Goldy Brar Story: अपराध की दुनिया से जुड़ी एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने भारतीय मूल के कुख्यात भगोड़े गैंगस्टर सतिंदरजीत सिंह उर्फ ‘गोल्डी बराड़’ को अपनी दुनिया के ‘टॉप 10 मोस्ट वांटेड’ अपराधियों की सूची में शामिल कर लिया है। इतना ही नहीं, अमेरिकी एजेंसी ने उसे पकड़वाने या उसके बारे में पुख्ता जानकारी देने वाले को 10 लाख अमेरिकी डॉलर (यानी करीब 8 करोड़ रुपये से अधिक) तक का भारी इनाम देने की घोषणा भी की है। गोल्डी बराड़ को खतरनाक लॉरेंस बिश्नोई संगठित आपराधिक गिरोह के नॉर्थ अमेरिकन लीडर के तौर पर वांटेड घोषित किया गया है। आइए जानते हैं एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाला गोल्डी बराड़ कैसे अपराध के दलदल में उतरा और इंटरनेशनल गैंगस्टर बन गया।
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कौन है गोल्डी बराड़? कॉलेज के दिनों में लॉरेंस बिश्नोई से हुई थी मुलाकात

गैंगस्टर गोल्डी बराड़ का वास्तविक नाम सतिंदरजीत सिंह है। उसका जन्म साल 1994 में पंजाब के मुक्तसर जिले के आदर्श नगर में एक पुलिस परिवार में हुआ था। उसके पिता शमशेर सिंह पंजाब पुलिस में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) थे और माता प्रीतपाल कौर एक गृहिणी थीं। परिवार की इच्छा थी कि बेटा अच्छी शिक्षा ग्रहण कर एक सम्मानित जीवन जिए और कोई अच्छी नौकरी करे। हालांकि, पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान उसकी जिंदगी ने एक खतरनाक मोड़ ले लिया। कॉलेज के दिनों में उसकी मुलाकात कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से हुई। धीरे-धीरे दोनों की दोस्ती गहरी होती गई और देखते ही देखते गोल्डी, लॉरेंस का सबसे खास और ‘राइट हैंड’ बन गया।
कनाडा का स्टूडेंट वीजा और अपराध का बढ़ता दायरा

जब गोल्डी गलत संगत में पूरी तरह संलिप्त हो गया और आपराधिक गतिविधियों में उसका नाम आने लगा, तो परिवार ने उसे सुधारने की उम्मीद से साल 2017 में स्टूडेंट वीजा पर कनाडा भेज दिया। ओंटारियो पहुंचने के बाद उसने शुरुआत में अपनी आजीविका चलाने के लिए ट्रक ड्राइवर, डिलीवरी एग्जीक्यूटिव और अन्य छोटे-मोटे काम किए। लेकिन विदेश की धरती पर पहुंचने के बाद भी उसका संपर्क लॉरेंस बिश्नोई और भारत के अन्य अपराधियों के साथ लगातार बना रहा। उसने कनाडा में बैठकर ही अपने आपराधिक सिंडिकेट को ऑपरेट करना शुरू किया और वहीं से भारत में कई बड़ी वारदातों को अंजाम दिलवाया। इसके बाद वह कभी लौटकर भारत वापस नहीं आया।
सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड से आया सुर्खियों में, भारत सरकार ने घोषित किया आतंकी

गोल्डी बराड़ का नाम उस समय पूरी दुनिया में सुर्खियों में आया, जब 29 मई 2022 को पंजाब के मानसा जिले में मशहूर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की दिनदहाड़े निर्मम हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज हत्याकांड की जिम्मेदारी सोशल मीडिया के माध्यम से गोल्डी बराड़ और लॉरेंस बिश्नोई ने खुलेआम ली थी। जांच में खुलासा हुआ कि अकाली दल के नेता विक्की मिद्दुखेड़ा की हत्या का बदला लेने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया गया था। इसके बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए साल 2024 में कड़े कानूनों के तहत गोल्डी बराड़ को आधिकारिक रूप से आतंकवादी घोषित कर दिया। वह बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को भी कई बार जान से मारने की धमकियां दे चुका है।
एफबीआई (FBI) का शिकंजा और 10 लाख डॉलर का भारी इनाम
अब अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने आधिकारिक बयान जारी कर गोल्डी बराड़ को अपने टॉप 10 सबसे वांछित भगोड़ों की सूची में डाल दिया है। एफबीआई के अनुसार, यह गिरोह दक्षिणी कैलिफोर्निया, अमेरिका और कनाडा में हत्या, जबरन वसूली, अपहरण, गोलीबारी और ड्रग्स-हथियारों की तस्करी जैसी कई गंभीर हिंसक वारदातों में सक्रिय रूप से शामिल रहा है। अमेरिकी सरकार द्वारा घोषित इस बड़े इनाम के बाद गोल्डी बराड़ पर शिकंजा और अधिक कसता जा रहा है।
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