अंबरनाथ में बदला खेल, कांग्रेस का सफाया, BJP का बिना गठबंधन के पलड़ा भारी

मुंबई  महाराष्ट्र महानगरपालिका चुनाव के तहत अंबरनाथ में जो हुआ, वह किसी ने सोचा भी नहीं होगा. दो दुश्मन पार्टियां, बीजेपी और कांग्रेस ने यहां गठबंधन कर लिया था. इस फैसले पर कांग्रेस आलाकमान ने नाराजगी जताई और 12 पार्षदों को निलंबित कर दिया. इसके बाद इन निलंबित पार्षदों के साथ मिलकर बीजेपी ने अंबरनाथ में खेला कर दिया.  अंबरनाथ में कांग्रेस के जिन पार्षदों ने बीजेपी के साथ गठबंधन किया था और कांग्रेस ने उनपर कार्रवाई की थी, वे सभी बीजेपी में शामिल हो गए हैं. यानी अंबरनाथ अब पूर्ण रूप से कांग्रेस मुक्त हो गया है. यहां नुकसान

Wrriten By :

Editor

Published On :

जनवरी 8, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

मुंबई 

महाराष्ट्र महानगरपालिका चुनाव के तहत अंबरनाथ में जो हुआ, वह किसी ने सोचा भी नहीं होगा. दो दुश्मन पार्टियां, बीजेपी और कांग्रेस ने यहां गठबंधन कर लिया था. इस फैसले पर कांग्रेस आलाकमान ने नाराजगी जताई और 12 पार्षदों को निलंबित कर दिया. इसके बाद इन निलंबित पार्षदों के साथ मिलकर बीजेपी ने अंबरनाथ में खेला कर दिया. 

अंबरनाथ में कांग्रेस के जिन पार्षदों ने बीजेपी के साथ गठबंधन किया था और कांग्रेस ने उनपर कार्रवाई की थी, वे सभी बीजेपी में शामिल हो गए हैं. यानी अंबरनाथ अब पूर्ण रूप से कांग्रेस मुक्त हो गया है. यहां नुकसान कांग्रेस का ही हुआ है और फायदा बीजेपी का. साथ ही, शिंदे गुट भी महानगरपालिका से दूर हो गया है.

देवेंद्र फडणवीस ने भी जताई थी नाराजगी

अंबरनाथ में हुए बीजेपी-कांग्रेस गठबंधन के फैसले पर खुद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नाराजगी जाहिर की थी. इसके बाद गठबंधन टूट गया था. इसके बाद कांग्रेस ने भी एक्शन लिया था. अब नया अपडेट यह है कि कांग्रेस के 12 पार्षद बीजेपी में आ गए हैं. 

शिंदे गुट को हुआ भारी नुकसान

दरअसल, बीजेपी ने एकनाथ शिंदे की शिवसेना को अंबरनाथ से दूर करने के लिए ही कांग्रेस के साथ अलायंस किया था. यह फैसला पूरी तरह से बीजेपी के हित में ही जाते दिख रहा है क्योंकि शिवसेना तो सत्ता से दूर हो ही गई है, साथ ही कांग्रेस भी अंबरनाथ से गायब हो गई है.  

निलंबित पार्षदों के BJP में शामिल होने पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया

अंबरनाथ कांग्रेस अध्यक्ष का दावा है कि गठबंधन का पहला प्रस्ताव बीजेपी ने ही कांग्रेस को भेजा था. हालांकि, इस ऑफर को स्वीकार करने का फैसला लेते समय पार्टी के राज्य कार्यालय को अंधेरे में रखा गया. इसी वजह से आलाकमान ने पाटिल के खिलाफ एक्शन लिया है. अब तस्वीर यह है कि कांग्रेस के निलंबित पार्षदों के साथ होने से बीजेपी का काम आसान हो जाएगा.

Leave a Comment

2