकारी के अभाव, आर्थिक तंगी या बेवजह अपराध से अधिक सजा काट रहे हैं।

शाह ने बताया कि परिषद इन आदिवासियों की रिहाई के लिए कानूनी सहायता प्रदान करेगी, जिसमें वकीलों का पूरा खर्च भी शामिल होगा। इसका मुख्य उद्देश्य उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। मीडिया से चर्चा करते हुए शाह ने शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण मांग रखी। उन्होंने सभी आदिवासी क्षेत्रों में डीपीएस (दिल्ली पब्लिक स्कूल) की तर्ज पर हाई स्कूल खोलने की वकालत की, ताकि हर वर्ग के लोगों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल सके। इसके अलावा शाह ने बस्तर को अलग राज्य बनाने पर भी अपनी सहमति व्यक्त की। उन्होंने कहा कि छोटे राज्यों के गठन से क्षेत्र का विकास होता है, इसमें कोई संदेह नहीं है। केआर शाह कोरबा में जयपाल सिंह मुंडा की जयंती की तैयारियों के सिलसिले में पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि जेल में बंद आदिवासियों की रिहाई परिषद की छह प्रमुख मांगों में से एक है।

Leave a Comment

2